बाइबल व्याख्या

दानिय्येल 9

बाइबल
यह अध्याय JL Group के सहयोग से संभव हुआ है

पाठ

दानिय्येल यिर्मयाह की पुस्तक पढ़ रहे हैं और गिनते हैं: यरूशलेम के उजड़े रहने के सत्तर वर्ष लगभग पूरे हो चुके हैं। पर वे कैलेंडर देखकर संतुष्ट नहीं होते; वे टाट पहनकर, राख में बैठकर, उपवास करके पूरे इस्राएल के पापों का अंगीकार करते हैं मानो वे स्वयं अपराधी हों। प्रार्थना के बीच ही गब्रिएल आता है और सत्तर सप्ताहों की वह पहेली सुनाता है जिसमें अपराध का अन्त, प्रायश्चित, और अभिषिक्त प्रधान का "काटा जाना" घोषित होता है।

मर्म

ध्यान दीजिए: दानिय्येल के पास एक स्पष्ट वचन है। यिर्मयाह ने लिखा, सत्तर वर्ष। तो फिर प्रार्थना क्यों? यहीं इस अध्याय का धड़कता हुआ हृदय है। परमेश्वर के वादे प्रार्थना को व्यर्थ नहीं करते, वे प्रार्थना को जन्म देते हैं। दानिय्येल वादे को पकड़कर उसी वादे के आधार पर परमेश्वर के पास लौटते हैं। और उनकी प्रार्थना में एक शब्द बार-बार लौटता है: "हमने।" वे बाबेल में शुद्ध जीवन जीने वाले व्यक्ति हैं, पर वे "उन्होंने पाप किया" नहीं कहते। वे स्वयं को उस जाति के भीतर रखते हैं जिसने विद्रोह किया। यह वही रुख है जो सच्ची तौबा को नकली धार्मिकता से अलग करता है।

सूत्र

सत्तर सप्ताहों की भविष्यवाणी एक अजीब तनाव खोलती है: पाप का अन्त होगा, अधर्म का प्रायश्चित होगा, युग-युग की धार्मिकता प्रगट होगी, और अभिषिक्त पुरुष "काटा जाएगा।" यह उस बलिदान की ओर इशारा है जो न तो केवल राजनीतिक मुक्ति है, न केवल मन्दिर की पुनःस्थापना। दानिय्येल जिस निर्वासन का शोक मना रहे हैं वह असली निर्वासन का छायाचित्र है, परमेश्वर से मनुष्य की दूरी। और उस दूरी को पाटने वाला "अभिषिक्त" खुद कट जाएगा, ताकि जो कटे हुए थे वे लौट सकें। यहाँ पुराने नियम की गहराइयों में क्रूस की छाया पहले से पड़ रही है।

दर्पण

यह अध्याय आपके सामने एक असहज सवाल रखता है: आप कब आखिरी बार "हमने" कहकर प्रार्थना में बैठे थे? हम अपने चर्च की समस्याओं के बारे में बात करते हैं जैसे वे किसी और की हों। देश के हाल पर टिप्पणी करते हैं जैसे हम दर्शक हों। अपने परिवार के टूटन पर सिर हिलाते हैं जैसे हमारा हिस्सा उसमें कुछ न हो। दानिय्येल ऐसा नहीं करते। वे बाबेल में ईमानदार अफसर रहे हैं, पर वे खुद को अलग नहीं करते।

और दूसरा तीखा प्रश्न: क्या आप परमेश्वर से इसलिए विनती करते हैं क्योंकि आप उसके योग्य हैं? पद 18 पढ़िए। दानिय्येल कहते हैं, "अपने धार्मिकता के कामों पर नहीं, वरन् तेरी बड़ी दया ही के कामों पर भरोसा रखकर।" यह वह आदमी है जो शेरों की माँद से बच निकला, जिसका जीवन बेदाग है, और वही कहता है कि मेरे पास दिखाने को कुछ नहीं। यदि दानिय्येल की धार्मिकता प्रार्थना का आधार नहीं बन सकती, तो आपकी कैसे बनेगी? यह विचार अपमानजनक लगता है, पर यही आपको मुक्त भी करता है।

विवरण

पद 21 पर रुकिए। गब्रिएल "साँझ के अन्नबलि के समय" आता है। यरूशलेम में मन्दिर वर्षों से खण्डहर है। कोई अन्नबलि नहीं चढ़ रही, कोई पुजारी वेदी पर नहीं है। पर दानिय्येल बाबेल में उसी घड़ी घुटनों पर हैं जब यरूशलेम में बलि चढ़ती थी। उनका शरीर निर्वासन में है, उनकी घड़ी अब भी परमेश्वर के समय के साथ चलती है। यह विवरण चुभता है: जब बाहरी सब कुछ बिखर गया हो, तब भी भीतरी लय बनी रह सकती है। यह पूछता है, आपका दिन किसकी घड़ी से चलता है, दफ्तर की, बाजार की, या परमेश्वर की उपस्थिति की?

प्रश्न

सत्तर सप्ताहों की गणना पर विद्वान सदियों से बहस कर रहे हैं। कब से गिनें? "अभिषिक्त प्रधान" कौन? आधे सप्ताह का क्या अर्थ? ईमानदारी से कहूँ: हर विवरण की एक साफ व्याख्या करना असंभव है, और जो लोग हर तारीख पर मुहर लगाते हैं वे अक्सर पाठ पर अपनी योजना थोपते हैं। पर मुख्य बात धुँधली नहीं है, अभिषिक्त काटा जाएगा और उसी से अपराध का अन्त होगा। रहस्य के इस हिस्से को बिना घबराए स्वीकार कीजिए। बाइबल हमेशा हमारी जिज्ञासा को उतना नहीं तृप्त करती जितना हमारी आवश्यकता को।

अन्तर्पाठ

नहेम्याह 9 और एज्रा 9 में भी यही "हमने पाप किया" वाली प्रार्थना गूँजती है, मानो निर्वासन के बाद की पीढ़ी ने दानिय्येल से यह भाषा सीखी हो। और यशायाह 53 का वह वाक्य, "वह हमारे अपराधों के लिये घायल किया गया," दानिय्येल 9:26 के "अभिषिक्त पुरुष काटा जाएगा" के साथ मिलकर एक ही चित्र पूरा करता है। लूका 1:19 में वही गब्रिएल जकर्याह के पास आता है और कहता है कि यूहन्ना का जन्म होगा, वह जो अभिषिक्त का रास्ता तैयार करेगा। दानिय्येल की प्रार्थना का उत्तर सदियों बाद बेतलेहेम में मूर्त रूप लेता है।

चिन्तन

आप अपने समुदाय के पापों को "उनका" कहते हैं या "हमारा"? इस अन्तर में आप कहाँ खड़े हैं?

*यदि आपकी अपनी धार्मिकता प्रार्थना का आ

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Daniel 9 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

