6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

निर्गमन 19

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

इस्राएली लोग मिस्र देश से निकल आए थे। चलते चलते तीन महीने बीत गए। अब वे एक बड़े पहाड़ के पास आ पहुँचे, जिसका नाम सीनै पर्वत था। वहाँ उन्होंने अपने तंबू खड़े किए।

मूसा पहाड़ पर चढ़ गया, क्योंकि परमेश्वर ने उसे बुलाया था। परमेश्वर ने कहा, "तुमने देखा कि मैंने मिस्रियों के साथ क्या किया। मैं तुम्हें उकाब पक्षी के पंखों पर चढ़ाकर अपने पास ले आया।" क्या तुमने कभी उकाब पक्षी को देखा है? वह बहुत ऊँचा उड़ता है, और अपने बच्चों को बड़ी सावधानी से उठाकर ले जाता है। परमेश्वर कह रहे थे, "मैंने तुम्हारी ऐसे ही रक्षा की।"

फिर परमेश्वर ने एक वादा किया। अगर इस्राएली लोग उनकी बात मानें, तो वे परमेश्वर की अपनी खास प्रजा बनेंगे। मूसा नीचे आया और यह बात लोगों को बताई। सब लोगों ने मिलकर कहा, "जो कुछ यहोवा ने कहा है, वह सब हम करेंगे।"

अब कुछ अद्भुत होने वाला था। परमेश्वर ने मूसा से कहा कि लोग खुद को तैयार करें, अपने कपड़े धोएँ, और तीसरे दिन की राह देखें। क्योंकि उस दिन परमेश्वर खुद पहाड़ पर उतरने वाले थे।

मूसा ने एक और बात कही, जो सुनने में डरावनी थी। किसी को भी पहाड़ को छूना नहीं था। जो छूए, वह मारा जाए। पहाड़ के चारों ओर एक बाड़ा बाँधा गया, ताकि कोई गलती से भी वहाँ न पहुँच जाए।

तीसरा दिन आया। सुबह होते ही आसमान में बादल गरजने लगे। बिजली चमकी। पहाड़ पर काली घटा छा गई। फिर एक जोरदार तुरही की आवाज सुनाई दी, इतनी तेज़ कि छावनी में हर कोई काँप उठा। सोचो, कैसा लगा होगा वह दिन! जमीन हिल रही थी, आसमान गरज रहा था।

मूसा लोगों को पहाड़ के पास ले गया। पूरा पहाड़ धुएँ से भर गया था, जैसे किसी बड़ी भट्ठी से धुआँ उठता है। परमेश्वर आग में होकर उतरे थे। तुरही की आवाज और भी तेज़ होती गई। मूसा बोला, और परमेश्वर ने उसे उत्तर दिया।

परमेश्वर ने मूसा को पहाड़ की चोटी पर बुलाया। फिर कहा, "नीचे जाकर लोगों को चेतावनी दे, कि वे बाड़ा तोड़कर पास न आएँ।" मूसा नीचे गया और यह बात लोगों को समझाई।

What Does This Mean?

यह दिन इस्राएल के लिए सबसे खास दिन था। परमेश्वर खुद पास आए, आग और बादल और गरज के साथ। यह दिखाता है कि परमेश्वर कितने महान और पवित्र हैं। वे खिलौने जैसे नहीं हैं जिनसे मन चाहे जैसे खेला जाए। वे राजाओं के राजा हैं, और फिर भी वे अपने लोगों से बात करना चाहते हैं। इसीलिए बाड़ा बाँधा गया, ताकि लोग समझें कि परमेश्वर के पास आना एक गंभीर बात है, पर डरावनी नहीं, बल्कि आदरयुक्त बात है।

