3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

निर्गमन 19

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

परमेश्वर की व्याख्या

बहुत गरमी थी। रेत में चलते-चलते लोग थक गए थे। बच्चे भी थके थे। पर आज कुछ खास होने वाला था।

इस्राएली लोग एक बड़े पहाड़ के पास आए। उसका नाम था सीनै पर्वत। वे वहीं रुक गए। अपने तंबू लगाए। पहाड़ उनके सामने खड़ा था, ऊँचा और शांत।

मूसा पहाड़ पर चढ़ गया। वहाँ परमेश्वर उससे बोले। परमेश्वर ने कहा, "मैंने तुम्हें उकाब पक्षी के पंखों पर चढ़ाकर अपने पास लाया है।" सोचो, जैसे माँ अपने छोटे बच्चे को गोद में उठाकर ले आती है। ऐसे ही परमेश्वर अपने लोगों को लाए थे।

मूसा नीचे आया। उसने सब लोगों को यह बात बताई। और लोग क्या बोले? सब मिलकर एक साथ बोले, "जो कुछ यहोवा ने कहा है, वह सब हम करेंगे।"

इसका मतलब क्या है?

फिर परमेश्वर ने कहा, "मैं बादल में होकर तुम्हारे पास आऊँगा।" लोगों को तैयार होना था। उन्होंने अपने कपड़े धोए। साफ हो गए। तीसरे दिन का इंतज़ार किया।

और फिर वह दिन आया। सुबह-सुबह आकाश में बादल गरजे। बिजली चमकी। काली घटा पहाड़ पर छा गई। और एक तुरही बजी, बहुत ज़ोर से, बहुत देर तक। लोग थर-थर काँपने लगे। पूरा पहाड़ धुएँ से भर गया, जैसे भट्ठी से धुआँ उठता है। पूरा पहाड़ काँप रहा था।

मूसा लोगों को पहाड़ के पास ले गया। सब वहीं नीचे खड़े हो गए। परमेश्वर आग में होकर पहाड़ पर उतरे थे। कोई भी पहाड़ को छू नहीं सकता था। इतने पवित्र थे परमेश्वर।

समान सूत्र

परमेश्वर बहुत महान हैं। इतने महान कि लोग पहाड़ के पास भी नहीं आ सकते थे। पर वही परमेश्वर अपने लोगों से प्यार से बात करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने मूसा को बीच में भेजा। मूसा लोगों के लिए पहाड़ पर गया, और परमेश्वर की बात लेकर नीचे आया।

बहुत साल बाद, परमेश्वर ने अपने बेटे यीशु को भेजा। यीशु भी हमारे और परमेश्वर के बीच में आए। पर यीशु के साथ हम डर कर दूर नहीं खड़े होते। यीशु हमें पास बुलाते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुमने कभी तेज़ गरज सुनी है? कैसा लगा? इस्राएली लोग भी ऐसे ही डर गए थे। पर परमेश्वर उनसे दूर भागने के लिए नहीं आए थे। वे उनसे बात करने आए थे, क्योंकि वे उनसे प्यार करते थे।

परमेश्वर आज भी हमसे बात करना चाहते हैं। जब तुम बाइबल सुनते हो, परमेश्वर तुमसे बोल रहे हैं।

बात करें

क्या तुम्हें याद है परमेश्वर ने इस्राएलियों को किस पक्षी के पंखों से उठाकर लाने की बात कही?

जब पहाड़ काँपा और तुरही बजी, तुम्हें कैसा लगता अगर तुम वहाँ खड़े होते?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप बहुत महान हैं। और फिर भी आप हमसे बात करते हैं। धन्यवाद कि आप हमें प्यार करते हैं। आमीन।

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निर्गमन 19 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

निर्गमन 19 किस विषय में है?
बहुत गरमी थी। रेत में चलते-चलते लोग थक गए थे। बच्चे भी थके थे। पर आज कुछ खास होने वाला था।
निर्गमन 19 क्या कहता है?
मूसा नीचे आया। उसने सब लोगों को यह बात बताई। और लोग क्या बोले? सब मिलकर एक साथ बोले, "जो कुछ यहोवा ने कहा है, वह सब हम करेंगे।"
निर्गमन 19 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
मूसा लोगों को पहाड़ के पास ले गया। सब वहीं नीचे खड़े हो गए। परमेश्वर आग में होकर पहाड़ पर उतरे थे। कोई भी पहाड़ को छू नहीं सकता था। इतने पवित्र थे परमेश्वर।
नन्हे बच्चे निर्गमन 19 से क्या सीख सकते हैं?
क्या तुमने कभी तेज़ गरज सुनी है? कैसा लगा? इस्राएली लोग भी ऐसे ही डर गए थे। पर परमेश्वर उनसे दूर भागने के लिए नहीं आए थे। वे उनसे बात करने आए थे, क्योंकि वे उनसे प्यार करते थे।
निर्गमन 19 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब पहाड़ काँपा और तुरही बजी, तुम्हें कैसा लगता अगर तुम वहाँ खड़े होते?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

मूसा पहाड़ से उतरकर सीधे लोगों के पास आया: "तब मूसा ने आकर लोगों के पुरनियों को बुलवाया, और ये सब बातें जो यहोवा ने उसे आज्ञा दी थीं उनको कह सुनाईं।" सब बातें। कुछ छाँटा नहीं, कुछ अपने पास नहीं रखा। परमेश्वर से मिलना निजी खजाना नहीं होता। जो तूने प्रार्थना में सुना है, क्या तू उसे अपने लोगों तक ले जाता है, या पहाड़ पर ही छोड़ आता है?

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