एस्तेर 6
पाठ
उस रात राजा को नींद नहीं आती, और जो इतिहास की पुस्तक पढ़कर सुनाई जाती है उसमें वही पन्ना खुलता है जहाँ मोर्दकै ने राजा की जान बचाई थी, और जिसका कोई प्रतिफल कभी नहीं दिया गया। ठीक उसी घड़ी हामान आँगन में पहुँचता है, मोर्दकै के लिए खम्भा गड़वाकर, उसे लटकाने की अनुमति माँगने। राजा पहले बोल पड़ता है, हामान अपनी ही महत्वाकांक्षा के अनुसार सम्मान का नुस्खा बताता है, और फिर अपने शत्रु के घोड़े की लगाम थामे नगर के चौक में पुकारता फिरता है।
मूल बात
इस पूरे अध्याय में परमेश्वर का नाम एक बार भी नहीं आता, और फिर भी हर वाक्य उनकी उँगलियों के निशान से भरा है। नींद का न आना, पुस्तक का उसी पन्ने पर खुलना, हामान का ठीक उसी क्षण आँगन में होना: ये संयोग इतने सटीक हैं कि संयोग कहना हास्यास्पद लगने लगता है। एस्तेर की पुस्तक हमें परमेश्वर के काम करने का वह तरीका दिखाती है जो चमत्कार जैसा नहीं दिखता, पर उससे कम निश्चित भी नहीं। और नैतिक रूप से यह बात बेधती है: आपका भला काम दर्ज है, चाहे किसी ने धन्यवाद न कहा हो। और आपकी साजिश भी दर्ज है, चाहे किसी ने पकड़ी न हो। लेखा-जोखा देर से खुलता है, पर खुलता ज़रूर है।
जोड़ने वाला सूत्र
पवित्रशास्त्र में एक ढर्रा बार-बार लौटता है: ऊँचे किए हुए नीचे गिराए जाते हैं, और भुलाए हुए उठाए जाते हैं। हामान राजकीय वस्त्र और मुकुट की कल्पना अपने लिए करता है और लगाम थामने वाला नौकर बन जाता है; मोर्दकै फाटक पर बैठा रहता है और घोड़े पर चढ़ाया जाता है। मरियम ने अपने गीत में यही गाया था, कि परमेश्वर शक्तिशालियों को सिंहासनों से गिरा देते हैं और दीनों को ऊँचा करते हैं। और यही ढर्रा अपनी गहरी तह तक मसीह में पहुँचता है, जो राजकीय वस्त्र का असली हक़दार था पर उसे उपहास का चोगा पहनाया गया, और जिसे परमेश्वर ने मृत्यु के बाद ऊँचा किया। एस्तेर 6 उस बड़े उलटफेर की एक छोटी, लगभग हास्यपूर्ण झलक है।
दर्पण
पद 3 का उत्तर सबसे ज़्यादा चुभता है: "उसके लिये कुछ भी नहीं किया गया।" आपने भी कहीं जान बचाई होगी। दफ़्तर में वह गलती पकड़ी जिससे पूरी टीम डूब सकती थी, और श्रेय किसी और को मिला। घर में वर्षों तक बीमार माता-पिता की देखभाल की, और भाई-बहन सिर्फ़ अंतिम संस्कार में आए। कड़वाहट यहीं जन्म लेती है, जहाँ हिसाब अधूरा रह जाता है। एस्तेर 6 कड़वाहट का इलाज सस्ती तसल्ली से नहीं करता, बल्कि यह कहकर कि राजा की किताब में दर्ज है, भले ही अभी रात हो। दूसरी तरफ़, हामान का आईना भी देखिए: वह "मुझसे अधिक राजा किसकी प्रतिष्ठा करना चाहता होगा?" सोचकर उत्तर देता है। हम भी हर सवाल को अपने ही इर्द-गिर्द घुमाते हैं, और फिर हैरान होते हैं कि जीवन हमें लगाम थमा देता है।
आज दस मिनट निकालिए और उस व्यक्ति को संदेश भेजिए जिसका भला काम कभी किसी ने दर्ज नहीं किया; नाम लेकर लिखिए कि उसने ठीक क्या किया था और उससे क्या बचा।
श्रोताओं का चेहरा
यह कहानी उन यहूदियों के लिए लिखी गई जो निर्वासन के बाद लौटे नहीं थे, बल्कि फ़ारसी साम्राज्य में बिखरे पड़े थे। न मन्दिर पास, न भविष्यद्वक्ता, न राजा दाऊद का वंशज सिंहासन पर। उनके कानों में "यहूदी मोर्दकै" शब्द बिजली की तरह गिरा होगा, क्योंकि राजा के मुँह से यह पहचान सम्मान के साथ निकलती है, तिरस्कार के साथ नहीं। और जेरेश का वाक्य, कि यदि मोर्दकै यहूदियों के वंश का है तो तू प्रबल न हो पाएगा, एक विधर्मी स्त्री के मुँह से निकला वाचा का गवाह है। जो लोग अल्पसंख्यक होकर, दूसरों की व्यवस्था में, डर के साथ जी रहे थे, उन्होंने यहाँ सुना: तुम्हारा परमेश्वर चुप है, अनुपस्थित नहीं।
एक बारीकी
ध्यान दीजिए कि राजा क्या नहीं पूछता। वह नहीं पूछता, "मोर्दकै कौन है?" या "क्या यह सच है?" वह सीधे पूछता है, "इसके बदले मोर्दकै की क्या प्रतिष्ठा और बड़ाई की गई?" फ़ारसी दरबार में उपकारी को पुरस्कृत करना केवल उदारता नहीं थी, यह शासन की नींव थी; जो राजा ऋण नहीं चुकाता, उसकी रक्षा अगली बार कोई नहीं करता। यानी एक भूला हुआ धन्यवाद पूरे साम्राज्य में दरार है। यह बात हमारे छोटे राज्यों पर भी लागू होती है। जिस घर में कृतज्ञता दर्ज नहीं होती, वहाँ लोग देना बंद कर देते हैं। आपके परिवार, टीम या कलीसिया में कौन-सा चुकता न हुआ ऋण खुला पड़ा है?
