3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

यहेजकेल 17

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

सुनो, मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ। परमेश्वर ने यह कहानी अपने भविष्यद्वक्ता यहेजकेल को बताई।

एक बार की बात है। एक बहुत बड़ा पक्षी था। बहुत बड़ा! उसके पंख लंबे थे। उसके पर रंग-बिरंगे थे। वह उड़ता और उड़ता।

वह पक्षी एक ऊँचे पेड़ के पास आया। बहुत ऊँचा पेड़। उसका नाम देवदार था। पक्षी ने पेड़ की सबसे ऊपर की छोटी टहनी तोड़ ली। और उड़ गया, दूर देश में।

फिर उस पक्षी ने एक नन्हा बीज लिया। और उसे अच्छी मिट्टी में बोया। पास में बहुत सारा पानी था। ठंडा, साफ पानी।

बीज उगा। छोटा पौधा बना। पत्ते आए। वह अंगूर की लता बन गई। छोटी, हरी, सुंदर।

पर सुनो! फिर एक और बड़ा पक्षी आया। अंगूर की लता उस दूसरे पक्षी की तरफ झुक गई। "मुझे पानी दो!" उसने कहा। पर उसके पास पहले से ही पानी था! बहुत सारा पानी!

परमेश्वर ने कहा, "यह अच्छा नहीं है। यह लता सूख जाएगी।"

इसका क्या अर्थ है?

यह सिर्फ एक कहानी नहीं थी। यह परमेश्वर के लोगों के बारे में थी। परमेश्वर ने उनकी देखभाल की थी। बिल्कुल उस लता की तरह। उन्हें सब कुछ मिला था।

पर वे परमेश्वर की बात नहीं सुन रहे थे। वे किसी और के पास मदद माँगने गए। यह परमेश्वर को दुख देता है।

पर सुनो! कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

बड़ी कहानी

परमेश्वर ने कहा, "मैं खुद एक छोटी टहनी लूँगा। और मैं उसे एक ऊँचे पहाड़ पर लगाऊँगा।"

और वह टहनी बड़ी हो गई। बहुत बड़ी! एक सुंदर पेड़ बना। छोटे-छोटे पक्षी उसकी डालियों पर आए। वे वहाँ अपना घर बनाने लगे। ठंडी छाया में। सुरक्षित।

जानते हो वह पेड़ कौन है? वह प्रभु यीशु हैं! यीशु उस टहनी की तरह हैं। परमेश्वर ने उन्हें भेजा। और यीशु के पास सब लोग आ सकते हैं। छोटे और बड़े। सब को उनके पास जगह है।

तुम्हारे लिए

तुम भी एक छोटे पक्षी की तरह हो। और यीशु वह बड़ा पेड़ हैं। तुम उनके पास आ सकते हो। जब तुम डरते हो, तब भी। जब तुम खुश हो, तब भी।

यीशु कहते हैं, "आओ! मेरे पास जगह है। तुम्हारे लिए भी।"

क्या तुम्हें यह अच्छा लगता है?

इस पर बात करो

कहानी में दो बड़े पक्षी थे। क्या तुम्हें याद है कि उन्होंने क्या किया?

यीशु एक बड़े पेड़ की तरह हैं। क्या तुम उनके पास आना चाहते हो?

मिलकर प्रार्थना

प्रिय प्रभु यीशु,

आप एक बड़े पेड़ की तरह हैं। मैं एक छोटा पक्षी हूँ। मैं आपके पास आना चाहता हूँ। आप मुझसे प्यार करते हैं। धन्यवाद।

आमीन।

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यहेजकेल 17 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यहेजकेल 17 किस विषय में है?
सुनो, मैं तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ। परमेश्वर ने यह कहानी अपने भविष्यद्वक्ता यहेजकेल को बताई।
यहेजकेल 17 क्या कहता है?
फिर उस पक्षी ने एक नन्हा बीज लिया। और उसे अच्छी मिट्टी में बोया। पास में बहुत सारा पानी था। ठंडा, साफ पानी।
यहेजकेल 17 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह सिर्फ एक कहानी नहीं थी। यह परमेश्वर के लोगों के बारे में थी। परमेश्वर ने उनकी देखभाल की थी। बिल्कुल उस लता की तरह। उन्हें सब कुछ मिला था।
नन्हे बच्चे यहेजकेल 17 से क्या सीख सकते हैं?
और वह टहनी बड़ी हो गई। बहुत बड़ी! एक सुंदर पेड़ बना। छोटे-छोटे पक्षी उसकी डालियों पर आए। वे वहाँ अपना घर बनाने लगे। ठंडी छाया में। सुरक्षित।
यहेजकेल 17 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
यीशु कहते हैं, "आओ! मेरे पास जगह है। तुम्हारे लिए भी।"

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

वह दाखलता सूखी ज़मीन में नहीं लगाई गई थी। उसे पानी मिला था, बढ़ने की जगह मिली थी। फिर भी उसने अपनी जड़ें दूसरे उकाब की ओर फैला दीं। और परमेश्वर पूछते हैं, "क्या वह फूले फलेगी?" उसे उखाड़ने के लिए बड़ी सेना की ज़रूरत भी नहीं पड़ी।

आज तेरी जड़ें किस ओर बढ़ रही हैं? जहाँ परमेश्वर ने तुझे लगाया है, वहाँ का पानी क्या सच में कम है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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