3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

1 कुरिन्थियों 13

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक बार एक आदमी था। उसका नाम पौलुस था। पौलुस ने एक पत्र लिखा। पत्र में उसने एक बात बताई। एक बहुत बड़ी बात।

उसने कहा, सुनो। अगर मैं बहुत अच्छा बोल सकूँ, स्वर्गदूतों जैसा बोल सकूँ, पर प्यार न करूँ, तो मैं कैसा हूँ? मैं ऐसा हूँ जैसे एक बजता हुआ बर्तन। ठनठन, ठनठन। सुनने में बुरा लगता है।

पौलुस ने फिर कहा, अगर मुझे सब कुछ पता हो, पहाड़ों को भी हटा सकूँ, पर प्यार न हो, तो मैं कुछ भी नहीं। कुछ भी नहीं।

इससे क्या समझ मिलती है?

फिर पौलुस ने बताया, प्यार कैसा होता है। सुनो ध्यान से।

प्यार धीरज रखता है। जैसे माँ धीरज रखती है, जब बच्चा गिर जाता है।

प्यार कृपा करता है। जैसे कोई गिरे हुए को उठाता है, धीरे से।

प्यार डाह नहीं करता। दूसरे के पास कुछ अच्छा हो, तो प्यार खुश होता है, जलता नहीं।

प्यार अपनी बड़ाई नहीं करता। फूलता नहीं।

प्यार झुँझलाता नहीं। बुरा नहीं मानता।

प्यार सच से आनन्दित होता है।

प्यार सब बातें सह लेता है। सब बातों की आशा रखता है। धीरज धरता है।

प्यार कभी टलता नहीं। कभी नहीं।

समानता का सूत्र

यह प्यार, यह असली प्यार, यीशु में दिखता है। यीशु धीरजवन्त थे। यीशु कृपालु थे। यीशु ने कभी अपनी बड़ाई नहीं की। यीशु ने सब कुछ सह लिया, हमारे लिए।

पौलुस कहता है, अभी हम धुँधला देखते हैं, जैसे धुँधले शीशे में। पर एक दिन आमने सामने देखेंगे। एक दिन, प्रभु का चेहरा साफ साफ दिखेगा।

अभी विश्वास है, आशा है, प्यार है। तीनों बड़े हैं। पर सबसे बड़ा प्यार है।

तुम्हारे लिए

तुम भी प्यार कर सकते हो। जब तुम्हारा भाई कोई खिलौना तोड़ दे, और तुम गुस्सा न करो, यह प्यार है।

जब तुम्हारी बहन गिर जाए, और तुम उसे उठाओ, यह प्यार है।

परमेश्वर तुमसे ऐसे ही प्यार करते हैं। धीरज से। कृपा से। हमेशा।

बात करें

तुम्हें प्यार से कब उठाया गया था?

तुम आज किसे धीरज से प्यार कर सकते हो?

साथ में प्रार्थना

प्रभु यीशु, आप मुझसे बहुत प्यार करते हैं। मुझे भी दूसरों से प्यार करना सिखाइए। धीरज से। कृपा से। आमीन।

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1 कुरिन्थियों 13 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 कुरिन्थियों 13 किस विषय में है?
एक बार एक आदमी था। उसका नाम पौलुस था। पौलुस ने एक पत्र लिखा। पत्र में उसने एक बात बताई। एक बहुत बड़ी बात।
1 कुरिन्थियों 13 क्या कहता है?
फिर पौलुस ने बताया, प्यार कैसा होता है। सुनो ध्यान से।
1 कुरिन्थियों 13 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
प्यार डाह नहीं करता। दूसरे के पास कुछ अच्छा हो, तो प्यार खुश होता है, जलता नहीं।
नन्हे बच्चे 1 कुरिन्थियों 13 से क्या सीख सकते हैं?
पौलुस कहता है, अभी हम धुँधला देखते हैं, जैसे धुँधले शीशे में। पर एक दिन आमने सामने देखेंगे। एक दिन, प्रभु का चेहरा साफ साफ दिखेगा।
1 कुरिन्थियों 13 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तुम्हारी बहन गिर जाए, और तुम उसे उठाओ, यह प्यार है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

वह सब बातें सह लेता है, सब बातों पर विश्वास करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है।" पौलुस यह उस कलीसिया को लिख रहा था जो आपस में बँटी हुई थी, जहाँ हर कोई अपनी वरदान गिना रहा था। प्रेम का काम ढक लेना है, उघाड़ना नहीं। सोचो, जिस इंसान की कमज़ोरी तुम सबसे अच्छी तरह जानते हो, क्या तुम उसे ढकते हो या दूसरों को बताते हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

परन्तु जब सिद्ध आएगा, तब अधूरा मिट जाएगा।"

तेरी अधूरी समझ, अधूरी प्रार्थनाएँ, अधूरे जवाब, ये मिटेंगे इसलिए नहीं कि वे बेकार थे, बल्कि इसलिए कि पूरा आ जाएगा। जैसे दीया सूरज उगने पर बुझा दिया जाता है, वह नाकाम नहीं हुआ, उसका काम पूरा हुआ। आज जो धुँधला दिखता है, उसे कसकर मत पकड़। जो आने वाला है, उसका इंतज़ार कर।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

वह अधर्म से आनन्दित नहीं होता, परन्तु सत्य से आनन्दित होता है।" ध्यान दे, यहाँ बात करने की नहीं, भीतर खुश होने की है। जब उस व्यक्ति के बारे में कोई बुरी खबर आती है जिससे तेरा मन खटका हुआ है, और भीतर कहीं एक चुपचाप संतोष जागता है, वहीं प्रेम की परीक्षा होती है। कुरिन्थ की कलीसिया दूसरों के गिरने की चर्चा में मज़ा लेती थी। तू किस खबर से हल्का महसूस करता है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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