शास्त्र की गूँज
हन्ना का गीत, 1 शमूएल 2 में, इस अध्याय का संगीत है: वही प्रभु हैं जो नीचा करते और ऊँचा करते हैं, जो कंगाल को धूल में से उठाकर प्रधानों के बीच बिठा देते हैं। एस्तेर 6 उस गीत का गद्य रूपांतर है, बिना परमेश्वर का नाम लिए। और नीतिवचन की वह पंक्ति कि विनाश से पहले अहंकार आता है, यहाँ कहानी बनकर चलती है: हामान खम्भे की ऊँचाई नापता है और उसी दोपहर सिर ढाँपे घर लौटता है। पवित्रशास्त्र यह नहीं सिखाता कि घमंडी हमेशा तुरन्त गिरते हैं, पर यह ज़रूर कि उनका गिरना तयशुदा है, और अक्सर उनके अपने हाथों से तैयार किए गए औज़ार से।
चिंतन
आपके जीवन में कौन-सा भला काम "जिसके लिये कुछ भी नहीं किया गया" की श्रेणी में पड़ा है, और उस अनदेखी ने आपके भीतर क्या पकाया है?
हामान हर सवाल को अपने ऊपर मोड़ लेता है। पिछले हफ़्ते किस बातचीत में आपने यही किया, और उसका असर किस पर पड़ा?
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Esther 6 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।
एस्तेर 6 का क्या अर्थ है?
एस्तेर 6 किस विषय में है?
एस्तेर 6 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
एस्तेर 6 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
एस्तेर 6 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
Esther 6 पर समुदाय क्या साझा करता है
इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।
पिता, आपका धन्यवाद कि जो सेवा लोग भूल जाते हैं, वह आपकी नज़र में दर्ज रहती है। मोर्दकै को राजसी वस्त्र और घोड़ा उसी घड़ी मिला जब शत्रु उसके लिए फंदा तैयार कर रहा था। आप ही प्रतिष्ठा देते हैं, और सही समय पर चौक में पुकारते हैं। मैं भी चुपचाप आप पर भरोसा रखकर सेवा करता रहूँगा।
उसके लिए कुछ नहीं किया गया।" पाँच साल हो गए थे। मोर्दकै ने राजा की जान बचाई, और सब भूल गए। कोई इनाम नहीं, कोई धन्यवाद नहीं।
पर जो आदमी भूल गया, वह राजा था, परमेश्वर नहीं। ठीक उसी रात, ठीक उसी पन्ने पर राजा की नींद उड़ी।
तेरी सेवा जो किसी ने नहीं देखी, वह बही में लिखी है। समय उसका है, देर उसकी नहीं।
पिता, मेरे भीतर वह आवाज़ अक्सर बोलती है जो सोचती है कि सम्मान तो मुझे ही मिलना चाहिए। मुझे माफ़ कर। मेरा मन इतना छोटा न रहे कि दूसरों की खुशी मुझे चुभे। सिखा कि असली बड़ाई तेरे हाथ में है, और मैं चैन से तेरी मर्ज़ी में रहूँ।
हामान राजा के पास मोर्दकै के लिए फाँसी मँगवाने आया था, और जब राजा ने पूछा तो उसने सोचा बात उसी के बारे में है। "जिस पुरुष की प्रतिष्ठा राजा करना चाहता है," यह कहते हुए उसके मन में अपना ही चेहरा था। अपने बारे में बड़ी सोच रखना कितना खतरनाक है। कभी सोचो, परमेश्वर की बातों में तुम कहाँ अपने आप को रख देते हो?
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