2 तीमुथियुस 2
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
पौलुस बूढ़ा हो गया था। वह जेल में बैठा था। वहाँ की दीवारें ठंडी थीं, और अंधेरा भी था। पौलुस ने अपने प्यारे बेटे तीमुथियुस को चिट्ठी लिखी। उसने लिखा, बलवन्त हो जा। तेरी ताकत यीशु मसीह से आती है।
पौलुस ने कहा, सैनिक जैसा बन। सैनिक भारी जूते पहनता है। वह अपने सेनापति की बात सुनता है। सैनिक इधर उधर नहीं भागता, वह लड़ाई पर ध्यान देता है।
फिर पौलुस ने कहा, किसान जैसा बन। किसान सुबह जल्दी उठता है। सूरज उसकी पीठ पर गरम लगता है। मिट्टी उसके हाथों में लगती है। वह बीज बोता है, फिर धीरे धीरे इंतज़ार करता है। और देखो, फल आ जाता है। किसान अपने काम का पहला फल खुद खाता है।
फिर पौलुस ने कहा, दौड़ने वाले जैसा बन। दौड़ने वाला ट्रैक पर दौड़ता है। जो नियम के अनुसार दौड़ता है, वही जीतता है और मुकुट पाता है।
इसका क्या अर्थ है?
पौलुस ने तीमुथियुस से कहा, यीशु मसीह को याद रख। सुन, यह हुआ था, वे मरे थे। फिर, सुनो सुनो, वे फिर से जी उठे। कब्र खाली मिली। यह सबसे अच्छी खबर है, जो पौलुस सुनाता था।
पौलुस ने कहा, इसलिए मैं दुःख उठाता हूँ, यहाँ तक कि कैद भी हूँ। पर परमेश्वर का वचन कैद नहीं है। वचन दीवारों से भी बड़ा है। कोई भी दीवार उसे रोक नहीं सकती।
बड़ी कहानी से जोड़
पौलुस ने एक बात लिखी, जो बहुत मीठी है। अगर हम विश्वासघाती भी हो जाएँ, तो भी यीशु मसीह वैसे ही रहते हैं। वे बदलते नहीं। वे हमेशा सच बोलते हैं। वे अपने आपको बदल नहीं सकते। यह कितनी अच्छी बात है।
तुम्हारे लिए
पौलुस ने लिखा, अपने मन को साफ बर्तन जैसा रख। कुछ बर्तन सोने के होते हैं, कुछ मिट्टी के। पर सोने का बर्तन साफ होता है, इसलिए वह काम आता है। तुम भी परमेश्वर से कह सकते हो, मेरे मन को साफ कर दें। और तुम प्यार करना सीख सकते हो, शांति से रहना सीख सकते हो, जैसे पौलुस ने तीमुथियुस से कहा था।
बात करें
सैनिक, किसान और दौड़ने वाला, तुम्हें कौन सबसे अच्छा लगा?
तुम्हें कौन बता सकता है कि यीशु मसीह मरे और फिर जी उठे?
साथ में प्रार्थना
प्रभु यीशु, मुझे बलवन्त बनाइए। मेरे मन को साफ कर दीजिए। धन्यवाद कि आप हमेशा सच बोलते हैं। आमीन।
2 तीमुथियुस 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
2 तीमुथियुस 2 किस विषय में है?
2 तीमुथियुस 2 क्या कहता है?
2 तीमुथियुस 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे 2 तीमुथियुस 2 से क्या सीख सकते हैं?
2 तीमुथियुस 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
फिर अखाड़े में लड़नेवाला यदि नियमों के अनुसार न लड़े, तो मुकुट नहीं पाता।" पौलुस तीमुथियुस को दौड़ने से नहीं रोकता, बस याद दिलाता है कि कैसे दौड़े। सेवा में मेहनत तो दिखती है, पर नियम भीतर की बात है। कहीं ऐसा तो नहीं कि तू जीत तक पहुँचने के लिए रास्ता छोटा कर रहा है? परमेश्वर तेरे पसीने को देखता है, और तेरे तरीके को भी।
पौलुस जंजीरों में बैठकर यह लिखता है: "यह बात सच है कि यदि हम उसके साथ मर गए हैं, तो उसके साथ जीएँगे भी।" कैदखाने से निकली यह पंक्ति किसी सुखी दिन का नारा नहीं, मरते हुए विश्वास की गवाही है। जो तू आज अपने भीतर मरता हुआ महसूस कर रहा है, वह अंत नहीं है। मसीह के साथ गड़ा हर दुख उसी के साथ जी उठने का वादा लिए हुए है।
कोई भी योद्धा जब लड़ाई पर जाता है तो अपने आपको संसार के कामों में नहीं फँसाता, ताकि वह अपने भर्ती करनेवाले को प्रसन्न करे।" ध्यान दे, पौलुस कामों को बुरा नहीं कहता, वह खुद तम्बू बनाता था। बात फँसने की है। एक सैनिक जिसके पैर रस्सियों में उलझे हों, वह बुलावे पर दौड़ नहीं सकता। आज खुद से पूछ: मुझे कौन सी चीज़ ने उलझा रखा है, और मैं असल में किसे खुश करना चाहता हूँ?
बड़े घर में न केवल सोने और चाँदी ही के, पर काठ और मिट्टी के बर्तन भी होते हैं।" शायद तू अपने आप को मिट्टी का ही समझता है, बहुत मामूली। पर ध्यान दे, पौलुस आगे बर्तन की कीमत नहीं, उसकी सफ़ाई की बात करता है। आदर का पात्र वह नहीं जो महँगा है, वह है जो शुद्ध है और मालिक के काम आने को तैयार है। तेरे भीतर क्या है जिसे अब तक धोया नहीं गया?
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