6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

1 कुरिन्थियों 9

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

पौलुस एक सिपाही जैसा था। नहीं, उसके हाथ में तलवार नहीं थी। उसके हाथ में एक खबर थी, यीशु मसीह की खुशखबरी। पौलुस ने पूछा, "क्या मैं स्वतंत्र नहीं? क्या मैंने प्रभु यीशु को नहीं देखा?" वह सचमुच एक प्रेरित था, यीशु का भेजा हुआ दूत।

एक प्रेरित के पास कुछ अधिकार होते हैं। जैसे एक सिपाही अपनी तनख्वाह पाता है। जैसे कोई दाख की बारी लगाता है तो उसका फल खाता है। जैसे कोई भेड़ों की रखवाली करता है तो उनका दूध पीता है। पौलुस कह रहा था, "मुझे भी खाने-पीने का अधिकार है, क्योंकि मैं तुम्हारे लिये सुसमाचार सुनाता हूँ।"

पर पौलुस ने कुछ अजीब किया। उसने यह अधिकार इस्तेमाल ही नहीं किया! उसने कहा, "मैं इनमें से कोई भी बात काम में न लाया।" वह पैसे नहीं माँगता था। क्यों? ताकि यीशु की खुशखबरी सुनाने में कोई रुकावट न आए। क्या तुमने कभी किसी को अपना हक छोड़ते देखा, सिर्फ इसलिए कि कोई ज़रूरी काम हो जाए?

What Does This Mean?

पौलुस का दिल बड़ा था। उसने लिखा, "मैं सबसे स्वतंत्र होने पर भी अपने आपको सब का दास बना दिया।" सोचो, वह राजा जैसा स्वतंत्र था, पर उसने अपने आपको एक सेवक बना दिया।

वह यहूदियों के बीच यहूदी जैसा बना। जो व्यवस्था मानते थे, उनके बीच वैसा बना। जो कमज़ोर थे, उनके लिए कमज़ोर जैसा बना। यह सब क्यों? ताकि वह हर तरह के लोगों को यीशु के पास ले आए। वह बदलता नहीं था क्योंकि डरता था, वह बदलता था क्योंकि प्यार करता था।

The Common Thread

पौलुस ने अपनी दौड़ की बात कही। "दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, पर इनाम एक ही ले जाता है।" वह एक पहलवान की तरह अपने शरीर को वश में रखता था, एक मुकुट के लिए जो कभी मुरझाता नहीं।

यह सारी बात असल में यीशु की तरफ इशारा करती है। यीशु भी स्वतंत्र था, वह परमेश्वर का पुत्र था, राजाओं का राजा था। फिर भी उसने अपने आपको सबका सेवक बनाया। वह हमारे पास आया, हमारे जैसा बना, ताकि हमें बचा सके। पौलुस वही कर रहा था जो उसके प्रभु ने पहले किया था।

For You

क्या तुम्हारे पास भी कोई ऐसी चीज़ है जो तुम्हारा हक है? शायद खेलने की बारी, शायद सबसे अच्छा टुकड़ा। कभी-कभी परमेश्वर चाहते हैं कि तुम वह हक किसी और के लिए छोड़ दो। जैसे अपनी बारी किसी छोटे भाई को दे देना। जैसे अपना खिलौना किसी दोस्त के साथ बाँटना, भले ही तुम्हारा मन न हो।

पौलुस कहता, यह मुश्किल है, पर यह प्यार है। और यीशु ने तो हमारे लिए सबसे बड़ा हक छोड़ दिया, अपना स्वर्ग का घर, ताकि हम उसके साथ रह सकें। तुम भी उस दौड़ में दौड़ सकते हो, छोटे-छोटे कदमों से।

Talk About It

तुम्हारे पास कौन सी एक चीज़ है जो तुम किसी दोस्त के लिए छोड़ सकते हो?

पौलुस ने अपना हक क्यों छोड़ा? सोचो, उसके दिल में क्या चल रहा था?

