3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रेरितों के काम 2

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दिन था। उसका नाम था पिन्तेकुस्त। यीशु के दोस्त सब एक घर में बैठे थे। वे इकट्ठे थे। कमरे में सुबह की हल्की रोशनी थी।

अचानक एक आवाज़ आई। बहुत तेज़ आवाज़। जैसे बड़ी आँधी चल रही हो। सारा घर गूँज उठा। हर कोई चौंक गया।

फिर कुछ दिखा। आग जैसी छोटी-छोटी लपटें, लाल और पीली। वे हर एक के ऊपर आकर ठहर गईं। सब डर गए होंगे। पर यह डरावना नहीं था।

फिर अजीब बात हुई। हर एक अपने मुँह से बोलने लगा। पर नई-नई भाषाओं में। भाषाएँ जो उन्होंने कभी नहीं सीखी थीं। पवित्र आत्मा ने उन्हें यह दिया।

बाहर बहुत लोग थे। अलग-अलग देशों से आए थे। जब उन्होंने यह सुना, वे चौंक गए। हर कोई अपनी ही भाषा सुन रहा था। "यह कैसे हो सकता है?" लोग पूछने लगे।

कुछ लोग हँसे। "ये तो नशे में हैं," उन्होंने कहा।

तब पतरस खड़ा हुआ। ऊँची आवाज़ में बोला, ताकि सब सुन सकें। "ये नशे में नहीं हैं," उसने कहा। "अभी तो सुबह है।"

पतरस ने बताया, यह वही है जो परमेश्वर ने पहले कहा था। परमेश्वर कहते हैं, "मैं अपना आत्मा सब पर उण्डेलूँगा।"

फिर पतरस ने यीशु की बात बताई। यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया। पर परमेश्वर ने उन्हें फिर से जिलाया। पतरस ने कहा, "हम सब इसके गवाह हैं।"

यह सुनकर लोगों का दिल छिद गया। उन्होंने पूछा, "हम क्या करें?"

पतरस ने कहा, "मन फिराओ। यीशु के नाम से बपतिस्मा लो।"

इसका मतलब क्या है?

उस दिन बहुत लोगों ने यह बात मानी। तीन हज़ार लोग! वे सब बपतिस्मा लेने गए। पानी ठंडा रहा होगा। पर उनके दिल गरम थे।

अब वे सब साथ रहने लगे। वे साथ खाना खाते। साथ प्रार्थना करते। रोटी तोड़ते, जैसे यीशु ने सिखाया था। किसी के पास कुछ कम होता, तो दूसरे उसे दे देते। कोई भी भूखा नहीं रहता था।

एक ही कहानी की कड़ी

बहुत पहले परमेश्वर ने यह वादा किया था। योएल नबी के द्वारा। परमेश्वर ने कहा था, "मैं अपना आत्मा उण्डेलूँगा।" अब वह वादा पूरा हुआ। पवित्र आत्मा आया, जैसे आग, जैसे आँधी। यीशु मर गए थे, पर परमेश्वर ने उन्हें फिर से जिला दिया। यह भी वादा था, बहुत पुराना। दाऊद ने भी इसके बारे में गाया था। परमेश्वर हमेशा अपनी बात रखते हैं। जो वे कहते हैं, वह होकर रहता है।

तुम्हारे लिए

तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। तुम भी उनका नाम ले सकते हो। जब तुम परमेश्वर को पुकारते हो, वे सुनते हैं। और जब तुम दूसरों के साथ खाना बाँटते हो, जैसे वे लोग करते थे, यह परमेश्वर को बहुत अच्छा लगता है।

बात करें

तुम्हें क्या लगता है, जब पवित्र आत्मा आया, तो घर में कैसी आवाज़ थी?

क्या तुम किसी के साथ अपना खाना बाँट सकते हो, जैसे यीशु के दोस्तों ने बाँटा?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, आप कितने अच्छे हैं। आपने अपना आत्मा भेजा। मुझे भी अपने पास रखिए। आमीन।

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प्रेरितों के काम 2 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रेरितों के काम 2 किस विषय में है?
एक दिन था। उसका नाम था पिन्तेकुस्त। यीशु के दोस्त सब एक घर में बैठे थे। वे इकट्ठे थे। कमरे में सुबह की हल्की रोशनी थी।
प्रेरितों के काम 2 क्या कहता है?
फिर अजीब बात हुई। हर एक अपने मुँह से बोलने लगा। पर नई-नई भाषाओं में। भाषाएँ जो उन्होंने कभी नहीं सीखी थीं। पवित्र आत्मा ने उन्हें यह दिया।
प्रेरितों के काम 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पतरस ने बताया, यह वही है जो परमेश्वर ने पहले कहा था। परमेश्वर कहते हैं, "मैं अपना आत्मा सब पर उण्डेलूँगा।"
नन्हे बच्चे प्रेरितों के काम 2 से क्या सीख सकते हैं?
उस दिन बहुत लोगों ने यह बात मानी। तीन हज़ार लोग! वे सब बपतिस्मा लेने गए। पानी ठंडा रहा होगा। पर उनके दिल गरम थे।
प्रेरितों के काम 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। तुम भी उनका नाम ले सकते हो। जब तुम परमेश्वर को पुकारते हो, वे सुनते हैं। और जब तुम दूसरों के साथ खाना बाँटते हो, जैसे वे लोग करते थे, यह परमेश्वर को बहुत अच्छा लगता है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

पिन्तेकुस्त के दिन भीड़ के पास कोई तैयार जवाब नहीं था। वे बस चकित और घबराए हुए खड़े थे और पूछ रहे थे, "इसका क्या अर्थ है?" और यही सवाल पतरस के उपदेश का दरवाज़ा बना। परमेश्वर तुम्हारे उलझे हुए सवालों से नहीं डरता। जो मज़ाक उड़ाकर चले गए, वे चूक गए। जो ठहरकर पूछते रहे, उन्होंने उसी दिन मसीह को पाया। तुम्हारा सवाल कहाँ ले जा रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

जब वह शब्द हुआ तो भीड़ लग गई और लोग घबरा गए, क्योंकि हर एक को यही सुनाई देता था कि ये मेरी ही भाषा में बोल रहे हैं।"

ध्यान दो, परमेश्वर ने यह नहीं कहा कि पहले कोई पवित्र भाषा सीखो, फिर मेरी बात समझोगे। वह खुद हर एक की मातृभाषा तक उतर आया। जिस भाषा में तुम रोते हो, जिसमें माँ ने तुम्हें पुकारा था, उसी में वह तुमसे बात करना चाहता है। क्या तुम उसे अपनी असली भाषा में जवाब दोगे?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 32

इसी यीशु को परमेश्वर ने जिलाया, जिसके हम सब गवाह हैं।" पतरस ने कोई तर्क नहीं दिया, बस अपनी आँखों देखी बात कही। जिस आदमी ने डर के मारे यीशु को नकारा था, वही अब भीड़ के सामने खड़ा है। गवाह होने के लिए तुम्हें विद्वान नहीं होना है, सिर्फ यह जानना है कि जी उठे यीशु ने तुम्हारे जीवन में क्या किया। वह कहानी तुम किसे सुनाओगे?

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