The Common Thread

बहुत बाद में, एक और पहाड़ी इलाके में, परमेश्वर का पुत्र यीशु मसीह आया। उनके पास कोई बाड़ा नहीं था। बीमार लोग, बच्चे, और पापी लोग सीधे उनके पास आ सकते थे। यीशु ने रास्ता खोल दिया, जो सीनै पर्वत पर बंद था। अब हम परमेश्वर से डरे बिना, पर आदर के साथ, उनके पास आ सकते हैं, क्योंकि यीशु ने हमारे लिए रास्ता बनाया।

For You

जब तुम प्रार्थना करते हो, याद रखना कि तुम उसी महान परमेश्वर से बात कर रहे हो, जिसने पहाड़ को हिला दिया था। पर तुम्हें डरने की जरूरत नहीं, क्योंकि यीशु के कारण तुम आराम से उनके पास आ सकते हो। आज किसी को बताओ कि परमेश्वर कितने महान हैं, और फिर भी वे तुमसे बात करना चाहते हैं।

Talk About It

तुम्हें क्या लगता है, उस दिन पहाड़ के पास खड़े होना कैसा लगा होगा?

यीशु ने हमारे लिए परमेश्वर के पास आना आसान कैसे बनाया?

Praying Together

प्रभु, आप कितने महान हैं, जैसे उस दिन सीनै पर्वत पर दिखा। धन्यवाद कि यीशु के कारण हम डरे बिना आपके पास आ सकते हैं। हमें अपनी बात सुनने और मानने में मदद दीजिए। आमीन।

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निर्गमन 19 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

निर्गमन 19 किस विषय में है?
इस्राएली लोग मिस्र देश से निकल आए थे। चलते चलते तीन महीने बीत गए। अब वे एक बड़े पहाड़ के पास आ पहुँचे, जिसका नाम सीनै पर्वत था। वहाँ उन्होंने अपने तंबू खड़े किए।
निर्गमन 19 क्या कहता है?
अब कुछ अद्भुत होने वाला था। परमेश्वर ने मूसा से कहा कि लोग खुद को तैयार करें, अपने कपड़े धोएँ, और तीसरे दिन की राह देखें। क्योंकि उस दिन परमेश्वर खुद पहाड़ पर उतरने वाले थे।
निर्गमन 19 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
मूसा लोगों को पहाड़ के पास ले गया। पूरा पहाड़ धुएँ से भर गया था, जैसे किसी बड़ी भट्ठी से धुआँ उठता है। परमेश्वर आग में होकर उतरे थे। तुरही की आवाज और भी तेज़ होती गई। मूसा बोला, और परमेश्वर ने उसे उत्तर दिया।
बच्चे निर्गमन 19 से क्या सीख सकते हैं?
बहुत बाद में, एक और पहाड़ी इलाके में, परमेश्वर का पुत्र यीशु मसीह आया। उनके पास कोई बाड़ा नहीं था। बीमार लोग, बच्चे, और पापी लोग सीधे उनके पास आ सकते थे। यीशु ने रास्ता खोल दिया, जो सीनै पर्वत पर बंद था। अब हम परमेश्वर से डरे बिना, पर आदर के साथ, उनके पास आ सकते हैं, क्योंकि यीशु ने हमारे लिए रास्ता बनाया।
निर्गमन 19 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
यीशु ने हमारे लिए परमेश्वर के पास आना आसान कैसे बनाया?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

मूसा पहाड़ से उतरकर सीधे लोगों के पास आया: "तब मूसा ने आकर लोगों के पुरनियों को बुलवाया, और ये सब बातें जो यहोवा ने उसे आज्ञा दी थीं उनको कह सुनाईं।" सब बातें। कुछ छाँटा नहीं, कुछ अपने पास नहीं रखा। परमेश्वर से मिलना निजी खजाना नहीं होता। जो तूने प्रार्थना में सुना है, क्या तू उसे अपने लोगों तक ले जाता है, या पहाड़ पर ही छोड़ आता है?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास नन्हे बच्चों (3-5 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे ऊपर) के लिए अलग संस्करण भी हैं।

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