होशे 3
पाठ
परमेश्वर होशे से कहते हैं कि वह एक ऐसी स्त्री से फिर प्रीति करे जो व्यभिचारिणी है, पर किसी और के प्रेम में डूबी हुई है। होशे उसे चाँदी और जौ देकर मोल लेता है, और कहता है कि वह बहुत दिनों तक अलग बैठी रहे, न व्यभिचार करे, न किसी और की हो। यह इस्राएल की तस्वीर है, जो लंबे समय तक बिना राजा, बिना पूजा, बिना मूरतों के रहेगा, और अंत में लौटकर परमेश्वर और दाऊद के वंश को थरथराते हुए ढूँढ़ेगा।
केंद्र
यह अध्याय परमेश्वर के प्रेम की उस परत को खोलता है जिसे हम अक्सर मानने से बचते हैं: वे उसी से प्रीति करते हैं जिसने उन्हें छोड़ा है, और जो अब भी लौटा नहीं है। "अपने प्रिय की प्यारी हो" यहाँ का सबसे तीखा वाक्यांश है, वह स्त्री किसी और के प्रेम में है, फिर भी होशे को कहा जाता है कि जा, प्रीति कर। यह प्रेम भावुक नहीं, आदेश है। और परमेश्वर स्वयं को इस आदेश के भीतर रखते हैं। वे इस्राएल के दुष्ट व्यवहार के बावजूद नहीं, बल्कि उसके बीचोंबीच प्रीति रखते हैं। अनुग्रह यहाँ कोई मीठा शब्द नहीं, यह मोल है, चाँदी के पन्द्रह टुकड़े, डेढ़ होमेर जौ, एक गुलाम की कीमत।
सामान्य सूत्र
होशे अपनी पत्नी को मोल लेता है, जैसे वह पहले से उसकी न हो। यह छुड़ौती का चित्र है, और पूरे बाइबल की धारा इसी दिशा में बहती है। परमेश्वर अपनी प्रजा को मिस्र से मोल लेते हैं, बाबुल से लौटाते हैं, और अंततः क्रूस पर मसीह के लहू से मोल लेते हैं। पद 5 में "अपने राजा दाऊद को फिर ढूँढ़ने लगेंगे" कहा गया है, पर दाऊद तो सदियों पहले मर चुका था। होशे उस दाऊद की बात कर रहा है जो आने वाला था, दाऊद का पुत्र, मसीह। "अन्त के दिनों में" शब्द इसे और स्पष्ट कर देते हैं। यह अध्याय क्रूस की छाया है, जहाँ हमें फिर से मोल लिया गया, हमारी योग्यता से नहीं, कीमत से।
दर्पण
यहाँ रुकिए। वह स्त्री आप हैं। और शायद आप को यह सुनना पसंद नहीं। आप चर्च जाते हैं, बाइबल पढ़ते हैं, समूह चलाते हैं, फिर भी आपके भीतर कोई ऐसी चीज़ है जिससे आप "किशमिश की टिकियों" की तरह प्रेम करते हैं, कोई छोटी मिठास, कोई सुरक्षा, कोई मान्यता, कोई रिश्ता, कोई महत्वाकांक्षा जिसे आप परमेश्वर से ऊपर रखते हैं और स्वयं को समझाते हैं कि यह भी तो उन्हीं की ओर से है। पद 3 काटता है: "तू बहुत दिन तक मेरे लिये बैठी रहना।" कभी-कभी अनुग्रह का पहला रूप सन्नाटा होता है, वह लंबा समय जब परमेश्वर आपको खींचकर बैठा देते हैं, न पुराने पापों में लौटने देते हैं, न नए रोमांच देते हैं। यह सूखा नहीं, यह प्रेम है। मोल आपका चुकाया जा चुका है, अब आप बैठिए।
प्रोफ़ाइल
होशे के पहले सुनने वाले उत्तरी राज्य इस्राएल के लोग थे, जो आर्थिक रूप से समृद्ध थे, बालदेवता की उपासना करते थे, और अपनी राजनीतिक चालाकी पर गर्व करते थे। "किशमिश की टिकियाँ" कोई अजीब मुहावरा नहीं, ये उर्वरता-पूजा के त्योहारों में खाई जाती थीं, कनानी धर्म का प्रतीक। जब होशे अपनी पत्नी को सार्वजनिक रूप से मोल लेता है, तो पूरे नगर ने देखा होगा, एक भविष्यद्वक्ता की शर्म, एक जीवित नाटक। पद 4 उनके लिए भयानक भविष्यवाणी थी: बिना राजा, बिना यज्ञ, बिना एपोद। यानी राजनीति, धर्म, हर संरचना ढह जाएगी। और यह पूरा हुआ, अश्शूर आया, दस गोत्र बिखर गए। पर पद 5 आशा है, कि वह बिखराव ही उन्हें दाऊद के पास लौटाएगा।
विवरण
चाँदी के पन्द्रह टुकड़े और डेढ़ होमेर जौ, इस पर ठहरिए। तीस चाँदी के टुकड़े एक गुलाम की पूरी कीमत थी (निर्गमन 21:32)। होशे आधी कीमत चाँदी में देता है, बाकी जौ में, जो गरीबों का अनाज था, पशुओं का चारा भी। यह पूरी कीमत नहीं, अधूरी कीमत है, जितनी होशे जुटा सका। और शायद यही बात है, वह उसे "मोल" ले रहा है जो पहले से उसकी पत्नी थी। यह विचित्र है, अपने ही को खरीदना। पर यह ठीक वही है जो परमेश्वर करते हैं। जो उनकी थी, उसे वे फिर से मोल लेते हैं, इस बार पूरी कीमत पर, जौ से नहीं, अपने पुत्र के लहू से।
अन्य पाठों से संबंध
यहाँ लूका 15 का उड़ाऊ पुत्र गूँजता है, वह बेटा जो पिता से दूर गया, सूअरों के साथ रहा, और अंत में लौटा। पर होशे 3 का चित्र और भी असहज है, क्योंकि यहाँ पिता जाकर बेटे को मोल लेता है। और 1 पतरस 1:18-19 का वह वचन याद आता है, "तुम्हारा छुटकारा चाँदी सोने से नहीं, पर मसीह के लहू से हुआ।" होशे की चाँदी और जौ उस अंतिम कीमत की भूमिका थी। पद 5 का "थरथराते हुए आएँगे" रोमियों 2:4 से मिलता है, जहाँ पौलुस कहते हैं परमेश्वर की करुणा ही मनुष्य को मन फिराव तक ले आती है। डर नहीं, प्रेम की गहराई से थरथराना।
चिंतन
*आपके जीवन में वे "किशमिश की टिकियाँ" क्या हैं, जो मीठी लग
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Hosea 3 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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