3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

गिनती 36

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

एक समय की बात है। पाँच बहनें थीं। उनके नाम थे महला, तिर्सा, होग्ला, मिल्का और नोवा। उनके पिता का नाम सलोफाद था। पिता अब नहीं थे। पर पिता के पास एक टुकड़ा ज़मीन थी। उस ज़मीन पर घास उगती थी। उस पर फूल खिलते थे। वह ज़मीन उनके परिवार की थी।

पाँचों बहनों के कुछ रिश्तेदार मूसा के पास आए। वे चिंतित थे। उन्होंने कहा, “अगर ये बहनें किसी और घराने के आदमी से ब्याह करेंगी, तो क्या होगा? तब हमारी ज़मीन दूसरे घराने की हो जाएगी।” वे ज़मीन खोना नहीं चाहते थे।

मूसा ने ध्यान से सुना। फिर मूसा ने प्रभु से पूछा। प्रभु ने जवाब दिया।

What Does This Mean?

प्रभु ने कहा, “ये बहनें ठीक कहती हैं।” प्रभु ने एक रास्ता बताया। बहनें ब्याह कर सकती थीं, पर अपने ही घराने के किसी आदमी से। ऐसे में ज़मीन घर में ही रहती। वह कहीं और नहीं जाती।

बहनों ने सुना। बहनों ने माना। महला, तिर्सा, होग्ला, मिल्का और नोवा, पाँचों ने अपने ही रिश्तेदारों से ब्याह किया। ज़मीन अपने परिवार में ही रह गई। पिता का नाम ज़मीन पर बना रहा।

The Common Thread

प्रभु ने इस्राएल के हर घराने का ख्याल रखा था। उसने हर परिवार को अपनी ज़मीन दी थी। वह ज़मीन उपहार थी। प्रभु चाहते थे कि हर घराने के पास अपनी जगह बनी रहे। प्रभु छोटी-छोटी बातों को भी देखते हैं। पाँच बहनों की चिंता को भी। प्रभु भूलते नहीं।

For You

तुम्हारे पास भी कुछ अपना होता है। शायद तुम्हारा खिलौना। शायद तुम्हारा कंबल। तुम उसे संभाल कर रखते हो। प्रभु भी वैसे ही तुम्हें संभाल कर रखते हैं। वे तुम्हें नहीं भूलते। जैसे उन्होंने उन पाँच बहनों की सुनी, वैसे ही वे तुम्हारी भी सुनते हैं।

Talk About It

तुम्हारे पास सबसे प्यारी चीज़ कौन सी है, जिसे तुम हमेशा अपने पास रखना चाहते हो?

क्या तुम्हें लगता है प्रभु छोटी बातों को भी सुनते हैं, जैसे उन्होंने उन बहनों की सुनी?

Praying Together

प्रिय प्रभु, धन्यवाद कि आप सबकी सुनते हैं। धन्यवाद कि आप हमें नहीं भूलते। हमें भी याद रखिए। आमीन।

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गिनती 36 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

गिनती 36 किस विषय में है?
एक समय की बात है। पाँच बहनें थीं। उनके नाम थे महला, तिर्सा, होग्ला, मिल्का और नोवा। उनके पिता का नाम सलोफाद था। पिता अब नहीं थे। पर पिता के पास एक टुकड़ा ज़मीन थी। उस ज़मीन पर घास उगती थी। उस पर फूल खिलते थे। वह ज़मीन उनके परिवार की थी।
गिनती 36 क्या कहता है?
मूसा ने ध्यान से सुना। फिर मूसा ने प्रभु से पूछा। प्रभु ने जवाब दिया।
गिनती 36 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बहनों ने सुना। बहनों ने माना। महला, तिर्सा, होग्ला, मिल्का और नोवा, पाँचों ने अपने ही रिश्तेदारों से ब्याह किया। ज़मीन अपने परिवार में ही रह गई। पिता का नाम ज़मीन पर बना रहा।
नन्हे बच्चे गिनती 36 से क्या सीख सकते हैं?
तुम्हारे पास भी कुछ अपना होता है। शायद तुम्हारा खिलौना। शायद तुम्हारा कंबल। तुम उसे संभाल कर रखते हो। प्रभु भी वैसे ही तुम्हें संभाल कर रखते हैं। वे तुम्हें नहीं भूलते। जैसे उन्होंने उन पाँच बहनों की सुनी, वैसे ही वे तुम्हारी भी सुनते हैं।
गिनती 36 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें लगता है प्रभु छोटी बातों को भी सुनते हैं, जैसे उन्होंने उन बहनों की सुनी?

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