3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

भजन संहिता 50

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

सुबह हुई। सूरज उदयाचल से उगा। आकाश लाल हो गया, फिर सुनहरा। सिय्योन पहाड़ बहुत सुंदर था। वहाँ परमेश्वर की चमक दिखाई दी।

तब परमेश्वर बोले। उनकी आवाज़ बहुत बड़ी थी। उनकी आवाज़ पूरी पृथ्वी पर गई, पूर्व से पश्चिम तक। परमेश्वर चुप नहीं रहे। वे बोले, और सबने सुना।

आग उनके आगे-आगे जल रही थी। तेज़ आँधी उनके चारों ओर चली। हवा गरजी। पेड़ हिले।

परमेश्वर ने अपने लोगों को बुलाया। "मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो," उन्होंने कहा। सब लोग आए। बड़े, छोटे, सब। परमेश्वर उनके परमेश्वर थे। यह उन्होंने खुद कहा।

इसका क्या मतलब है?

फिर परमेश्वर ने कुछ कहा। सुनो, ध्यान से सुनो।

"मुझे तुम्हारे बैल नहीं चाहिए," परमेश्वर ने कहा। "मुझे तुम्हारे बकरे भी नहीं चाहिए।"

क्यों नहीं? क्योंकि जंगल के सब जानवर परमेश्वर के हैं। पहाड़ों पर के सब पंछी भी उनके हैं। हर चीज़, हर पशु, परमेश्वर की है।

तो परमेश्वर को क्या अच्छा लगता है? एक धन्यवाद देने वाला दिल।

परमेश्वर ने कहा, "मुझे धन्यवाद का बलिदान चढ़ाओ।" और एक प्यारी बात भी कही: "संकट के दिन मुझे पुकार। मैं तुझे छुड़ाऊँगा।"

परमेश्वर सब कुछ देखते हैं। चोरी करना, झूठ बोलना, सब वे जानते हैं। पर वे यह भी चाहते हैं कि हम उनके पास वापस आएँ।

समान सूत्र

परमेश्वर सिर्फ चीज़ें नहीं चाहते। वे दिल चाहते हैं। एक दिल जो कहे, "धन्यवाद, परमेश्वर।"

यीशु ने भी हमें यही सिखाया। उन्होंने खुद अपना जीवन दे दिया, हमारे लिए। इससे बड़ा धन्यवाद और क्या हो सकता है?

जब हम यीशु को याद करते हैं, हमारा दिल भर जाता है। हम कहते हैं, "धन्यवाद, प्रभु यीशु।"

तुम्हारे लिए

आज तुम परमेश्वर को धन्यवाद दे सकते हो। छोटी बात के लिए भी। रोटी के लिए। सूरज के लिए। अपने घर के लिए।

और जब तुम डरो, या दुखी हो, परमेश्वर को पुकारो। वे सुनते हैं। वे कहते हैं, "मैं तुझे छुड़ाऊँगा।"

बात करें

आज तुम परमेश्वर को किस बात के लिए धन्यवाद दे सकते हो? जब तुम डरते हो, तुम किसे पुकार सकते हो?

प्रार्थना

प्यारे परमेश्वर, आप बहुत बड़े हैं। आपकी आवाज़ बहुत ऊँची है। पर आप मुझे भी सुनते हैं। धन्यवाद, परमेश्वर, हर छोटी बात के लिए। जब मैं डरूँ, आप मेरे पास आइए। यीशु के नाम में, आमेन।

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भजन संहिता 50 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

भजन संहिता 50 किस विषय में है?
सुबह हुई। सूरज उदयाचल से उगा। आकाश लाल हो गया, फिर सुनहरा। सिय्योन पहाड़ बहुत सुंदर था। वहाँ परमेश्वर की चमक दिखाई दी।
भजन संहिता 50 क्या कहता है?
परमेश्वर ने अपने लोगों को बुलाया। "मेरे भक्तों को मेरे पास इकट्ठा करो," उन्होंने कहा। सब लोग आए। बड़े, छोटे, सब। परमेश्वर उनके परमेश्वर थे। यह उन्होंने खुद कहा।
भजन संहिता 50 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
तो परमेश्वर को क्या अच्छा लगता है? एक धन्यवाद देने वाला दिल।
नन्हे बच्चे भजन संहिता 50 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर सिर्फ चीज़ें नहीं चाहते। वे दिल चाहते हैं। एक दिल जो कहे, "धन्यवाद, परमेश्वर।"
भजन संहिता 50 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
आज तुम परमेश्वर को धन्यवाद दे सकते हो। छोटी बात के लिए भी। रोटी के लिए। सूरज के लिए। अपने घर के लिए।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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