मत्ती 13:44
पाठ
यीशु कहते हैं: "स्वर्ग का राज्य खेत में छिपे हुए धन के समान है, जिसे किसी मनुष्य ने पाकर छिपा दिया, और आनन्द के मारे जाकर अपना सब कुछ बेचकर उस खेत को मोल लिया।" एक आदमी, किसी और के खेत में, अचानक कुछ ऐसा पा लेता है जिसकी उसे तलाश नहीं थी। और उस खोज के बाद उसका पूरा जीवन एक ही दिशा में मुड़ जाता है।
कल्पना कीजिए: दोपहर की धूप, पसीने से भीगी पीठ, हल की नोक किसी कठोर चीज़ से टकराती है। वह झुकता है, मिट्टी हटाता है, और उसकी साँस रुक जाती है। कोई नहीं देख रहा। वह मिट्टी वापस डालता है, पैर से दबाता है, और घर की ओर लगभग दौड़ता हुआ लौटता है।
मर्म
ध्यान दीजिए कि यीशु उस आदमी की योग्यता के बारे में एक शब्द नहीं कहते। वह खोज नहीं रहा था, वह मज़दूरी कर रहा था। धन उसके परिश्रम का पुरस्कार नहीं, एक ठोकर थी। राज्य ऐसे ही आता है: पहले वह हमें मिलता है, फिर हम उसे पकड़ते हैं।
पर अगला हिस्सा उतना ही ज़रूरी है। "अपना सब कुछ बेचकर" — यह कोई त्याग की उदास सूची नहीं, यह "आनन्द के मारे" किया गया सौदा है। वह आदमी बलिदान नहीं कर रहा, वह मुनाफ़ा कमा रहा है। यहीं अनुग्रह और समर्पण एक-दूसरे से जुड़ते हैं: राज्य मुफ़्त मिलता है, और फिर सब कुछ माँग लेता है, और जिसने उसका मूल्य देख लिया है वह हँसते हुए चुकाता है।
बड़ी कहानी का सूत्र
बाइबल की कहानी में परमेश्वर हमेशा वही हैं जो पहले खोजते हैं। अदन में पहला सवाल "तू कहाँ है?" परमेश्वर के मुँह से निकला, मनुष्य के मुँह से नहीं। इस दृष्टान्त में मनुष्य खोजनेवाला है, पर वह भी संयोग से पाता है, क्योंकि धन वहाँ पहले से रखा गया था। किसी ने उसे छिपाया था।
और फिर एक उलटा पढ़ना भी संभव है, जो इस अध्याय से ही उभरता है: पद 38 में यीशु कहते हैं "खेत संसार है"। तो एक और मनुष्य है जिसने पूरा खेत खरीदने के लिए सचमुच अपना सब कुछ बेच दिया, यहाँ तक कि अपना जीवन, और इब्रानियों के लेखक के अनुसार उसने यह "आनन्द" के कारण किया। मसीह ने खेत मोल लिया ताकि उसमें छिपा धन उसका हो जाए।
दर्पण
यह दृष्टान्त हमारे हिसाब-किताब को उघाड़ देता है। हममें से ज़्यादातर लोग मसीह के पीछे चलने को एक किश्तों वाला कर्ज़ मानते हैं: हर महीने कुछ चुका दो, बाकी ज़िंदगी अपनी रहे। रविवार दिया, दशमांश दिया, अब बस। पर वह आदमी किश्तें नहीं बाँधता। वह घर, बैल, गहने, ज़मीन, सब बाज़ार में उतार देता है, और पड़ोसी उसे पागल कहते हैं।
आपके जीवन में वह "सब कुछ" क्या है? शायद वह पदोन्नति जिसके लिए आप परिवार को बंधक रख चुके हैं। शायद वह इज़्ज़त जो टूट जाएगी अगर आपने खुलकर कहा कि आप किसके हैं। शायद वह पुरानी शिकायत जिसे छोड़ना आपको लूट जैसा लगता है।
आज ही एक कागज़ पर वह एक चीज़ लिखिए जिसे बेचना आपको सबसे महँगा पड़ेगा, और उस कागज़ को हाथ में लेकर परमेश्वर के सामने ऊँची आवाज़ में पढ़िए।
पहले सुननेवाले
किनारे पर खड़ी भीड़ में ज़्यादातर लोग भूमिहीन थे। वे दूसरों के खेतों में काम करते थे, और खज़ाना पाने की कहानियाँ उनके लिए लोककथा नहीं, एक जीवित संभावना थीं। युद्ध, आक्रमण और कर-वसूली के उस देश में लोग सचमुच अपनी बचत मिट्टी के घड़ों में गाड़ देते थे, और अक्सर लौटकर उसे निकाल नहीं पाते थे।
तो जब यीशु ने यह कहा, तो सुननेवालों ने सिर हिलाया: हाँ, ऐसा होता है। पर उन्होंने यह भी सुना कि गरीब आदमी अमीर बना, और वह भी बिना किसी धार्मिक योग्यता के। यह उन शास्त्रियों के लिए धक्का था जो मानते थे कि राज्य में हिस्सा शिक्षा और शुद्धता से कमाया जाता है।
संदर्भ
यह दृष्टान्त उस लंबे दिन के अंत की ओर आता है जब यीशु नाव पर बैठकर भीड़ से बात कर चुके हैं। पद 36 में वे भीड़ छोड़कर घर में आ गए हैं। अब श्रोता सिर्फ़ चेले हैं।
यह मायने रखता है। बोनेवाले और जंगली बीज के दृष्टान्त भीड़ के लिए थे, पहेली की तरह। छिपे धन का दृष्टान्त उन लोगों के लिए है जो पहले ही सब छोड़कर चल पड़े हैं: मछुए जो जाल छोड़ आए, चुंगी लेनेवाला जो चौकी छोड़ आया। यीशु उन्हें ताना नहीं देते, वे उन्हें बताते हैं कि उन्होंने घाटे का नहीं, ज़बरदस्त फ़ायदे का सौदा किया है। यह थके हुए शिष्यों के लिए हिम्मत है, नए लोगों के लिए चेतावनी नहीं।
अन्य वचनों की गूँज
अगला दृष्टान्त इसका जुड़वाँ है और उसका विरोधाभास भी: "स्वर्ग का राज्य एक व्यापारी के समान है जो अच्छे मोतियों की खोज में था।" व्यापारी अमीर है और वर्षों से खोज रहा है; मज़दूर गरीब है और कुछ नहीं खोज रहा। दोनों "अपना सब कुछ" बेचते हैं। यीशु दोनों रास्तों को जगह देते हैं: जो जीवन भर सत्य ढूँढ़ता रहा है, और जो अचानक टकरा गया।
और इसी अध्याय में पद 22 का उलटा चेहरा भी है: "इस संसार की चिन्ता और धन का धोखा वचन को दबाता है।" वही धन जो झाड़ी बनकर गला घोंटता है, वहाँ नहीं बिका। यहाँ बिक गया, और आनन्द के साथ।
आपने पिछली बार कब मसीह के लिए कुछ छोड़ा और उसे नुकसान नहीं, फ़ायदा महसूस किया?
अगर कोई आपके खर्च और आपके कैलेंडर को देखे, तो उसे कौन-सा खज़ाना दिखाई देगा?
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