हाग्गै 1
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
बहुत साल पहले की बात है। परमेश्वर के लोग एक शहर में रहते थे। उस शहर का नाम था यरूशलेम। परमेश्वर का एक बड़ा घर वहाँ था। पर वह घर टूट गया था। बहुत टूटा हुआ। खाली और उजाड़।
लोग अपने-अपने सुंदर घरों में रहते थे। गरम और आरामदायक। पर परमेश्वर का घर? वह ऐसे ही पड़ा था। कोई उसे बनाता नहीं था।
तब परमेश्वर ने एक आदमी को बुलाया। उसका नाम था हाग्गै। परमेश्वर ने कहा, "हाग्गै, जाओ। मेरे लोगों से बात करो।"
हाग्गै गया। उसने कहा, "सुनो! परमेश्वर कुछ कहना चाहते हैं। तुम अपने घरों में बैठे हो। पर परमेश्वर का घर टूटा पड़ा है। क्या यह ठीक है?"
फिर हाग्गै ने कहा, "देखो, तुम बहुत काम करते हो। तुम खेत में बीज बोते हो। पर बहुत थोड़ा उगता है। तुम खाना खाते हो। पर पेट नहीं भरता। तुम पानी पीते हो। पर प्यास नहीं जाती। तुम गरम कपड़े पहनते हो। पर फिर भी ठंड लगती है।"
लोगों ने सुना। और उन्होंने सोचा।
What Does This Mean?
परमेश्वर के लोग परमेश्वर को भूल गए थे। वे अपने काम में बहुत व्यस्त थे। परमेश्वर बहुत दुखी हुए।
पर फिर कुछ सुंदर हुआ। लोगों ने हाग्गै की बात मानी। बड़े नेता जरुब्बाबेल ने सुना। महायाजक यहोशू ने सुना। सब लोगों ने सुना।
और परमेश्वर ने कहा, "मैं तुम्हारे साथ हूँ।" कितनी अच्छी बात! परमेश्वर उनके साथ थे।
फिर सब लोग पहाड़ पर गए। उन्होंने लकड़ी लाई। और वे परमेश्वर का घर बनाने लगे। सब मिलकर, खुशी से।
The Common Thread
परमेश्वर ने कहा, "मैं तुम्हारे साथ हूँ।" यह कितनी सुंदर बात है!
बहुत साल बाद, प्रभु यीशु आए। यीशु ने भी कहा, "मैं तुम्हारे साथ हूँ।" हर दिन। हमेशा।
परमेश्वर अपने लोगों को कभी नहीं भूलते। वे हमारे साथ रहते हैं। पास, बहुत पास।
For You
क्या तुम कभी बहुत व्यस्त हो जाते हो? खेलने में? टीवी देखने में? कभी-कभी हम परमेश्वर को भूल जाते हैं।
पर परमेश्वर तुम्हें नहीं भूलते। वे तुम्हारे साथ हैं। सुबह जब तुम उठते हो। रात को जब तुम सोते हो। हर जगह।
तुम परमेश्वर से बात कर सकते हो। तुम उनका गीत गा सकते हो। तुम उनकी बात सुन सकते हो। यह बहुत अच्छा है।
Talk About It
क्या तुम्हें याद है, परमेश्वर ने अपने लोगों से क्या कहा? "मैं तुम्हारे साथ हूँ।" क्या यह सुनकर तुम्हें अच्छा लगता है?
तुम आज परमेश्वर के लिए क्या कर सकते हो? शायद एक गीत गाओ? या धन्यवाद कहो?
Praying Together
प्रिय परमेश्वर, आप बहुत अच्छे हैं। आप मेरे साथ हैं। सुबह भी, रात को भी। मैं आपको प्यार करता हूँ। प्रभु यीशु के नाम में, आमीन।
हाग्गै 1 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
हाग्गै 1 किस विषय में है?
हाग्गै 1 क्या कहता है?
हाग्गै 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे हाग्गै 1 से क्या सीख सकते हैं?
हाग्गै 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
इसी कारण आकाश ने ओस बरसाना और पृथ्वी ने अपनी उपज देना छोड़ दिया।" लोग मेहनत तो कर रहे थे, पर बटुए में छेद था। सूखा बाहर नहीं, भीतर शुरू हुआ था, जब परमेश्वर का भवन उजाड़ पड़ा रहा और हर कोई अपने घर को सजाने दौड़ा। तेरे जीवन में भी कुछ सूख गया है? शायद सवाल यह नहीं कि तू कितना दौड़ा, बल्कि किसके लिए।
तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थोड़ी ही है," यहोवा कहता है, और फिर कारण बताता है: "मेरा भवन जो उजाड़ पड़ा है, और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है।"
दौड़ना शब्द पर ठहर जा। लोग आलसी नहीं थे, वे भागे जा रहे थे, बस अपने ही घर की ओर। कभी कभी हमारी थकान इसी की गवाही देती है कि हम किसके लिए दौड़ रहे हैं। तेरी सबसे तेज़ दौड़ आज किस दिशा में है?
यह दारा राजा के दूसरे वर्ष के छठवें महीने के चौबीसवें दिन को हुआ।" पहला संदेश उसी महीने के पहले दिन आया था। यानी तेईस दिन बीत गए, फिर काम शुरू हुआ। परमेश्वर ने देर को नहीं, शुरुआत के दिन को दर्ज किया। तेरी टली हुई आज्ञाकारिता का हिसाब वह नहीं रखता, पर जिस दिन तू उठेगा, वह दिन उसकी किताब में लिखा जाएगा। वह दिन आज भी हो सकता है।
परमेश्वर ने सोना या चाँदी नहीं माँगा। उसने कहा, "पहाड़ पर चढ़ो, और लकड़ी ले आओ, और इस भवन को बनाओ।" बस लकड़ी, और चढ़ने की मेहनत। लोग अपने घरों के लिए तो चढ़ते रहे थे, परमेश्वर के काम के लिए थक जाते थे। सोच, तेरी थकान आज किसके लिए बह रही है? जिस काम में तू जुटा है, क्या उसमें उसकी महिमा है?
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