Praying Together

प्रभु यीशु, आपने हमारे लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया। हमें भी ऐसा दिल दीजिए जो दूसरों से प्यार करे। हमें सिखाइए कि कभी-कभी अपना हक छोड़ना कितना अच्छा लगता है। आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

1 कुरिन्थियों 9 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 कुरिन्थियों 9 किस विषय में है?
पौलुस एक सिपाही जैसा था। नहीं, उसके हाथ में तलवार नहीं थी। उसके हाथ में एक खबर थी, यीशु मसीह की खुशखबरी। पौलुस ने पूछा, "क्या मैं स्वतंत्र नहीं? क्या मैंने प्रभु यीशु को नहीं देखा?" वह सचमुच एक प्रेरित था, यीशु का भेजा हुआ दूत।
1 कुरिन्थियों 9 क्या कहता है?
पर पौलुस ने कुछ अजीब किया। उसने यह अधिकार इस्तेमाल ही नहीं किया! उसने कहा, "मैं इनमें से कोई भी बात काम में न लाया।" वह पैसे नहीं माँगता था। क्यों? ताकि यीशु की खुशखबरी सुनाने में कोई रुकावट न आए। क्या तुमने कभी किसी को अपना हक छोड़ते देखा, सिर्फ इसलिए कि कोई ज़रूरी काम हो जाए?
1 कुरिन्थियों 9 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
वह यहूदियों के बीच यहूदी जैसा बना। जो व्यवस्था मानते थे, उनके बीच वैसा बना। जो कमज़ोर थे, उनके लिए कमज़ोर जैसा बना। यह सब क्यों? ताकि वह हर तरह के लोगों को यीशु के पास ले आए। वह बदलता नहीं था क्योंकि डरता था, वह बदलता था क्योंकि प्यार करता था।
बच्चे 1 कुरिन्थियों 9 से क्या सीख सकते हैं?
यह सारी बात असल में यीशु की तरफ इशारा करती है। यीशु भी स्वतंत्र था, वह परमेश्वर का पुत्र था, राजाओं का राजा था। फिर भी उसने अपने आपको सबका सेवक बनाया। वह हमारे पास आया, हमारे जैसा बना, ताकि हमें बचा सके। पौलुस वही कर रहा था जो उसके प्रभु ने पहले किया था।
1 कुरिन्थियों 9 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पौलुस कहता, यह मुश्किल है, पर यह प्यार है। और यीशु ने तो हमारे लिए सबसे बड़ा हक छोड़ दिया, अपना स्वर्ग का घर, ताकि हम उसके साथ रह सकें। तुम भी उस दौड़ में दौड़ सकते हो, छोटे-छोटे कदमों से।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 25

हर एक पहलवान सब प्रकार का संयम करता है," पौलुस कहता है। खिलाड़ी जानता है कि कौन सी चीज़ उसे धीमा कर देगी, और वह उसे छोड़ देता है। उसका इनाम? पत्तों का एक मुकुट, जो कुछ दिनों में सूख जाता है।

तू किस बात के लिए खुद को रोक रहा है? अगर एक मुरझानेवाले मुकुट के लिए इतना अनुशासन संभव है, तो जो कभी नहीं मुरझाता, उसके लिए तेरा "ना" कहना कितना हल्का हो जाता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

पौलुस पूछता है, "क्या हमें यह अधिकार नहीं, कि किसी मसीही बहन को विवाह करके साथ लिये फिरें, जैसा अन्य प्रेरित और प्रभु के भाई और कैफा करते हैं?" उसके पास यह हक था, फिर भी उसने इसे छोड़ दिया। सोचो, वह अकेलापन उसने किसी मजबूरी में नहीं, प्रेम में चुना। तुम्हारे पास भी कुछ ऐसा है जो तुम्हारा हक है, पर क्या मसीह के लिए तुम उसे जाने दे सकते हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 2

पौलुस के पास कोई प्रमाणपत्र नहीं था, कोई सिफारिशी चिट्ठी नहीं। उसने कहा, "तुम प्रभु में मेरी प्रेरिताई पर छाप हो।" उसका सबूत कागज़ नहीं, बदले हुए लोग थे।

सोचो, तुम्हारी सेवा का सबूत क्या है? शायद वह कोई नाम या पद नहीं, बल्कि वह एक इंसान है जो तुम्हारे कारण यीशु को जान पाया।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास नन्हे बच्चों (3-5 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे ऊपर) के लिए अलग संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें