3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

यिर्मयाह 35

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

यरूशलेम में एक कोठरी थी। उसमें मिट्टी के बड़े-बड़े हँडे रखे थे। हँडों में दाखमधु भरा था। उसकी महक कमरे में फैली थी।

यिर्मयाह वहाँ खड़े थे। उनके सामने रेकाब के घराने के लोग बैठे थे। पिता, बेटे, सब एक साथ।

यिर्मयाह ने कटोरे भरे। उन्होंने कहा, “पियो।”

रेकाबी लोगों ने सिर हिलाया। “नहीं,” उन्होंने कहा। “हम दाखमधु नहीं पीएँगे।”

क्यों नहीं? क्योंकि बहुत साल पहले, उनके परदादा योनादाब ने एक बात कही थी। उन्होंने कहा था, “कभी दाखमधु मत पीना। घर मत बनाना। तम्बुओं में रहना, जैसे यात्री रहते हैं।”

और रेकाबी लोगों ने वह बात मान ली थी। आज भी। इतने सालों बाद भी।

वे तम्बुओं में रहते थे। उनके पास घर नहीं था, खेत नहीं था, दाख की बारी नहीं थी। वे बस अपने परदादा की बात मानते थे। चुपचाप। पूरे मन से।

इसका क्या मतलब है?

परमेश्वर ने यह सब देखा। उन्होंने यिर्मयाह से कहा, “देखो, ये लोग अपने पुरखा की बात मानते हैं। पर मेरी प्रजा मेरी बात नहीं मानती।”

परमेश्वर ने अपनी प्रजा से बार-बार कहा था, “बुरी बातें छोड़ दो। मेरी ओर लौट आओ।” उन्होंने नबियों को भेजा, बार-बार भेजा। पर लोगों ने कान बंद रखे।

रेकाबी लोगों ने एक इंसान की बात मानी। परमेश्वर की प्रजा ने परमेश्वर की बात नहीं मानी। यह परमेश्वर को दुःख देता था।

समानता

परमेश्वर हमेशा बोलते हैं। वे चाहते हैं कि हम सुनें। वे चाहते हैं कि हम भरोसा करें।

यीशु मसीह हमेशा अपने पिता की बात सुनते थे। हर बात मानते थे। हर काम वैसे ही करते थे जैसे पिता चाहते थे।

परमेश्वर ने रेकाबी लोगों से एक वादा किया। उन्होंने कहा, “तुम्हारे घराने में हमेशा कोई न कोई मेरे सामने खड़ा रहेगा।” क्योंकि उन्होंने सुना था।

तुम्हारे लिए

जब मम्मी कहती है, “यह मत करो,” तुम क्या करते हो?

जब परमेश्वर कुछ कहते हैं, क्या तुम सुनते हो?

रेकाबी लोगों ने सुना। चुपचाप, पूरे मन से। परमेश्वर चाहते हैं कि तुम भी ऐसे सुनो।

विचार करने के लिए

रेकाबी लोगों ने दाखमधु क्यों नहीं पिया?

तुम किसकी बात सुनते हो, जैसे रेकाबी लोगों ने सुनी?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, रेकाबी लोगों ने सुना। मैं भी सुनना चाहता हूँ। मुझे अच्छे कान दीजिए, जो आपकी बात सुनें। आमीन।

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यिर्मयाह 35 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यिर्मयाह 35 किस विषय में है?
यरूशलेम में एक कोठरी थी। उसमें मिट्टी के बड़े-बड़े हँडे रखे थे। हँडों में दाखमधु भरा था। उसकी महक कमरे में फैली थी।
यिर्मयाह 35 क्या कहता है?
क्यों नहीं? क्योंकि बहुत साल पहले, उनके परदादा योनादाब ने एक बात कही थी। उन्होंने कहा था, “कभी दाखमधु मत पीना। घर मत बनाना। तम्बुओं में रहना, जैसे यात्री रहते हैं।”
यिर्मयाह 35 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
परमेश्वर ने यह सब देखा। उन्होंने यिर्मयाह से कहा, “देखो, ये लोग अपने पुरखा की बात मानते हैं। पर मेरी प्रजा मेरी बात नहीं मानती।”
नन्हे बच्चे यिर्मयाह 35 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर हमेशा बोलते हैं। वे चाहते हैं कि हम सुनें। वे चाहते हैं कि हम भरोसा करें।
यिर्मयाह 35 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
रेकाबी लोगों ने सुना। चुपचाप, पूरे मन से। परमेश्वर चाहते हैं कि तुम भी ऐसे सुनो।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

नाम गिनाए गए हैं: याजन्याह, उसके भाई, उसके सब पुत्र, पूरा रेकाबी घराना। परमेश्वर ने किसी अकेले भक्त को नहीं, एक पूरे परिवार को बुलाया। उनके पूर्वज योनादाब की कही बात लगभग दो सौ साल बाद भी उनके बेटों के जीवन में साँस ले रही थी।

सोचो, जो आज्ञाकारिता तुम आज चुपचाप जी रहे हो, वह तुम्हारे पोतों तक पहुँचेगी, या तुम पर ही रुक जाएगी?

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