3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रकाशितवाक्य 20

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक स्वर्गदूत स्वर्ग से उतरा। उसके हाथ में एक बड़ी चाबी थी। और एक लंबी, भारी जंजीर भी।

नीचे एक गहरा, अंधेरा गड्ढा था। वहाँ एक बड़ा साँप लेटा था। बहुत पुराना साँप। उसका नाम शैतान था। वह लोगों को बहकाता था।

स्वर्गदूत ने उसे पकड़ा। मज़बूती से पकड़ा। जंजीर से बाँध दिया। फिर उसे गड्ढे में डाल दिया। दरवाज़ा बंद किया। ऊपर मुहर लगा दी। अब साँप बाहर नहीं आ सकता था। बहुत, बहुत लंबे समय तक नहीं।

फिर मैंने कुर्सियाँ देखीं। उन पर लोग बैठे थे, यीशु के साथ। वे खुश थे।

फिर एक और कुर्सी दिखी। बहुत बड़ी। बिल्कुल सफेद। उस पर परमेश्वर बैठे थे। सब लोग, जो कभी जीवित थे, उनके सामने आए। छोटे भी, बड़े भी। वहाँ किताबें खोली गईं। एक किताब का नाम था, जीवन की किताब।

इसका मतलब क्या है?

परमेश्वर के पास एक किताब है। उस में नाम लिखे हैं। वे सब नाम, जो उनके अपने हैं। परमेश्वर ने हर नाम देखा। जिसका नाम किताब में लिखा था, वह सुरक्षित रहा। कोई भी नहीं भूला गया। परमेश्वर कभी नहीं भूलते। वे हर नाम याद रखते हैं। और वह बुरा साँप? उसे आग की एक जगह में डाल दिया गया। वहाँ वह फिर कभी किसी को नहीं बहका सकता।

एक जुड़ी हुई कहानी

यीशु ने उस साँप को हरा दिया है। बहुत पहले ही। इसलिए अब वह साँप बंद है। और जिनका नाम जीवन की किताब में लिखा है, वे यीशु के साथ राज़ी करते हैं। वे उसके मित्र हैं। परमेश्वर ने अपनी किताब में उनका नाम लिखा, क्योंकि वे यीशु से प्रेम करते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम जानते हो, परमेश्वर तुम्हारा नाम भी जानते हैं? वे इसे भूलते नहीं। जब तुम यीशु से प्रेम करते हो, तो तुम उनकी किताब में हो। तुम सुरक्षित हो। वह बुरा साँप तुम्हें छू नहीं सकता। परमेश्वर तुम्हें पकड़े रहते हैं, जैसे उस स्वर्गदूत ने साँप को पकड़ा था, पर प्यार से।

बातचीत के लिए

तुम्हें क्या लगता है, परमेश्वर की किताब में क्या लिखा है?

जब तुम डरते हो, तो क्या तुम्हें पता है कि यीशु ने उस बुरे साँप को हरा दिया है?

आओ मिलकर प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप मेरा नाम जानते हैं। धन्यवाद कि यीशु ने बुरे साँप को हरा दिया। मुझे अपने पास रखिए। आमीन।

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प्रकाशितवाक्य 20 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रकाशितवाक्य 20 किस विषय में है?
एक स्वर्गदूत स्वर्ग से उतरा। उसके हाथ में एक बड़ी चाबी थी। और एक लंबी, भारी जंजीर भी।
प्रकाशितवाक्य 20 क्या कहता है?
स्वर्गदूत ने उसे पकड़ा। मज़बूती से पकड़ा। जंजीर से बाँध दिया। फिर उसे गड्ढे में डाल दिया। दरवाज़ा बंद किया। ऊपर मुहर लगा दी। अब साँप बाहर नहीं आ सकता था। बहुत, बहुत लंबे समय तक नहीं।
प्रकाशितवाक्य 20 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर एक और कुर्सी दिखी। बहुत बड़ी। बिल्कुल सफेद। उस पर परमेश्वर बैठे थे। सब लोग, जो कभी जीवित थे, उनके सामने आए। छोटे भी, बड़े भी। वहाँ किताबें खोली गईं। एक किताब का नाम था, जीवन की किताब।
नन्हे बच्चे प्रकाशितवाक्य 20 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु ने उस साँप को हरा दिया है। बहुत पहले ही। इसलिए अब वह साँप बंद है। और जिनका नाम जीवन की किताब में लिखा है, वे यीशु के साथ राज़ी करते हैं। वे उसके मित्र हैं। परमेश्वर ने अपनी किताब में उनका नाम लिखा, क्योंकि वे यीशु से प्रेम करते हैं।
प्रकाशितवाक्य 20 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम्हें क्या लगता है, परमेश्वर की किताब में क्या लिखा है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

घेरा पूरा था। चारों ओर दुश्मन, बीच में परमेश्वर के लोगों की छावनी। पर लड़ाई का एक भी दृश्य नहीं लिखा गया। बस इतना: "और आग ने स्वर्ग से उतरकर उन्हें भस्म कर दिया।" संतों ने तलवार नहीं उठाई, वे बस वहीं खड़े रहे।

तुम्हारे चारों ओर भी शायद घेरा कसता जा रहा है। पर तुम्हारा बचाव तुम्हारे हाथों पर नहीं, ऊपर से आने वाले उत्तर पर टिका है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

जिनके सिर काटे गए, उन्हीं को सिंहासन मिले। दुनिया ने उन्हें अपराधी ठहराया, परमेश्वर ने उन्हें न्याय करने का अधिकार दिया। "वे जीवित होकर मसीह के साथ हज़ार वर्ष तक राज्य करते रहे।" जो तूने मसीह के लिए खोया है, वह गिना जा रहा है। आज का अपमान आखिरी शब्द नहीं है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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