3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

कुलुस्सियों 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत दूर, एक शहर में, परमेश्वर के कुछ लोग रहते थे। एक दिन उनके पास एक पत्र आया। पत्र पौलुस ने लिखा था। पौलुस यीशु को बहुत प्यार करता था। पत्र में पौलुस ने कहा, "सुनो! एक बात सुनो।" "तुम्हारे पास एक पुराना कपड़ा है।" पुराना कपड़ा मैला था। धूल भरा था। बदबू आती थी। उस कपड़े का नाम था गुस्सा। उस कपड़े का नाम था झूठ बोलना। उस कपड़े का नाम था बुरी बातें कहना। पौलुस ने कहा, "यह पुराना कपड़ा उतार दो। अभी उतार दो।" फिर पौलुस ने कहा, "अब देखो, यहाँ एक नया कपड़ा है।" नया कपड़ा नरम था। साफ़ था। धूप जैसा गरम था। उस कपड़े का नाम था करुणा। उस कपड़े का नाम था भलाई। उस कपड़े का नाम था नम्रता और धीरज। पौलुस ने कहा, "यह नया कपड़ा पहन लो। यीशु ने इसे तुम्हारे लिये बनाया है।"

इसका क्या मतलब है?

सोचो, सुबह जब तुम उठते हो। तुम रात के कपड़े उतारते हो। फिर तुम मम्मी से नए कपड़े लेते हो। नए कपड़े पहनकर कैसा लगता है? अच्छा लगता है! परमेश्वर के लोग भी ऐसा करते हैं। पर दिल में। जब कोई तुम्हें दुख दे, गुस्सा मत करो। गुस्से का कपड़ा मत पहनो। क्षमा का कपड़ा पहन लो। जैसे प्रभु ने तुम्हें क्षमा किया। और झूठ मत बोलो। सच बोलो, क्योंकि तुम नए हो गए हो।

समान सूत्र

प्रभु यीशु ने हमें सबसे पहले क्षमा किया। जब हम गलत थे, तब भी यीशु हमसे प्यार करते थे। इसलिए अब हम भी एक दूसरे को क्षमा कर सकते हैं। पौलुस कहता है, प्रेम एक कमरबन्ध जैसा है। कमरबन्ध कपड़ों को बाँधे रखता है, गिरने नहीं देता। प्रेम भी सब अच्छी बातों को बाँधे रखता है। और जब हम परमेश्वर को धन्यवाद देते हैं, हम गीत गाते हैं।

तुम्हारे लिए

आज तुम किसे प्रेम दिखा सकते हो? शायद तुम्हारे भाई ने तुम्हारा खिलौना तोड़ा। तुम्हें गुस्सा आ सकता है। पर एक पल रुको। याद करो, यीशु ने तुम्हें क्षमा किया। फिर तुम भी कह सकते हो, "कोई बात नहीं, मैं तुम्हें माफ करता हूँ।" अपने मम्मी-पापा की बात मानो। इससे प्रभु बहुत खुश होते हैं। और पापा, बच्चों पर चिल्लाओ मत। उन्हें प्यार से बोलो। आज रात, परमेश्वर को धन्यवाद का एक गीत गाओ।

बात करो

तुम्हारा सबसे पसंदीदा कपड़ा कौन सा है? जब कोई तुम्हें दुख दे, तब तुम क्या कर सकते हो?

साथ में प्रार्थना

हे प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आपने हमें क्षमा किया। हमें भी क्षमा करना सिखाइए। हमें प्रेम का नया कपड़ा पहनाइए। हमें अपने मम्मी-पापा की बात मानने में मदद कीजिए। आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

