लैव्यव्यवस्था 6
प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
एक आदमी की कल्पना करो। उसे रास्ते में एक चमड़े की थैली मिली, जिसमें चाँदी के सिक्के खनकते थे। थैली किसी और की थी। "किसने मेरी थैली खो दी?" दूर से कोई पुकार रहा था। पर उस आदमी ने थैली छुपा ली और कहा, "मैंने कुछ नहीं पाया।" उसने कसम भी खाई कि वह सच बोल रहा है। क्या तुम्हें लगता है, वह अंदर ही अंदर डर गया होगा? परमेश्वर ने यह सब देखा।
लैव्यव्यवस्था 6 में परमेश्वर मूसा से कहते हैं, "यदि कोई अपने भाई के साथ छल करे, धरोहर में, या लूट में, या झूठी शपथ खाकर" तो वह परमेश्वर के सामने दोषी ठहरता है (पद 2-3)। यह चोरी छोटी बात नहीं है। यह परमेश्वर के विरुद्ध पाप है।
पर परमेश्वर रास्ता भी देते हैं। जिस दिन वह आदमी समझे कि वह दोषी है, उसी दिन उसे चीज़ लौटानी होगी, पूरी पूरी, और उसके साथ पाँचवाँ भाग अतिरिक्त भी (पद 4-5)। फिर उसे एक निर्दोष मेढ़ा लेकर याजक के पास आना होगा। याजक उसके लिए प्रायश्चित करेगा, यानी उसके बीच में खड़ा होकर उसे परमेश्वर के पास वापस ले आएगा, और उसे क्षमा मिलेगी (पद 6-7)।
फिर परमेश्वर याजकों को वेदी की आग के बारे में बताते हैं। वह आग कभी बुझनी नहीं चाहिए, रात भर, दिन भर। हर सुबह याजक जल्दी उठकर देखता, क्या आग अब भी जल रही है? वह लकड़ी डालकर उसे फिर से भड़काता (पद 9-13)। सोचो, कितनी बड़ी ज़िम्मेदारी! कोई भी रात में सोते हुए यह न भूले।
इसके बाद अन्नबलि की बात आती है, मैदा, तेल और सुगंधित लोबान से बनी भेंट, जिसकी खुशबू हवा में फैल जाती थी। याजक उसमें से एक मुट्ठी वेदी पर जलाए, और बाकी हारून और उसके बेटे खा सकते थे, पवित्रस्थान के आँगन में (पद 14-18)।
और अंत में पापबलि, जो पशु के लहू से चढ़ाया जाता था। उसका माँस पवित्र स्थान में खाया जाता, पर जिस बलि का लहू पवित्रस्थान के भीतर ले जाया जाता, उसे खाया नहीं जाता था, उसे पूरी तरह जला दिया जाता था (पद 24-30)।
What Does This Mean?
यह अध्याय दिखाता है कि पाप असली है, और उसके परिणाम भी असली हैं। जिस आदमी ने झूठ बोला, उसे सिर्फ "माफ़ी माँगो" नहीं कहा गया। उसे लौटाना था, पूरा, और ज़्यादा भी। परमेश्वर चाहते हैं कि जो गलत हुआ, वह ठीक किया जाए।
पर साथ ही परमेश्वर क्षमा भी देते हैं। मेढ़ा लेकर आना, याजक के पास जाना, यह दिखाता है कि अकेले पाप को ठीक नहीं किया जा सकता। किसी और को बीच में आना पड़ता है। और वेदी की आग, जो कभी नहीं बुझती, दिखाती है कि परमेश्वर का रास्ता हमेशा खुला रहता है। कोई भी दिन ऐसा नहीं जब कोई आकर क्षमा न माँग सके।
The Common Thread
वह मेढ़ा जो दोषी आदमी लाता था, वह उसकी जगह मरता था। याजक उसके लिए प्रायश्चित करता था। बहुत साल बाद, यीशु मसीह आए, और वे खुद ही बलिदान बने। उन्हें किसी याजक की ज़रूरत नहीं थी क्योंकि वे खुद महायाजक भी हैं। वेदी की आग जो कभी नहीं बुझती, वह भी याद दिलाती है कि परमेश्वर का प्रेम कभी ठंडा नहीं होता।
For You
अगर तुमने कभी कुछ लिया जो तुम्हारा नहीं है, या झूठ बोला, तो सिर्फ "सॉरी" कहना काफी नहीं। लौटा दो, और सच बताओ। परमेश्वर देखते हैं, और वे क्षमा करना चाहते हैं जब तुम सच्चाई से वापस आते हो।
Talk About It
अगर तुमने कुछ गलत किया है, क्या तुम सिर्फ माफी माँगते हो, या उसे ठीक भी करने की कोशिश करते हो?
वेदी की आग कभी नहीं बुझती थी। इससे हमें परमेश्वर के बारे में क्या पता चलता है?
Praying Together
प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप हमारे लिए बलिदान बने। जब हम गलत करें, हमें सच बोलने की हिम्मत दीजिए, और चीज़ें ठीक करने का साहस दीजिए। आपका प्रेम कभी नहीं बुझता, इसके लिए धन्यवाद। आमीन।
लैव्यव्यवस्था 6 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
लैव्यव्यवस्था 6 किस विषय में है?
लैव्यव्यवस्था 6 क्या कहता है?
लैव्यव्यवस्था 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे लैव्यव्यवस्था 6 से क्या सीख सकते हैं?
लैव्यव्यवस्था 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?
हमारे पास नन्हे बच्चों (3-5 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे ऊपर) के लिए अलग संस्करण भी हैं।
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