हाग्गै 1
किशोर (12 वर्ष और अधिक) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
यह छठवीं शताब्दी ईसा पूर्व की बात है। यहूदी लोग सत्तर साल तक बाबुल की बंधुआई में रहे। फिर फारस के राजा कुस्रू ने उन्हें वापस यरूशलेम लौटने और परमेश्वर का मन्दिर फिर से बनाने की अनुमति दी। लौटकर उन्होंने काम शुरू भी किया, लेकिन विरोध, थकान और डर के कारण काम रुक गया। और रुका ही रहा। सोलह साल तक।
इन सोलह सालों में लोगों ने अपने घर बनाए। अच्छे घर। "छतवाले घर" यानी लकड़ी की सजी हुई छत वाले, आरामदायक घर। और परमेश्वर का भवन? वह खण्डहर की तरह पड़ा रहा।
तब हाग्गै भविष्यद्वक्ता के द्वारा परमेश्वर बोलते हैं। वे सीधे राज्यपाल जरुब्बाबेल और महायाजक यहोशू से कहते हैं: "ये लोग कहते हैं कि यहोवा का भवन बनाने का समय नहीं आया है।" यह एक व्यंग्य है। लोग बहाना बना रहे हैं, अभी नहीं, बाद में, हालात ठीक नहीं हैं।
फिर परमेश्वर एक तीखा प्रश्न करते हैं: "क्या तुम्हारे लिये अपने छतवाले घरों में रहने का समय है, जबकि यह भवन उजाड़ पड़ा है?" दो बार वे कहते हैं, "अपने-अपने चाल-चलन पर ध्यान करो।" गौर से देखो कि तुम्हारी ज़िन्दगी कैसी चल रही है।
और फिर वह चौंकाने वाली बात। तुमने बहुत बोया, पर थोड़ा काटा। खाते हो, पर पेट नहीं भरता। पीते हो, पर प्यास नहीं बुझती। कपड़े पहनते हो, पर गर्मी नहीं मिलती। जो कमाते हो, वह ऐसा है जैसे छेदवाली थैली में डाल रहे हो। सब कुछ है, फिर भी कुछ भी नहीं।
परमेश्वर बताते हैं कि यह अकाल संयोग नहीं है। "मेरा भवन उजाड़ पड़ा है और तुम में से प्रत्येक अपने-अपने घर को दौड़ा चला जाता है।" इसलिए आकाश ने ओस रोक ली और भूमि ने फसल।
और तब कुछ अद्भुत होता है। लोग सुनते हैं। जरुब्बाबेल, यहोशू और सब बचे हुए लोग परमेश्वर की बात मानते हैं और यहोवा का भय मानते हैं। परमेश्वर उन्हें एक छोटा सा वाक्य देते हैं जो पहाड़ जितना भारी है: "मैं तुम्हारे संग हूँ।" तेईस दिन बाद वे काम शुरू कर देते हैं।
What Does This Mean?
यह अध्याय प्राथमिकताओं के बारे में है। लोग बुरे नहीं थे। वे नास्तिक नहीं बने थे। वे मन्दिर तोड़ नहीं रहे थे। वे बस, व्यस्त थे। अपने आप में। अपनी ज़िन्दगी बनाने में। और परमेश्वर धीरे-धीरे किनारे कर दिए गए।
यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि परमेश्वर लोगों को दण्ड देने के लिए अकाल नहीं भेज रहे थे, वे उन्हें जगाने के लिए भेज रहे थे। जब सब कुछ होते हुए भी कुछ पूरा नहीं होता, जब मेहनत का फल हवा हो जाता है, तो यह एक संकेत है। कुछ गड़बड़ है। छेदवाली थैली की तस्वीर आज भी सटीक है।
और परमेश्वर का जवाब क्रोध नहीं, बुलावा है। "अपने चाल-चलन पर ध्यान करो।" यह कठोर नहीं, प्रेम भरा है। परमेश्वर उन्हें उस चीज़ में वापस बुला रहे हैं जो वास्तव में मायने रखती है।
The Common Thread
पुराने नियम में मन्दिर वह जगह थी जहाँ परमेश्वर की उपस्थिति लोगों के बीच रहती थी। मन्दिर उजाड़ पड़ा होना केवल एक इमारत की बात नहीं थी, यह इस बात का प्रतीक था कि परमेश्वर की उपस्थिति उनके जीवन के केन्द्र में नहीं रह गई थी।
पद 13 पर ध्यान दीजिए: "मैं तुम्हारे संग हूँ।" यह वाक्य पूरे बाइबल में गूँजता है। यही वादा यीशु मत्ती 28:20 में अपने चेलों से करते हैं: "मैं जगत के अन्त तक सदैव तुम्हारे संग हूँ।" यीशु स्वयं वह असली मन्दिर हैं, जिनमें परमेश्वर की उपस्थिति देह धारण करके हमारे बीच रही। और अब पवित्र आत्मा के द्वारा वे विश्वासियों में निवास करते हैं। पौलुस लिखता है कि हम स्वयं परमेश्वर का मन्दिर हैं।
तो हाग्गै का प्रश्न आज भी उतना ही तीखा है। क्या परमेश्वर की उपस्थिति तुम्हारे जीवन में एक खण्डहर बन गई है, जबकि तुम अपने "छतवाले घर" सजाने में लगे हो?