दानिय्येल 9 का क्या अर्थ है?
दानिय्येल यिर्मयाह की पुस्तक पढ़ रहे हैं और गिनते हैं: यरूशलेम के उजड़े रहने के सत्तर वर्ष लगभग पूरे हो चुके हैं। पर वे कैलेंडर देखकर संतुष्ट नहीं होते; वे टाट पहनकर, राख में बैठकर, उपवास करके पूरे इस्राएल के पापों का अंगीकार करते हैं मानो वे स्वयं अपराधी हों। प्रार्थना के बीच ही गब्रिएल आता है और सत्तर सप्ताहों की वह पहेली सुनाता है जिसमें अपराध का अन्त, प्रायश्चित, और अभिषिक्त प्रधान का "काटा जाना" घोषित होता है।
दानिय्येल 9 किस विषय में है?
सत्तर सप्ताहों की भविष्यवाणी एक अजीब तनाव खोलती है: पाप का अन्त होगा, अधर्म का प्रायश्चित होगा, युग-युग की धार्मिकता प्रगट होगी, और अभिषिक्त पुरुष "काटा जाएगा।" यह उस बलिदान की ओर इशारा है जो न तो केवल राजनीतिक मुक्ति है, न केवल मन्दिर की पुनःस्थापना। दानिय्येल जिस निर्वासन का शोक मना रहे हैं वह असली निर्वासन का छायाचित्र है, परमेश्वर से मनुष्य की दूरी। और उस दूरी को पाटने वाला "अभिषिक्त" खुद कट जाएगा, ताकि जो कटे हुए थे वे लौट सकें। यहाँ पुराने नियम की गहराइयों में क्रूस की छाया पहले से पड़ रही है।
दानिय्येल 9 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
और दूसरा तीखा प्रश्न: क्या आप परमेश्वर से इसलिए विनती करते हैं क्योंकि आप उसके योग्य हैं? पद 18 पढ़िए। दानिय्येल कहते हैं, "अपने धार्मिकता के कामों पर नहीं, वरन् तेरी बड़ी दया ही के कामों पर भरोसा रखकर।" यह वह आदमी है जो शेरों की माँद से बच निकला, जिसका जीवन बेदाग है, और वही कहता है कि मेरे पास दिखाने को कुछ नहीं। यदि दानिय्येल की धार्मिकता प्रार्थना का आधार नहीं बन सकती, तो आपकी कैसे बनेगी?
दानिय्येल 9 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
सत्तर सप्ताहों की गणना पर विद्वान सदियों से बहस कर रहे हैं। कब से गिनें? "अभिषिक्त प्रधान" कौन? आधे सप्ताह का क्या अर्थ? ईमानदारी से कहूँ: हर विवरण की एक साफ व्याख्या करना असंभव है, और जो लोग हर तारीख पर मुहर लगाते हैं वे अक्सर पाठ पर अपनी योजना थोपते हैं। पर मुख्य बात धुँधली नहीं है, अभिषिक्त काटा जाएगा और उसी से अपराध का अन्त होगा। रहस्य के इस हिस्से को बिना घबराए स्वीकार कीजिए। बाइबल हमेशा हमारी जिज्ञासा को उतना नहीं तृप्त करती जितना हमारी आवश्यकता को।
दानिय्येल 9 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
आप अपने समुदाय के पापों को "उनका" कहते हैं या "हमारा"? इस अन्तर में आप कहाँ खड़े हैं?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Daniel 9 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

दानिय्येल सत्तर साल से बंधुआई में था, और उसके अपने जीवन में कोई बड़ा पाप दर्ज नहीं। फिर भी वह कहता है, "हे प्रभु, तू धर्मी है, परन्तु हम लज्जित हैं।" वह "वे" नहीं कहता, "हम" कहता है। अपने लोगों के पाप को उसने अपनी छाती पर उठा लिया। क्या तू भी अपने घर, अपनी कलीसिया के लिए ऐसे प्रार्थना कर सकता है, बिना उंगली उठाए?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

दानिय्येल ने पहले अपनी ज़रूरत नहीं रखी, पहले परमेश्वर को पहचाना: "हे प्रभु, तू महान और भययोग्य परमेश्वर है, जो अपने प्रेम रखनेवालों और आज्ञा माननेवालों के साथ अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता रहता है।" और ध्यान दे, वह "उनके" पाप नहीं, "अपने पाप" मानता है। जिस जाति ने उसे बन्धुआई में डाला, उसी के साथ वह खड़ा होकर क्षमा माँगता है। तू किसके लिए ऐसी प्रार्थना करने को तैयार है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 27

दानिय्येल घुटनों पर था, अपने लोगों के पाप का बोझ लिए। और उत्तर में उसे यह सुनाया गया कि आगे और भी अंधेरा आएगा, वाचा टूटेगी, बलिदान बन्द होंगे, उजाड़ आएगा। पर वाक्य यहीं खत्म नहीं होता: "निश्चित विनाश उजाड़नेवाले पर पड़ेगा।" उजाड़नेवाले का भी एक अंत तय है। जो तुझे आज तोड़ रहा है, उसकी भी समय सीमा परमेश्वर के हाथ में लिखी है।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 11

पिता, हम मानते हैं कि हम भटक गए हैं, तेरी बात सुनते हुए भी अनसुनी कर दी। हमारे भीतर और हमारे बीच जो टूटा है, उसे तू देखता है। हमें दोष से भागने के बजाय सच बोलने का साहस दे, और अपनी करुणा से हमें फिर अपने पास लौटा ले।

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