सपन्याह 3
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
परमेश्वर का वचन: सपन्याह अध्याय 3
The Explanation
एक शहर था। बहुत उदास शहर। वहाँ के लोग परमेश्वर की बात नहीं सुनते थे। बिलकुल नहीं सुनते थे।
रात हो गई थी। शहर में शोर था, गुस्सा था। बड़े लोग दहाड़ते थे, जैसे शेर दहाड़ते हैं। कुछ लोग दूसरों को दुःख देते थे।
पर परमेश्वर वहीं थे। शहर के बीच में। वे धर्मी थे। वे कभी गलत नहीं करते। हर सुबह वे सही न्याय दिखाते थे।
परमेश्वर ने कहा, "मेरी बाट जोहो। मैं आऊँगा।" वे दुःख देनेवालों को हटा देंगे। पर वे एक बात और करेंगे, बहुत सुंदर बात।
What Does This Mean?
परमेश्वर ने कहा, "मैं दीन और कंगाल लोगों को बचा रखूँगा।" छोटे लोगों को। जो अपने पर भरोसा नहीं करते, पर यहोवा के नाम की शरण लेते हैं।
ये लोग झूठ नहीं बोलेंगे। छल नहीं करेंगे। वे चरेंगे, जैसे भेड़ें हरी घास में चरती हैं। वे विश्राम करेंगे। कोई उन्हें डरा नहीं पाएगा।
फिर परमेश्वर ने एक गीत गाने को कहा। सुनो, कितना सुंदर गीत!
"हे सिय्योन की बेटी, ऊँचे स्वर से गा! हे इस्राएल, जयजयकार कर!"
क्यों गाना? क्योंकि यहोवा ने दण्ड दूर कर दिया। शत्रु दूर हो गए। और परमेश्वर, इस्राएल के राजा, उनके बीच में हैं।
The Common Thread
सुनो, यह भाग बहुत प्यारा है। परमेश्वर ने कहा, "तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे बीच में है। वे तेरे कारण आनन्द से मगन होंगे। वे अपने प्रेम के मारे चुप रहेंगे। फिर ऊँचे स्वर से गाते हुए तेरे कारण मगन होंगे।"
परमेश्वर गाते हैं! अपने बच्चों के लिए गाते हैं। खुश होकर गाते हैं।
बहुत साल बाद, परमेश्वर अपने बेटे यीशु को भेजा। यीशु भी हमारे बीच आए। लंगड़ों को चंगा किया। दुःखी लोगों को इकट्ठा किया। ठीक वैसे ही जैसे यहाँ लिखा है, "मैं लँगड़ों को चंगा करूँगा।"
For You
तुम भी परमेश्वर के छोटे बच्चे हो। तुम बड़े नहीं हो, ताकतवर नहीं हो। पर परमेश्वर तुम्हें बहुत प्यार करते हैं।
जब तुम डरते हो, याद करो। परमेश्वर तुम्हारे बीच में हैं। वे तुम्हें देखकर मुस्कुराते हैं। वे तुम्हारे लिए गाते हैं।
आज रात, जब सब शांत हो जाए, सोचो। परमेश्वर तुम्हारे पास है। वे खुश हैं, क्योंकि तुम उनके हो।
Talk About It
जब परमेश्वर तुम्हारे बारे में खुश होकर गाते हैं, तुम्हें कैसा लगता है?
तुम परमेश्वर से क्या कहना चाहोगे, जब वे तुम्हारे इतने पास हैं?
Praying Together
प्यारे परमेश्वर, आप मेरे बीच में हैं। आप मुझसे प्यार करते हैं। मुझे डरना नहीं है। आप मेरे लिए गाते हैं। मैं भी आपके लिए गाता हूँ। आमीन।
सपन्याह 3 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
सपन्याह 3 किस विषय में है?
सपन्याह 3 क्या कहता है?
सपन्याह 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे सपन्याह 3 से क्या सीख सकते हैं?
सपन्याह 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
परमेश्वर ने शुद्ध करने के बाद जो बचाया, वह कोई बड़ा दल नहीं था। "परन्तु मैं तेरे बीच में दीन और कंगाल लोगों का एक दल छोड़ूँगा, और वे यहोवा के नाम की शरण लेंगे।" जिनके पास कुछ नहीं बचा, वही उसके नाम में छिपे। सोचो, तुम्हारी कमज़ोरी शायद वही जगह है जहाँ से तुम पहली बार सचमुच उसकी शरण लोगे।
जो किताब "मैं सब कुछ मिटा दूँगा" जैसी चेतावनी से शुरू हुई थी, वह यहाँ आकर कहती है, "उस समय मैं तुमको ले आऊँगा, और उसी समय मैं तुमको इकट्ठा करूँगा।" जिन लोगों को शर्म ने बिखेर दिया था, उन्हीं को परमेश्वर जातियों के बीच प्रशंसा का कारण ठहराता है। तेरी जो बात तुझे आज छिपानी पड़ती है, वही कल उसकी महिमा की गवाही बन सकती है।
उसके हाकिम गरजनेवाले सिंह हैं, उसके न्यायी सांझ को आहेर करनेवाले भेड़िए हैं, जो सबेरे के लिये कुछ नहीं छोड़ते।" जिन्हें भेड़ों की रखवाली सौंपी गई थी, वही भेड़ों को खा गए। और ध्यान दो, भूख ऐसी कि कल के लिए कुछ बचता ही नहीं। लालच कभी तृप्त नहीं होता।
तुम्हारे हाथ में भी किसी पर थोड़ा अधिकार है। घर में, काम पर, कलीसिया में। वहाँ तुम खिलाते हो या खाते हो?
मैं लँगड़ों को बचाऊँगा, और निकाले हुओं को इकट्ठा करूँगा।" परमेश्वर उन्हीं का नाम लेता है जो झुंड के पीछे छूट गए, जिन्हें भीड़ ने धकेल दिया। और देख, जिन देशों में उनकी निन्दा हुई थी, वहीं वह उनकी प्रशंसा कराएगा। जहाँ तेरी शर्म हुई, वहीं तेरा सम्मान लौटेगा। क्या तू आज यह मानने को तैयार है?
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