कुलुस्सियों 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

कुलुस्सियों 3 किस विषय में है?
बहुत दूर, एक शहर में, परमेश्वर के कुछ लोग रहते थे। एक दिन उनके पास एक पत्र आया। पत्र पौलुस ने लिखा था। पौलुस यीशु को बहुत प्यार करता था। पत्र में पौलुस ने कहा, "सुनो! एक बात सुनो।" "तुम्हारे पास एक पुराना कपड़ा है।" पुराना कपड़ा मैला था। धूल भरा था। बदबू आती थी। उस कपड़े का नाम था गुस्सा। उस कपड़े का नाम था झूठ बोलना। उस कपड़े का नाम था बुरी बातें कहना। पौलुस ने कहा, "यह पुराना कपड़ा उतार दो। अभी उतार दो।" फिर पौलुस ने कहा, "अब देखो, यहाँ एक नया कपड़ा है।" नया कपड़ा नरम था। साफ़ था। धूप जैसा गरम था। उस कपड़े का नाम था करुणा। उस कपड़े का नाम था भलाई। उस कपड़े का नाम था नम्रता और धीरज। पौलुस ने कहा, "यह नया कपड़ा पहन लो। यीशु ने इसे तुम्हारे लिये बनाया है।"
कुलुस्सियों 3 क्या कहता है?
सोचो, सुबह जब तुम उठते हो। तुम रात के कपड़े उतारते हो। फिर तुम मम्मी से नए कपड़े लेते हो। नए कपड़े पहनकर कैसा लगता है? अच्छा लगता है! परमेश्वर के लोग भी ऐसा करते हैं। पर दिल में। जब कोई तुम्हें दुख दे, गुस्सा मत करो। गुस्से का कपड़ा मत पहनो। क्षमा का कपड़ा पहन लो। जैसे प्रभु ने तुम्हें क्षमा किया। और झूठ मत बोलो। सच बोलो, क्योंकि तुम नए हो गए हो।
कुलुस्सियों 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
प्रभु यीशु ने हमें सबसे पहले क्षमा किया। जब हम गलत थे, तब भी यीशु हमसे प्यार करते थे। इसलिए अब हम भी एक दूसरे को क्षमा कर सकते हैं। पौलुस कहता है, प्रेम एक कमरबन्ध जैसा है। कमरबन्ध कपड़ों को बाँधे रखता है, गिरने नहीं देता। प्रेम भी सब अच्छी बातों को बाँधे रखता है। और जब हम परमेश्वर को धन्यवाद देते हैं, हम गीत गाते हैं।
नन्हे बच्चे कुलुस्सियों 3 से क्या सीख सकते हैं?
आज तुम किसे प्रेम दिखा सकते हो? शायद तुम्हारे भाई ने तुम्हारा खिलौना तोड़ा। तुम्हें गुस्सा आ सकता है। पर एक पल रुको। याद करो, यीशु ने तुम्हें क्षमा किया। फिर तुम भी कह सकते हो, "कोई बात नहीं, मैं तुम्हें माफ करता हूँ।" अपने मम्मी-पापा की बात मानो। इससे प्रभु बहुत खुश होते हैं। और पापा, बच्चों पर चिल्लाओ मत। उन्हें प्यार से बोलो। आज रात, परमेश्वर को धन्यवाद का एक गीत गाओ।
कुलुस्सियों 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम्हारा सबसे पसंदीदा कपड़ा कौन सा है? जब कोई तुम्हें दुख दे, तब तुम क्या कर सकते हो?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 19

हे पतियो, अपनी-अपनी पत्नी से प्रेम रखो और उनसे कठोरता न किया करो।" ध्यान दो, पौलुस ने पति को अधिकार जताने को नहीं कहा, प्रेम करने को कहा। और साथ में एक चेतावनी भी दी, क्योंकि प्रेम करते हुए भी आवाज़ कड़वी हो सकती है। घर में तुम्हारा लहज़ा भी तुम्हारी गवाही है। जिससे तुम सबसे ज़्यादा प्रेम करते हो, क्या उसी से सबसे कठोरता से बोलते हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 16

मसीह का वचन तुम में बहुतायत से बसा रहे।" ध्यान दो, पौलुस ने यह नहीं कहा कि वचन तुमसे मिलने आए, बल्कि तुम में बस जाए। मेहमान की तरह नहीं, घर के सदस्य की तरह। और जो भीतर बसता है, वही बाहर निकलता है, सिखाने में, समझाने में, गीतों में। आज अपनी बातचीत सुनो। उससे पता चलेगा कि तुम्हारे भीतर कौन रहता है।

थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?

हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network