7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

अय्यूब 39

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

अय्यूब ने बहुत कुछ खो दिया था। उसके बच्चे, उसका धन, उसका स्वास्थ्य। महीनों तक उसने परमेश्वर से पूछा: क्यों? और अब, आखिरकार, परमेश्वर बोलते हैं। लेकिन वे अय्यूब के सवाल का जवाब नहीं देते। वे उलटे सवाल पूछते हैं। और वे अय्यूब को अपने साथ जंगल में ले जाते हैं।

पहले पहाड़ों पर। ऊँचाई पर, जहाँ कोई इंसान नहीं जाता, जंगली बकरियाँ अपने बच्चे देती हैं। "क्या तू जानता है कि पहाड़ पर की जंगली बकरियाँ कब बच्चे देती हैं?" कोई चरवाहा वहाँ खड़ा नहीं होता। कोई गिनती नहीं रखता। फिर भी बच्चे पैदा होते हैं, मज़बूत होते हैं, और मैदान में भाग जाते हैं और लौटकर नहीं आते।

फिर जंगली गधा। परमेश्वर कहते हैं कि उन्होंने ही उसके बन्धन खोले हैं। यह जानवर सूखी, नमकीन ज़मीन में रहता है और शहर के शोर पर हँसता है। कोई उसे हाँक नहीं सकता।

फिर जंगली साँड़। परमेश्वर पूछते हैं: क्या वह तेरे खेत में हल चलाएगा? क्या तू उसे रस्सी से बाँधकर काम पर लगा सकता है? नहीं। वह ताकतवर है, लेकिन उसकी ताकत तुम्हारे लिए नहीं है।

फिर शुतुर्मुर्ग। यह हिस्सा पढ़ने में अजीब लगता है। यह पक्षी अपने अंडे ज़मीन पर छोड़ देता है, धूल में, और चिंता नहीं करता कि कोई उन्हें कुचल देगा। परमेश्वर खुद कहते हैं कि उन्होंने "उसको बुद्धिरहित बनाया।" और फिर भी, जब वह दौड़ने लगता है और पंख फैलाता है, तो सबसे तेज़ घोड़ा और उसका सवार पीछे रह जाते हैं।

फिर घोड़ा, जिसका वर्णन सबसे लंबा है। उसकी गर्दन के लहराते बाल, उसकी फूँक जो डरावनी लगती है, उसका टापें मारना। वह डर की बात पर हँसता है। जब युद्ध का नरसिंगा बजता है, वह हिन-हिन करता है और लड़ाई की गंध दूर से सूँघ लेता है।

और आखिर में बाज और उकाब, जो चट्टान की चोटी पर घोंसला बनाते हैं और अपनी तेज़ आँखों से दूर तक शिकार ताक लेते हैं। यह भी कोमल तस्वीर नहीं है: उनके बच्चे लहू चूसते हैं।

What Does This Mean?

ध्यान दो कि परमेश्वर अय्यूब को क्या दिखाते हैं। सुंदर बगीचे नहीं। पालतू जानवर नहीं। वे उसे वह सब दिखाते हैं जो जंगली है, जो इंसान के काबू से बाहर है, जो इंसान के काम भी नहीं आता।

क्यों? मुझे लगता है इसलिए कि अय्यूब सोच रहा था कि दुनिया इंसान के इर्द-गिर्द घूमती है, और इसलिए उसे समझ में आनी चाहिए। परमेश्वर कहते हैं: देख, मेरी दुनिया तेरी समझ से बहुत बड़ी है। ऐसे कोने हैं जिन्हें तूने कभी नहीं देखा, और वहाँ भी मैं हूँ। मैं वहाँ बकरी के बच्चों के जन्म पर नज़र रखता हूँ जहाँ कोई इंसान नहीं देखता।

और यहाँ कुछ ईमानदारी की बात। परमेश्वर अय्यूब को यह नहीं बताते कि उसके बच्चे क्यों मरे। वे उसका "क्यों" का जवाब नहीं देते। यह मुश्किल है, और बाइबल इसे मुश्किल ही छोड़ देती है। लेकिन परमेश्वर कुछ और देते हैं: वे खुद आते हैं और बोलते हैं। जो चुप था, वह अब अय्यूब के साथ बात कर रहा है।

The Common Thread

बहुत साल बाद यीशु मसीह पहाड़ पर बैठे और लोगों से कहा कि वे आकाश के पक्षियों को देखें और खेत के फूलों को। वही आवाज़, वही तरीका: सृष्टि की ओर देखो, और अपने पिता को पहचानो।

लेकिन एक फ़र्क है। अय्यूब 39 में परमेश्वर तूफ़ान से बोलते हैं, ऊँचाई से, बाज की तरह ऊपर से। यीशु में परमेश्वर नीचे आए। जिनके हाथ ने जंगली साँड़ को ताकत दी और घोड़े को निडरता, वही हाथ क्रूस पर कीलों से छेदा गया। परमेश्वर ने अय्यूब के दुःख का कारण नहीं समझाया, पर यीशु में वे उस दुःख के अंदर उतर आए।

