3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

2 थिस्सलुनीकियों 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

रात हो गई थी। बाहर सब चुप था। कमरे में एक छोटा दीया जल रहा था। दीये की लौ धीरे-धीरे हिल रही थी।

मेज़ पर एक कागज़ रखा था। और कागज़ के पास बैठा था पौलुस।

पौलुस के हाथ थके हुए थे। उसने सारा दिन काम किया था। सुबह से शाम तक। फिर भी वह लिख रहा था। वह एक चिट्ठी लिख रहा था।

चिट्ठी किसके लिये थी? पौलुस के दोस्तों के लिये। वे बहुत दूर रहते थे। पौलुस उन्हें बहुत प्यार करता था।

"मेरे प्यारे भाइयों," पौलुस ने लिखा। "मेरे लिये प्रार्थना करो।"

फिर पौलुस रुका। उसने कुछ सुना था। किसी ने उसे बताया था। कुछ दोस्त सारा दिन बैठे रहते थे। वे कुछ काम नहीं करते थे। वे दूसरों की रोटी खा लेते थे। और दूसरों के काम में हाथ डालते थे।

पौलुस ने आगे लिखा। "हम तुम्हारे बीच आलसी नहीं थे। हमने किसी की रोटी मुफ़्त में नहीं खाई। हमने रात-दिन काम किया।"

इसका क्या अर्थ है?

और फिर पौलुस ने सबसे सुन्दर बात लिखी। दीया चमक रहा था। पौलुस ने लिखा:

"प्रभु विश्वासयोग्य है।"

इसका मतलब है: प्रभु कभी नहीं भूलते। प्रभु कभी नहीं जाते। वे तुम्हें मज़बूती से थाम लेते हैं। जैसे एक बड़ा हाथ छोटे हाथ को थामता है।

पौलुस ने और लिखा। "भलाई करने में साहस न छोड़ो।"

यानी: थक जाओ, तो भी अच्छा करते रहो। कल भी। परसों भी।

जोड़ने वाला धागा

पौलुस की चिट्ठी में एक नाम बार-बार आता है। यीशु का नाम।

यीशु के पास बहुत धीरज है। यीशु जल्दी गुस्सा नहीं होते। यीशु इंतज़ार करते हैं। और यीशु शान्ति देते हैं।

पौलुस ने लिखा: "प्रभु तुम सब के साथ रहे।"

फिर पौलुस ने अपना कलम लिया। अपने ही हाथ से उसने आखिरी बात लिखी। यह उसकी पहचान थी।

"यीशु मसीह का अनुग्रह तुम सब पर होता रहे।"

फिर पौलुस ने चिट्ठी मोड़ दी। दीया बुझ गया। और सब चुप हो गया।

तुम्हारे लिये

वह चिट्ठी बहुत पुरानी है। पर वह तुम्हारे लिये भी है।

तुम भी काम कर सकते हो। छोटे हाथों से। तुम खिलौने उठा सकते हो। तुम जूते सीधे रख सकते हो। तुम मम्मी को एक चम्मच दे सकते हो।

और तुम भलाई कर सकते हो। अपनी रोटी बाँट सकते हो। किसी को गले लगा सकते हो।

और जब तुम डरते हो? तब याद रखो। प्रभु विश्वासयोग्य है। वे तुम्हें थामे रखते हैं। हर दिन। हर रात।

इस पर बात करो

तुम आज किसकी मदद कर सकते हो?

प्रभु तुम्हें थामे रखते हैं। यह सुनकर तुम्हें कैसा लगता है?

मिलकर प्रार्थना

प्रभु यीशु, आप कभी नहीं जाते। आप मेरा हाथ थामे रखते हैं। मुझे अच्छा करना सिखाइए। आज भी और कल भी। धन्यवाद। आमीन।

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2 थिस्सलुनीकियों 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 थिस्सलुनीकियों 3 किस विषय में है?
रात हो गई थी। बाहर सब चुप था। कमरे में एक छोटा दीया जल रहा था। दीये की लौ धीरे-धीरे हिल रही थी।
2 थिस्सलुनीकियों 3 क्या कहता है?
"मेरे प्यारे भाइयों," पौलुस ने लिखा। "मेरे लिये प्रार्थना करो।"
2 थिस्सलुनीकियों 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
इसका मतलब है: प्रभु कभी नहीं भूलते। प्रभु कभी नहीं जाते। वे तुम्हें मज़बूती से थाम लेते हैं। जैसे एक बड़ा हाथ छोटे हाथ को थामता है।
नन्हे बच्चे 2 थिस्सलुनीकियों 3 से क्या सीख सकते हैं?
फिर पौलुस ने चिट्ठी मोड़ दी। दीया बुझ गया। और सब चुप हो गया।
2 थिस्सलुनीकियों 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
और जब तुम डरते हो? तब याद रखो। प्रभु विश्वासयोग्य है। वे तुम्हें थामे रखते हैं। हर दिन। हर रात।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

पौलुस उसे तब भी "भाई" ही कहता है, जब कहता है, "हर एक ऐसे भाई से अलग रहो, जो अनुशासनहीन चाल चलता है।" थिस्सलुनीके के कुछ लोग प्रभु के आने की प्रतीक्षा में काम छोड़ बैठे थे और दूसरों की रोटी खा रहे थे। आत्मिक दिखने वाली आलस भी आलस ही है। तेरी प्रतीक्षा तुझे काम पर भेजती है, या बहाना बन गई है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

पौलुस ने यह नहीं कहा, "मेरी बात मान लो।" उसने कहा, "तुम आप जानते हो कि हमारी सी चाल चलना तुम्हें कैसे चाहिए; क्योंकि हम तुम्हारे बीच में आलस्य से न रहे।" वह अपना रोज़ का जीवन सामने रख सका।

सोच, जिन्हें तू मसीह के बारे में सिखाता है, क्या वे तेरी दिनचर्या देखकर भी सीख पाएँगे? शब्दों से भारी वजन तेरे कामों का है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

पौलुस उन लोगों के लिए प्रार्थना करता है जो सता जा रहे थे, जिनका मन थक चुका था: "प्रभु तुम्हारे मन को परमेश्वर के प्रेम और मसीह के धीरज की ओर लगाए।" ध्यान दो, वह यह नहीं कहता कि तुम अपना मन लगाओ। मन को मोड़ना प्रभु का काम है। तेरा मन आज कहाँ भटक रहा है? उसे खींचकर वापस लाने की कोशिश छोड़, प्रभु से कह कि वही उसे अपने प्रेम की ओर फेर दे।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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