For You
तुम्हारी उम्र में बहुत कुछ बनाना है। पहचान, दोस्ती, भविष्य, ग्रेड्स, इंस्टाग्राम पर एक छवि, अपना "ब्रांड।" यह सब गलत नहीं है। परमेश्वर ने घर बनाने से मना नहीं किया, उन्होंने पूछा कि प्राथमिकता क्या है।
छेदवाली थैली वाली बात रुककर सोचने लायक है। कभी ऐसा लगा है कि तुम बहुत कुछ कर रहे हो, बहुत कुछ पा रहे हो, फिर भी अन्दर से खाली हो? स्क्रॉल करते-करते घण्टे बीत गए, पर संतुष्टि नहीं मिली? रिश्ते हैं, पर अकेलापन है? नंबर अच्छे हैं, पर मन बेचैन है? यह छेदवाली थैली है। और यह एक संकेत है, दण्ड नहीं। परमेश्वर तुम्हें जगाना चाहते हैं।
"अपने चाल-चलन पर ध्यान करो।" यह वचन तुम्हारे लिए भी है। ईमानदारी से देखो, तुम्हारा समय कहाँ जाता है? तुम्हारा दिल कहाँ लगा है? परमेश्वर कहाँ हैं, केन्द्र में या हाशिये पर?
और अगर तुम पाओ कि परमेश्वर हाशिये पर हैं, तो निराश मत हो। लोगों ने सुना, और परमेश्वर ने तुरन्त कहा, "मैं तुम्हारे संग हूँ।" उन्होंने पहले उन्हें दुत्कारा नहीं। जिस पल दिल फिरता है, परमेश्वर पहले से ही वहाँ हैं।
चुनौती: इस सप्ताह एक दिन चुनो और उस दिन एक ऐसी चीज़ को थोड़ी देर के लिए छोड़ दो जो तुम्हारा बहुत सारा समय लेती है, फोन, गेम, नेटफ्लिक्स, जो भी हो। उस समय को परमेश्वर के साथ बिताओ। बाइबल पढ़ो, प्रार्थना करो, या बस चुप बैठो। देखो कि क्या फर्क पड़ता है।
Talk About It
*तुम्हारे जीव
हाग्गै 1 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
हाग्गै 1 किस विषय में है?
हाग्गै 1 क्या कहता है?
हाग्गै 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
किशोर हाग्गै 1 से क्या सीख सकते हैं?
हाग्गै 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
इसी कारण आकाश ने ओस बरसाना और पृथ्वी ने अपनी उपज देना छोड़ दिया।" लोग मेहनत तो कर रहे थे, पर बटुए में छेद था। सूखा बाहर नहीं, भीतर शुरू हुआ था, जब परमेश्वर का भवन उजाड़ पड़ा रहा और हर कोई अपने घर को सजाने दौड़ा। तेरे जीवन में भी कुछ सूख गया है? शायद सवाल यह नहीं कि तू कितना दौड़ा, बल्कि किसके लिए।
तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थोड़ी ही है," यहोवा कहता है, और फिर कारण बताता है: "मेरा भवन जो उजाड़ पड़ा है, और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है।"
दौड़ना शब्द पर ठहर जा। लोग आलसी नहीं थे, वे भागे जा रहे थे, बस अपने ही घर की ओर। कभी कभी हमारी थकान इसी की गवाही देती है कि हम किसके लिए दौड़ रहे हैं। तेरी सबसे तेज़ दौड़ आज किस दिशा में है?
यह दारा राजा के दूसरे वर्ष के छठवें महीने के चौबीसवें दिन को हुआ।" पहला संदेश उसी महीने के पहले दिन आया था। यानी तेईस दिन बीत गए, फिर काम शुरू हुआ। परमेश्वर ने देर को नहीं, शुरुआत के दिन को दर्ज किया। तेरी टली हुई आज्ञाकारिता का हिसाब वह नहीं रखता, पर जिस दिन तू उठेगा, वह दिन उसकी किताब में लिखा जाएगा। वह दिन आज भी हो सकता है।
परमेश्वर ने सोना या चाँदी नहीं माँगा। उसने कहा, "पहाड़ पर चढ़ो, और लकड़ी ले आओ, और इस भवन को बनाओ।" बस लकड़ी, और चढ़ने की मेहनत। लोग अपने घरों के लिए तो चढ़ते रहे थे, परमेश्वर के काम के लिए थक जाते थे। सोच, तेरी थकान आज किसके लिए बह रही है? जिस काम में तू जुटा है, क्या उसमें उसकी महिमा है?
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