For You

तुम्हारी उम्र में सवाल पूछना शुरू होता है, और यह अच्छा है। परमेश्वर सवालों से नाराज़ नहीं होते, आखिर वे खुद अय्यूब से बहत्तर सवाल पूछते हैं।

पर यह भी सीखो: हर सवाल का जवाब तुम्हें अभी नहीं मिलेगा। और जो जवाब नहीं मिलता, उसका मतलब यह नहीं कि परमेश्वर नहीं हैं या उन्हें फ़र्क नहीं पड़ता। इसका मतलब यह हो सकता है कि तुम अभी पूरी तस्वीर नहीं देख पा रहे, जैसे तुम पहाड़ की उस चोटी को नहीं देख सकते जहाँ बकरी अपना बच्चा जन रही है।

इस हफ़्ते एक काम करो: बाहर जाकर किसी एक जीव को दो मिनट तक बस देखो। एक चिड़िया, एक चींटी, एक कुत्ता। कुछ ऐसा जो तुम्हारे काबू में नहीं है। और परमेश्वर से कहो: आपने इसे बनाया, और मुझे भी। मैं सब कुछ नहीं समझता, पर मैं आपको जानना चाहता हूँ।

Talk About It

अगर तुम अय्यूब होते, तो क्या परमेश्वर का यह जवाब तुम्हें काफ़ी लगता? ईमानदारी से बताओ।

परमेश्वर ने शुतुर्मुर्ग के बारे में कहा कि उसे समझने की शक्ति नहीं दी गई, और फिर भी उसे बनाया। इससे परमेश्वर के बारे में तुम्हें क्या पता चलता है?

Praying Together

परमेश्वर, आपकी दुनिया मेरी समझ से बड़ी है। मेरे कुछ सवाल हैं जिनका जवाब मुझे नहीं मिला। मैं उन्हें आपके सामने रखता हूँ, क्योंकि आप सुनते हैं। मुझे भरोसा करना सिखाइए, तब भी जब मैं समझ न पाऊँ। यीशु मसीह के नाम से, आमीन।

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अय्यूब 39 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

अय्यूब 39 किस विषय में है?
अय्यूब ने बहुत कुछ खो दिया था। उसके बच्चे, उसका धन, उसका स्वास्थ्य। महीनों तक उसने परमेश्वर से पूछा: क्यों? और अब, आखिरकार, परमेश्वर बोलते हैं। लेकिन वे अय्यूब के सवाल का जवाब नहीं देते। वे उलटे सवाल पूछते हैं। और वे अय्यूब को अपने साथ जंगल में ले जाते हैं।
अय्यूब 39 क्या कहता है?
फिर शुतुर्मुर्ग। यह हिस्सा पढ़ने में अजीब लगता है। यह पक्षी अपने अंडे ज़मीन पर छोड़ देता है, धूल में, और चिंता नहीं करता कि कोई उन्हें कुचल देगा। परमेश्वर खुद कहते हैं कि उन्होंने "उसको बुद्धिरहित बनाया।" और फिर भी, जब वह दौड़ने लगता है और पंख फैलाता है, तो सबसे तेज़ घोड़ा और उसका सवार पीछे रह जाते हैं।
अय्यूब 39 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
क्यों? मुझे लगता है इसलिए कि अय्यूब सोच रहा था कि दुनिया इंसान के इर्द-गिर्द घूमती है, और इसलिए उसे समझ में आनी चाहिए। परमेश्वर कहते हैं: देख, मेरी दुनिया तेरी समझ से बहुत बड़ी है। ऐसे कोने हैं जिन्हें तूने कभी नहीं देखा, और वहाँ भी मैं हूँ। मैं वहाँ बकरी के बच्चों के जन्म पर नज़र रखता हूँ जहाँ कोई इंसान नहीं देखता।
बच्चे अय्यूब 39 से क्या सीख सकते हैं?
तुम्हारी उम्र में सवाल पूछना शुरू होता है, और यह अच्छा है। परमेश्वर सवालों से नाराज़ नहीं होते, आखिर वे खुद अय्यूब से बहत्तर सवाल पूछते हैं।
अय्यूब 39 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर ने शुतुर्मुर्ग के बारे में कहा कि उसे समझने की शक्ति नहीं दी गई, और फिर भी उसे बनाया। इससे परमेश्वर के बारे में तुम्हें क्या पता चलता है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

परमेश्वर अय्यूब से पूछते हैं, "क्या तू जानता है कि पहाड़ पर की जंगली बकरियाँ कब बच्चे देती हैं? या जब हरिणियाँ बियाती हैं, तब क्या तू देखता रहता है?"

सोचो, ऊँचे पहाड़ों पर, जहाँ किसी इंसान की नज़र नहीं पहुँचती, वहाँ भी परमेश्वर हर बकरी के बच्चे के जन्म को देखते हैं। तेरे जीवन का वह कोना भी उनसे छुपा नहीं है जिसे तू सबसे अकेला समझता है। जहाँ कोई नहीं देखता, वहाँ भी वे देख रहे हैं।

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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