बाइबल व्याख्या

इफिसियों 2:10

बाइबल
यह वचन Omprakash vandewar द्वारा समर्पित है· abraham

पाठ

पौलुस अनुग्रह की बात कहते-कहते अचानक कर्मों पर लौट आते हैं, पर बिल्कुल उलटे क्रम में। हम परमेश्वर की बनाई हुई कारीगरी हैं, मसीह यीशु में नए सिरे से गढ़े गए, और गढ़े गए किसी उद्देश्य के लिए: "उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहले से हमारे करने के लिये तैयार किया।" यानी भले काम हमारे उद्धार की कीमत नहीं, उसका फल हैं; और वे फल भी हमने खुद नहीं सोचे, परमेश्वर ने पहले से रख छोड़े हैं। पद 9 में घमंड की जड़ काटी गई थी, पद 10 में आलस्य का बहाना छीना जा रहा है।

मर्म

यह पद दो खाइयों के बीच से रास्ता निकालता है। एक ओर वह धर्म जो कहता है, इतना कर लो तो परमेश्वर तुम्हें अपनाएँगे; दूसरी ओर वह सुविधाजनक कृपावाद जो कहता है, सब कुछ हो चुका, अब जीवन कैसा भी हो, फर्क नहीं पड़ता। पौलुस दोनों को नकारते हैं। हम "रचना" हैं, कारीगर के हाथ की वस्तु, अपनी आत्म-निर्मित पहचान नहीं। और हर रचना का एक प्रयोजन होता है, जैसे हथौड़ा ठोंकने के लिए बना है। परमेश्वर ने हमें मुर्दा हालत से जिलाया (पद 5) ताकि हम केवल बचे रहें नहीं, बल्कि चलें। अनुग्रह इसलिए मुफ्त है कि वह हमें खरीद ले, निठल्ला छोड़ने के लिए नहीं। भला काम इनाम की कोशिश नहीं, नए जीवन का स्वाभाविक श्वास है।

सूत्र

"सृजे गए" शब्द संयोग से नहीं आया। पौलुस उसी क्रिया का सहारा लेते हैं जिससे उत्पत्ति की कहानी शुरू होती है: शून्य में से, मिट्टी में से, परमेश्वर कुछ बनाते हैं और फिर उसे एक काम सौंपते हैं। आदम को बाग मिला, "जोतने और उसकी रखवाली करने" के लिए। पाप ने उस सौंपे हुए काम को श्रम और शर्म में बदल दिया। मसीह में परमेश्वर वही काम दोबारा शुरू करते हैं, पर अब मिट्टी से नहीं, कब्र से: "जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया।" इस्राएल के साथ भी यही क्रम था, पहले मिस्र से छुड़ाया, फिर सीनै पर आज्ञाएँ दीं; कभी उलटा नहीं। छुटकारा हमेशा पहले आता है, चाल-चलन उसके पीछे। पद 10 उस पुराने क्रम को नए सिरे से दोहराता है।

दर्पण

हममें से ज़्यादातर लोग "भले काम" शब्द सुनते ही कोई बड़ा, दिखने वाला काम सोचते हैं: मिशन यात्रा, बड़ा दान, कोई सेवा-प्रकल्प। पर जो काम परमेश्वर ने "पहले से तैयार" किया है, वह अक्सर हमारे कैलेंडर में रुकावट की तरह आता है। दफ्तर में वह सहकर्मी जिसकी बातें लंबी हैं और जिसकी माँ बीमार है। रात दस बजे बच्चे का वह सवाल जो टाला जा सकता था। वह पैसा जो आपने अपने लिए रखा था और जिसका कोई और ज़्यादा हकदार निकल आया। यह पद आराम भी देता है और खुरचता भी: आपको अपना उद्देश्य गढ़ना नहीं है, पर आपको उसे टालने का हक भी नहीं है। "मैं अनुग्रह से बचा हूँ" कहकर घर में कठोर ज़बान चलाते रहना इस पद के सामने टिक नहीं सकता।

आज सोने से पहले उस एक व्यक्ति का नाम कागज़ पर लिखिए जिसे आपने इस हफ्ते टाला है, और अभी उसे एक संदेश भेजकर पूछिए: इस हफ्ते मैं तुम्हारे लिए ठीक-ठीक क्या कर सकता हूँ।

