3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

ओबद्याह 1

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

बात यह कहती है

एक ऊँचा, ऊँचा पहाड़ था। उसका नाम था एदोम। पहाड़ की चोटी पर लोग रहते थे। वे सोचते थे, "हम बहुत ऊँचे हैं। हमें कोई नहीं गिरा सकता।"

पर परमेश्वर ने देखा। परमेश्वर सब कुछ देखते हैं।

एदोम के लोगों का एक भाई था। उसका नाम याकूब था। जब याकूब पर मुसीबत आई, जब दुश्मन उसके घर में घुसे, तब एदोम के लोगों ने क्या किया?

वे खड़े रहे। और देखते रहे। वे हँसे भी। उन्होंने अपने भाई की मदद नहीं की।

यह बहुत दुःख की बात थी।

इसका मतलब क्या है

परमेश्वर ने कहा, "मैंने देखा है।" परमेश्वर ने एदोम से कहा, "तुम बहुत ऊँचे उड़ते हो, चील पक्षी की तरह। तुम तारों के बीच घोंसला बनाते हो। पर मैं तुम्हें वहाँ से नीचे गिराऊँगा।"

क्यों? क्योंकि एदोम ने अपने भाई से प्यार नहीं किया।

परमेश्वर को यह अच्छा नहीं लगता, जब कोई अपने भाई को दुःख में अकेला छोड़ दे। जब कोई किसी के गिरने पर हँसे।

परमेश्वर देखते हैं। और परमेश्वर याद रखते हैं।

कहानी का धागा

पर परमेश्वर ने एक और बात कही। उन्होंने कहा, "सिय्योन पहाड़ पर कुछ लोग बच जाएँगे।" वह पहाड़ पवित्र रहेगा। याकूब का घर फिर से खड़ा होगा।

परमेश्वर अपने लोगों को नहीं भूलते। जब सब कुछ टूट जाता है, तब भी परमेश्वर बचाते हैं।

बहुत बाद में, परमेश्वर ने अपने बेटे यीशु को भेजा। यीशु उन सब के लिए आए, जो गिर गए थे। जो दुःखी थे। जो अकेले थे। यीशु ने कभी किसी पर हँसी नहीं उड़ाई। यीशु ने हमेशा प्यार किया।

तेरे लिए

क्या तुम्हारा कोई दोस्त कभी गिर जाता है? रोता है?

तब तुम क्या करोगे? क्या तुम हँसोगे? या तुम उसके पास जाओगे?

परमेश्वर चाहते हैं, हम अपने भाई-बहनों से प्यार करें। जब वे दुःखी हों, तब उनके पास जाएँ। उनका हाथ पकड़ें।

परमेश्वर हमेशा प्यार करने वालों के पास रहते हैं।

बातचीत के लिए:

जब तुम्हारा दोस्त गिर जाए, तुम क्या करोगे?

परमेश्वर सब कुछ क्यों देखते हैं?

आओ प्रार्थना करें

हे प्रभु, आप हमें देखते हैं। हमें सिखाइए, अपने दोस्तों से प्यार करना। जब कोई गिर जाए, हमें उसकी मदद करना सिखाइए। जैसे यीशु ने प्यार किया। आमीन।

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ओबद्याह 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

ओबद्याह 1 किस विषय में है?
एक ऊँचा, ऊँचा पहाड़ था। उसका नाम था एदोम। पहाड़ की चोटी पर लोग रहते थे। वे सोचते थे, "हम बहुत ऊँचे हैं। हमें कोई नहीं गिरा सकता।"
ओबद्याह 1 क्या कहता है?
वे खड़े रहे। और देखते रहे। वे हँसे भी। उन्होंने अपने भाई की मदद नहीं की।
ओबद्याह 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
परमेश्वर को यह अच्छा नहीं लगता, जब कोई अपने भाई को दुःख में अकेला छोड़ दे। जब कोई किसी के गिरने पर हँसे।
नन्हे बच्चे ओबद्याह 1 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर अपने लोगों को नहीं भूलते। जब सब कुछ टूट जाता है, तब भी परमेश्वर बचाते हैं।
ओबद्याह 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हारा कोई दोस्त कभी गिर जाता है? रोता है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 16

एदोम ने यरूशलेम के गिरने पर जश्न मनाया था, परमेश्वर के पवित्र पर्वत पर प्याला उठाकर पिया था। अब वही प्याला उसके अपने हाथ में थमा दिया जाता है, "वे ऐसी हो जाएँगी जैसे कभी थीं ही नहीं।" जिस पीड़ा पर तू आज हँसता है, कल वह तेरे दरवाज़े पर दस्तक दे सकती है। किसी के गिरने की खबर सुनकर तेरे मन में सबसे पहले क्या उठता है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 19

दक्षिण देश के लोग एसाव के पहाड़ के अधिकारी हो जाएँगे", यह उन लोगों से कहा गया जिनसे सब कुछ छिन चुका था। जो अपना घर खो बैठे थे, उन्हें पहाड़ मिल रहे हैं। यह सिर्फ वापसी नहीं, बढ़ोतरी है। तेरा नुकसान परमेश्वर के हिसाब में आखिरी शब्द नहीं है। जो आज तेरे हाथ से गिर गया, वह उसकी सूची में दर्ज है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

एदोम के लोग चट्टानों की दरारों में अपना खज़ाना छिपाते थे, और सोचते थे कोई यहाँ तक नहीं पहुँच सकता। पर परमेश्वर कहता है, "एसाव की वस्तुएँ कैसी खोज-खोजकर लूटी गईं! उसका छिपा हुआ धन कैसा ढूँढ़ लिया गया!" जिस चीज़ के भरोसे तू चैन से सोता है, ज़रा उसे टटोल कर देख। क्या वह सचमुच तुझे थाम सकती है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 21

ओबद्याह की पूरी पुस्तक एदोम के घमंड और भाइयों के साथ किए गए विश्वासघात का लेखा है, पर आखिरी वाक्य किसी बदले पर नहीं, बल्कि एक राज्य पर खत्म होता है: "और राज्य यहोवा ही का हो जाएगा।"

जिसने तुझे चोट पहुँचाई, उसका हिसाब तेरे हाथ में नहीं। तेरा काम सिय्योन पर चढ़ना है, उद्धार करनेवालों में गिना जाना। क्या तू आज भी उसी राजा के भरोसे जी सकता है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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