फिलिप्पियों 2
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
पौलुस नाम के एक आदमी ने एक चिट्ठी लिखी। वह चुपचाप बैठा था। एक शांत जगह में। पर उसका मन खुश था। क्यों? क्योंकि वह यीशु के बारे में सोच रहा था।
सुनो, यीशु स्वर्ग में रहते थे। वहाँ सब कुछ चमकता था। वे परमेश्वर के साथ थे। बड़े थे। बहुत बड़े। सबसे बड़े।
पर यीशु ने कुछ किया। कुछ अचरज भरा। उन्होंने अपने आपको छोटा कर लिया। बहुत, बहुत छोटा। वे स्वर्ग छोड़ आए। नीचे आए। धरती पर आए।
वे राजा जैसे नहीं आए। सोने का ताज नहीं पहना। महल में नहीं रहे। वे एक दास जैसे आए। दास वह होता है जो सबकी सेवा करता है, हाथ धोता है, पानी लाता है, थककर भी काम करता है। यीशु मनुष्य बन गए। छोटे बच्चे जैसे। भूख लगती थी। थकान लगती थी। हाथ मैले होते थे। पैर धूल से भरे होते थे। सब हमारे जैसे।
What Does This Mean?
यीशु दीन बन गए। बहुत दीन। उन्होंने परमेश्वर की बात मानी। हर बात मानी। यहाँ तक कि एक बहुत दुखभरी बात भी मानी। वे क्रूस पर मरने को तैयार हुए।
क्रूस लकड़ी का था। कठोर, खुरदुरा। वहाँ बहुत दर्द होता था। बहुत सन्नाटा था वहाँ। पर यीशु डरे नहीं। वे क्रूस तक गए। हमारे लिए गए। चुपचाप गए।
The Common Thread
फिर कुछ हुआ। कुछ बहुत सुंदर। परमेश्वर ने यीशु को उठाया। ऊँचा उठाया। बहुत, बहुत ऊँचा। परमेश्वर ने उन्हें सबसे अच्छा नाम दिया। कोई नाम उससे बड़ा नहीं।
अब सुनो। स्वर्ग में सब घुटने टेकते हैं। धरती पर सब घुटने टेकते हैं। धरती के नीचे भी सब घुटने टेकते हैं। हर एक जीभ कहती है, "यीशु मसीह ही प्रभु है।" ऊँची आवाज़ में कहती है। सब मिलकर कहते हैं। यह वादा सच हुआ। यीशु छोटे बने, इसलिए अब वे सबसे ऊँचे हैं।
For You
पौलुस ने कहा, तुम भी यीशु जैसे बनो। दूसरों को अपने से अच्छा समझो। अपनी बात पहले मत रखो।
तुम्हारे पास एक खिलौना है? किसी दोस्त को दे दो। तुम्हारी बारी है झूले पर? किसी और को पहले जाने दो। मम्मी को कोई काम करना है? उनकी मदद करो। किसी को गले लगाओ, जब वह उदास हो। यह छोटा काम भी यीशु जैसा है।
जब तुम किसी की मदद करते हो, चुपचाप, बिना शिकायत किए, तुम थोड़े यीशु जैसे बनते हो।
Talk About It
यीशु स्वर्ग से धरती पर क्यों आए? आज तुम किसकी मदद कर सकते हो?
Praying Together
प्रभु यीशु, आप स्वर्ग से आए। आप बड़े थे, फिर भी छोटे बने। हमारे लिए छोटे बने। धन्यवाद। मुझे भी दूसरों से प्यार करना सिखाइए, चुपचाप, बिना शिकायत किए। आप ही मेरे प्रभु हैं। आमीन।
फिलिप्पियों 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
फिलिप्पियों 2 किस विषय में है?
फिलिप्पियों 2 क्या कहता है?
फिलिप्पियों 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे फिलिप्पियों 2 से क्या सीख सकते हैं?
फिलिप्पियों 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
पौलुस जंजीरों में है, फिर भी उसकी चिंता अपनी नहीं: "मुझे प्रभु यीशु में आशा है कि मैं तीमुथियुस को तुम्हारे पास शीघ्र भेजूँगा, ताकि तुम्हारी दशा सुनकर मुझे शान्ति मिले।" कैदखाने में बैठा आदमी दूसरों का हाल जानकर शांत होता है। सोचो, तुम्हारे मन की शांति किस बात पर टिकी है? अपनी सुविधा पर, या इस पर कि तुम्हारे अपने मसीह में मजबूत खड़े हैं?
विरोध या झूठी बड़ाई के लिए कुछ न करो, पर दीनता से एक दूसरे को अपने से अच्छा समझो।" पौलुस यह जेल से लिख रहा है, और मसीह के झुकने की बात कहने से पहले कह रहा है। ध्यान दे, वह कहता है "समझो", यानी यह मन की बात है, दिखावे की नहीं। आज जिस व्यक्ति से तुलना करके तुम जलते हो, उसी को मन ही मन अपने से अच्छा समझकर देखो। क्या तुम्हारा दिल इसके लिए तैयार है?
इपफ्रुदीतुस बीमार पड़ा, मरते मरते बचा, और खाली हाथ लौटा नहीं, पर शायद लोग सोचते कि वह जल्दी लौट आया। पौलुस पहले ही कह देता है, "इसलिए तुम प्रभु में उससे बहुत आनन्द के साथ भेंट करना, और ऐसों का आदर किया करो।"
जो चुपचाप तेरे लिए घिसते रहे, क्या तूने कभी उन्हें आनन्द से अपनाया? या बस उनसे काम लिया और आगे बढ़ गया?
इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।" ध्यान दो, यह "इस कारण" कहाँ से आता है। क्रूस से। नीचे उतरने से। जिस रास्ते को दुनिया हार कहती है, परमेश्वर उसी को ऊँचा उठाता है।
तो जहाँ तुम आज झुक रहे हो, और किसी को दिख भी नहीं रहा, वहाँ परमेश्वर की नज़र है। वह भूलता नहीं।
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