बारीकी

"रचना" के लिए पौलुस यूनानी शब्द पोइएमा इस्तेमाल करते हैं, जिससे अंग्रेज़ी का "पोएम" बना है। यह किसी कारखाने से निकले माल का नाम नहीं, बल्कि उस चीज़ का जिसमें कारीगर ने अपना मन लगाया हो। यही शब्द पौलुस कहीं और सारी सृष्टि के लिए भी इस्तेमाल करते हैं, यानी जिस ध्यान से परमेश्वर ने आकाश और समुद्र बनाए, उसी ध्यान से वे आपको दोबारा गढ़ रहे हैं। और ध्यान दीजिए कि सिर्फ कारीगर ही नहीं, काम भी पहले से तैयार है। परमेश्वर ने केवल हमें बनाकर दुनिया में छोड़ नहीं दिया कि अब खुद अपना अर्थ ढूँढ़ो; उन्होंने रास्ता भी बिछा रखा है। हमारा काम रास्ता बनाना नहीं, उस पर चलना है।

अंतर्पाठ

पद 2 और पद 10 को साथ रखकर पढ़िए। पहले हम "इस संसार की रीति पर" चलते थे, एक ऐसी धारा में बहते जिसे हमने नहीं चुना था। अब भी हम एक ऐसे रास्ते पर चलते हैं जो हमने नहीं बनाया, पर उसका स्रोत बदल गया है। गुलामी की जगह सेवा ने ले ली है। याकूब जब कहते हैं कि कर्मों के बिना विश्वास मरा हुआ है, तो वे पौलुस से लड़ नहीं रहे; वे उसी सिक्के का दूसरा पहलू दिखा रहे हैं। पौलुस कहते हैं कर्म उद्धार की जड़ नहीं, याकूब कहते हैं कर्म उद्धार का प्रमाण हैं। दोनों मिलकर एक ही बात कहते हैं: जो जिलाया गया है, वह हिलता-डुलता है।

संदर्भ

इफिसुस एक समृद्ध बंदरगाह नगर था, अरतिमिस के विशाल मन्दिर और जादू-टोने के कारोबार का केंद्र। वहाँ "भले काम" एक तकनीकी शब्द था: धनी नागरिक सार्वजनिक इमारतें, खेल-तमाशे और अनाज-वितरण प्रायोजित करते, और बदले में पत्थर पर उनका नाम खुदता था। भला काम सम्मान खरीदने का ज़रिया था, और उसमें केवल ऊपरी तबका भाग ले सकता था। पौलुस जिस कलीसिया को लिख रहे हैं, उसमें दास, दस्तकार, यहूदी और अन्यजाति सब मिले हुए थे, ज़्यादातर ऐसे लोग जिनका नाम कभी किसी पत्थर पर नहीं खुदता। उनसे वे कहते हैं: तुम्हारे भले काम पहले से तैयार हैं, और उन्हें तैयार करने वाले ने उन्हें अपनी याद में लिख रखा है। सम्मान का बाज़ार बंद, पर सेवा का दरवाज़ा सबके लिए खुला।

चिंतन

पिछले सात दिनों में कौन-सा "तैयार किया हुआ काम" आपके रास्ते में आया था जिसे आपने रुकावट समझकर हटा दिया?

अगर आपकी पहचान आपकी उपलब्धियों से नहीं बल्कि इस बात से बनती है कि आप परमेश्वर के हाथ की कारीगरी हैं, तो आपके काम-काज में सबसे पहले क्या बदलेगा?

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स्वीकारोक्ति

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Ephesians 2:10 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

