7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

यहेजकेल 17

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

परमेश्वर यहेजकेल के पास आते हैं और कहते हैं, "इस्राएल के लोगों को एक पहेली सुनाओ।" यह कोई साधारण कहानी नहीं है। यह एक चित्र है जिसके पीछे एक गहरा संदेश छिपा है।

पहेली इस तरह है: एक बहुत बड़ा उकाब पक्षी था, जिसके पंख लम्बे और रंग-बिरंगे थे। वह लबानोन के देवदार पेड़ की सबसे ऊपर की टहनी तोड़ लेता है और उसे व्यापारियों के देश में ले जाता है। फिर वह उसी देश का एक बीज लेकर अच्छी, पानी वाली जमीन में बोता है। वह बीज अंगूर की एक छोटी लता बन जाता है। लता ठीक से बढ़ रही थी, उसकी जड़ें उसी पहले उकाब की ओर थीं।

लेकिन फिर एक दूसरा बड़ा उकाब आता है। और अंगूर की लता अपनी जड़ें और डालियाँ उस दूसरे उकाब की ओर मोड़ने लगती है, मानो कह रही हो, "अब मुझे तुम पानी देना।" परमेश्वर पूछते हैं, "क्या यह लता फूले फलेगी? नहीं। वह सूख जाएगी।"

फिर परमेश्वर स्वयं पहेली का अर्थ खोलते हैं। पहला उकाब बाबेल का राजा है। उसने यरूशलेम आकर वहाँ के राजा को पकड़ लिया और उसके स्थान पर राजवंश के एक और व्यक्ति को राजा बनाया। उसने उससे वाचा बाँधी, यानी एक पक्का वादा लिया, कि वह उसके अधीन रहेगा। लेकिन यह नया राजा वादा तोड़ देता है। वह दूसरे उकाब के पास, यानी मिस्र के राजा फ़िरौन के पास, दूत भेजता है और घोड़े व सेना माँगता है।

परमेश्वर बहुत गम्भीरता से कहते हैं: यह केवल बाबेल के राजा से किया गया विश्वासघात नहीं है। यह मुझसे किया गया विश्वासघात है। क्योंकि जब कोई परमेश्वर के नाम की शपथ खाकर वादा तोड़ता है, तो वह परमेश्वर का नाम तुच्छ जानता है। इसलिए वह राजा बाबेल में ही मरेगा, और मिस्र उसकी सहायता नहीं करेगा।

लेकिन अध्याय यहीं समाप्त नहीं होता। अंतिम पद्यों में परमेश्वर कहते हैं: "मैं भी देवदार की ऊँची फुनगी में से एक कोमल कनखा तोड़ूँगा और उसे इस्राएल के ऊँचे पर्वत पर लगाऊँगा। वह एक बलवान, सुन्दर वृक्ष बनेगा, और उसकी डालियों की छाया में सब प्रकार के पक्षी बसेरा करेंगे।"

What Does This Mean?

यह अध्याय दो बातें एक साथ कहता है। पहली बात कठिन है: वाचा तोड़ना गम्भीर पाप है। इस्राएल के राजा ने न केवल एक इंसान से किया वादा तोड़ा, बल्कि उस वादे में परमेश्वर का नाम भी शामिल था। परमेश्वर देख रहे थे।

दूसरी बात सुन्दर है: भले ही लोग वादे तोड़ते हैं, परमेश्वर अपने वादे नहीं तोड़ते। वे स्वयं एक कोमल टहनी लगाएँगे। जो लोग सोचते थे कि सब कुछ खत्म हो गया, उनके लिए परमेश्वर के पास एक नई शुरुआत है।

The Common Thread

अंत की वह कोमल टहनी कौन है? कई सदियों बाद, यीशु मसीह का जन्म हुआ। बाइबल उन्हें दाऊद के वंश की एक "डाली" कहती है। यीशु वह देवदार बने जिनकी छाया में हर देश और हर भाषा के लोग बसेरा कर सकते हैं।

और एक बात और। यहेजकेल के अध्याय में मनुष्य वाचा तोड़ता है। लेकिन यीशु ने परमेश्वर के साथ की गई वाचा को कभी नहीं तोड़ा। वे विश्वासयोग्य रहे, तब भी जब उन्हें क्रूस पर मरना पड़ा। इसलिए हम, जो अक्सर वादे तोड़ते हैं, उन पर भरोसा करके परमेश्वर के पास लौट सकते हैं।

For You

क्या तुमने कभी कोई ऐसा वादा किया है जो तुमने नहीं निभाया? शायद माँ-पापा से, शायक किसी दोस्त से, शायद परमेश्वर से खुद। हम सब यह करते हैं। यह अध्याय हमें सिखाता है कि वादे मायने रखते हैं। जब तुम कुछ कहते हो, तो परमेश्वर सुन रहे होते हैं।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तुम्हें डरना है। इसका मतलब है कि सच बोलना सीखो। अगर तुम कोई वादा नहीं निभा सकते, तो झूठ मत बोलो, ईमानदारी से कहो। और जब तुम कोई गलती करो, तो परमेश्वर के पास लौट आओ, क्योंकि वे वही परमेश्वर हैं जिन्होंने कोमल टहनी लगाने का वादा किया, और निभाया भी।

Talk About It

क्या तुम्हें लगता है कि परमेश्वर वादा तोड़ने को इतना गम्भीर क्यों मानते हैं? क्या यह सिर्फ नियमों की बात है, या इसमें कुछ और भी है?

अध्याय के अंत में परमेश्वर स्वयं एक टहनी लगाते हैं। तुम्हें यह क्यों लगता है कि परमेश्वर ने यह काम स्वयं किया, किसी इंसान से नहीं करवाया?

Praying Together

प्रभु परमेश्वर, आप वादों को गम्भीरता से लेते हैं, और आप स्वयं कभी अपना वादा नहीं तोड़ते। हमें माफ कीजिए जब हम बातें कहकर भूल जाते हैं। हमें सच बोलना सिखाइए। और धन्यवाद कि आपने यीशु को उस कोमल टहनी की तरह भेजा, जिनकी छाया में हम सुरक्षित हैं। आमीन।

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दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

वह दाखलता सूखी ज़मीन में नहीं लगाई गई थी। उसे पानी मिला था, बढ़ने की जगह मिली थी। फिर भी उसने अपनी जड़ें दूसरे उकाब की ओर फैला दीं। और परमेश्वर पूछते हैं, "क्या वह फूले फलेगी?" उसे उखाड़ने के लिए बड़ी सेना की ज़रूरत भी नहीं पड़ी।

आज तेरी जड़ें किस ओर बढ़ रही हैं? जहाँ परमेश्वर ने तुझे लगाया है, वहाँ का पानी क्या सच में कम है?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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