3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

फिलिप्पियों 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक आदमी था। उसका नाम पौलुस था।

पौलुस को दौड़ना बहुत पसंद था। पर यह कोई साधारण दौड़ नहीं थी।

पौलुस के पास पहले बहुत सी चीज़ें थीं। अच्छी चीज़ें। उसे उन पर बड़ा घमण्ड था।

पर एक दिन पौलुस ने कुछ समझा। उसने सोचा, ये चीज़ें तो कुछ भी नहीं। मुझे तो यीशु चाहिए।

पौलुस ने कहा, वे सब चीज़ें कूड़े जैसी हैं। कूड़ा, यानी बेकार चीज़ें। जो हम फेंक देते हैं।

पौलुस ने अपनी पुरानी चीज़ें फेंक दीं। उसने कहा, अब मुझे बस यीशु चाहिए।

इसका क्या मतलब है?

पौलुस अब दौड़ रहा था। एक बड़ी दौड़ में।

आगे, आगे, आगे वह भागा। पीछे मुड़कर नहीं देखा।

क्यों? क्योंकि यीशु आगे खड़े थे। यीशु उसे बुला रहे थे।

पौलुस थका हुआ था कभी कभी। पर वह रुका नहीं। वह दौड़ता रहा।

पौलुस ने कहा, मैं अभी तक पूरा नहीं पहुँचा। पर मैं दौड़ता रहूँगा। जब तक यीशु के पास न पहुँचूँ।

समान सूत्र

यीशु ही वह इनाम थे। जिसके लिए पौलुस दौड़ रहा था।

पौलुस ने लिखा, हमारा असली घर स्वर्ग में है।

एक दिन प्रभु यीशु मसीह आएँगे। आसमान से, ऊपर से।

वे हमारे कमज़ोर शरीर को बदल देंगे। नया शरीर देंगे। चमकता हुआ शरीर।

जैसे यीशु का अपना शरीर है। सुंदर और मज़बूत।

तुम्हारे लिए

क्या तुमने कभी दौड़ लगाई है? पार्क में, या घर के आँगन में?

दौड़ते समय तुम आगे देखते हो, है ना? पीछे नहीं।

तुम भी यीशु की तरफ दौड़ सकते हो। हर दिन थोड़ा थोड़ा।

जब तुम गिर जाओ, फिर उठ जाओ। और फिर से दौड़ो।

यीशु तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं। हाथ फैलाए हुए।

आपस में बात करें

तुम्हें दौड़ना कब अच्छा लगता है?

पौलुस ने अपनी पुरानी चीज़ें क्यों फेंक दीं?

साथ में प्रार्थना

प्रभु यीशु,

पौलुस आपकी तरफ दौड़ा।

मैं भी आपकी तरफ दौड़ना चाहता हूँ।

मेरा हाथ पकड़ लीजिए।

आमीन।

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फिलिप्पियों 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

फिलिप्पियों 3 किस विषय में है?
पौलुस को दौड़ना बहुत पसंद था। पर यह कोई साधारण दौड़ नहीं थी।
फिलिप्पियों 3 क्या कहता है?
पौलुस के पास पहले बहुत सी चीज़ें थीं। अच्छी चीज़ें। उसे उन पर बड़ा घमण्ड था।
फिलिप्पियों 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पर एक दिन पौलुस ने कुछ समझा। उसने सोचा, ये चीज़ें तो कुछ भी नहीं। मुझे तो यीशु चाहिए।
नन्हे बच्चे फिलिप्पियों 3 से क्या सीख सकते हैं?
पौलुस ने कहा, वे सब चीज़ें कूड़े जैसी हैं। कूड़ा, यानी बेकार चीज़ें। जो हम फेंक देते हैं।
फिलिप्पियों 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पौलुस ने अपनी पुरानी चीज़ें फेंक दीं। उसने कहा, अब मुझे बस यीशु चाहिए।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 17

हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो" ऐसा कहने का साहस पौलुस को कहाँ से मिला? ठीक पिछली आयतों में उसने माना था कि वह अभी पहुँचा नहीं, बस दौड़ रहा है। यानी वह अपनी सिद्धता नहीं, अपनी दिशा दिखा रहा था। सोचो, क्या कोई तुम्हारे पीछे चलकर मसीह तक पहुँच सकता है? तुम्हारी चाल किसी की राह बन रही है, चाहे तुम जानो या न जानो।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

पौलुस कहता है, "यदि किसी को शरीर पर भरोसा रखने का विचार हो, तो मैं उससे भी बढ़कर रख सकता हूँ।" वह खाली हाथ नहीं था। उसके पास वंश, शिक्षा, नाम, सब था। और उसी भरे हाथ से उसने सब कुछ नीचे रखा। खाली हाथ छोड़ना आसान है, भरे हाथ छोड़ना मुश्किल। तेरे हाथ में आज क्या है जिस पर तू चुपके से भरोसा कर रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

पौलुस यह जेल से लिख रहा है, और फिर भी कहता है, "प्रभु में आनन्दित रहो।" साथ में जोड़ता है कि एक ही बात बार बार लिखने में उसे कोई कष्ट नहीं। सोचो, जो बातें हमें सबसे ज़्यादा चाहिए, वही हम सबसे जल्दी भूलते हैं। इसीलिए परमेश्वर थकता नहीं, वह धीरज से फिर वही कहता है। आज तुम्हें भी।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

पौलुस वर्षों तक मसीह की सेवा कर चुका था, फिर भी लिखता है, "यह नहीं कि मैं पा चुका हूँ, या सिद्ध हो चुका हूँ; पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूँ, जिसके लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।" ध्यान दे, दौड़ने से पहले उसे पकड़ा गया था। तू अपनी अधूरी हालत से निराश है, पर जो हाथ तुझे थामे है वह डगमगाता नहीं। आज भी चलता रह।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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