इफिसियों 2:10 का क्या अर्थ है?
पौलुस अनुग्रह की बात कहते-कहते अचानक कर्मों पर लौट आते हैं, पर बिल्कुल उलटे क्रम में। हम परमेश्वर की बनाई हुई कारीगरी हैं, मसीह यीशु में नए सिरे से गढ़े गए, और गढ़े गए किसी उद्देश्य के लिए: "उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहले से हमारे करने के लिये तैयार किया।" यानी भले काम हमारे उद्धार की कीमत नहीं, उसका फल हैं; और वे फल भी हमने खुद नहीं सोचे, परमेश्वर ने पहले से रख छोड़े हैं। पद 9 में घमंड की जड़ काटी गई थी, पद 10 में आलस्य का बहाना छीना जा रहा है।
इफिसियों 2:10 किस विषय में है?
"सृजे गए" शब्द संयोग से नहीं आया। पौलुस उसी क्रिया का सहारा लेते हैं जिससे उत्पत्ति की कहानी शुरू होती है: शून्य में से, मिट्टी में से, परमेश्वर कुछ बनाते हैं और फिर उसे एक काम सौंपते हैं। आदम को बाग मिला, "जोतने और उसकी रखवाली करने" के लिए। पाप ने उस सौंपे हुए काम को श्रम और शर्म में बदल दिया। मसीह में परमेश्वर वही काम दोबारा शुरू करते हैं, पर अब मिट्टी से नहीं, कब्र से: "जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया।" इस्राएल के साथ भी यही क्रम था, पहले मिस्र से छुड़ाया, फिर सीनै पर आज्ञाएँ दीं; कभी उलटा नहीं। छुटकारा हमेशा पहले आता है, चाल-चलन उसके पीछे। पद 10 उस पुराने क्रम को नए सिरे से दोहराता है।
इफिसियों 2:10 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
आज सोने से पहले उस एक व्यक्ति का नाम कागज़ पर लिखिए जिसे आपने इस हफ्ते टाला है, और अभी उसे एक संदेश भेजकर पूछिए: इस हफ्ते मैं तुम्हारे लिए ठीक-ठीक क्या कर सकता हूँ।
इफिसियों 2:10 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
पद 2 और पद 10 को साथ रखकर पढ़िए। पहले हम "इस संसार की रीति पर" चलते थे, एक ऐसी धारा में बहते जिसे हमने नहीं चुना था। अब भी हम एक ऐसे रास्ते पर चलते हैं जो हमने नहीं बनाया, पर उसका स्रोत बदल गया है। गुलामी की जगह सेवा ने ले ली है। याकूब जब कहते हैं कि कर्मों के बिना विश्वास मरा हुआ है, तो वे पौलुस से लड़ नहीं रहे; वे उसी सिक्के का दूसरा पहलू दिखा रहे हैं। पौलुस कहते हैं कर्म उद्धार की जड़ नहीं, याकूब कहते हैं कर्म उद्धार का प्रमाण हैं। दोनों मिलकर एक ही बात कहते हैं: जो जिलाया गया है, वह हिलता-डुलता है।
इफिसियों 2:10 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
पिछले सात दिनों में कौन-सा "तैयार किया हुआ काम" आपके रास्ते में आया था जिसे आपने रुकावट समझकर हटा दिया?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Ephesians 2 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 17

पिता, तू उन तक भी आया जो तुझसे बहुत दूर खड़े थे, और उन तक भी जो पास थे। मैं अक्सर खुद को दूर महसूस करता हूँ, फिर भी तेरी शांति की आवाज़ मुझ तक पहुँचती है। मुझे सुनने दे, और तेरे पास लौटने का साहस दे।

प्रार्थना संपादकीय पर पद 11

पिता, मुझे याद है कि एक समय मैं दूर था, बाहर खड़ा, तेरे लोगों में गिना भी नहीं जाता था। पर तूने मुझे भुलाया नहीं। यह याद मुझे घमंडी होने से बचाए और नरम बनाए, ताकि मैं भी किसी को बाहर का न समझूँ।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

उस समय तुम मसीह से अलग... और आशाहीन और जगत में परमेश्वर रहित थे।" पौलुस चाहता है कि तुम अपना पुराना पता याद रखो। जहाँ कोई वादा नहीं था, कोई घर नहीं था। यह याद इसलिए नहीं कि तुम शर्मिंदा रहो, बल्कि इसलिए कि आज जो तुम्हारे पास है वह तुमने कमाया नहीं, वह तुम्हें दिया गया है। कभी सोचा है, अगर मसीह न मिलते तो आज तुम कहाँ खड़े होते?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 20

जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है।" कोने का पत्थर वह होता है जिससे हर दीवार की सीधाई नापी जाती है। अगर वह टेढ़ा हो, पूरी इमारत टेढ़ी हो जाती है। सोच, तेरी ज़िंदगी में किस चीज़ से तू नाप रहा है, लोगों की राय से, अपनी समझ से, या मसीह से? तू अकेली ईंट नहीं है, तू एक घर का हिस्सा है जिसे परमेश्वर खुद जोड़ रहा है।

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