3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

लूका 15

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

कहानी क्या कहती है

एक चरवाहा था। उसके पास सौ भेड़ें थीं। सुबह वह उन्हें गिनता। एक, दो, तीन… सौ! शाम को फिर गिनता।

पर एक दिन कुछ हुआ। चरवाहे ने गिना। एक भेड़ नहीं थी! एक भेड़ खो गई थी।

चरवाहा बहुत दुखी हुआ। वह छोटी भेड़ कहाँ है? वह डर रही होगी। वह अकेली होगी।

चरवाहा उठा। वह खोजने चला। पहाड़ पर। झाड़ियों में। पत्थरों के पीछे। "मेरी भेड़, तुम कहाँ हो?"

वह खोजता रहा। और खोजता रहा। और खोजता रहा।

फिर, वहाँ! एक छोटी सी आवाज़। "मैं यहाँ हूँ!" चरवाहे को उसकी खोई हुई भेड़ मिल गई!

चरवाहा बहुत खुश हुआ। उसने भेड़ को उठाया। अपने कंधों पर रखा। और घर ले आया।

घर पहुँचकर उसने सब को बुलाया। "आओ! खुशी मनाओ! मेरी खोई भेड़ मिल गई है!"

इसका क्या मतलब है

प्रभु यीशु ने यह कहानी सुनाई। वे बताना चाहते थे कि परमेश्वर कैसे हैं।

परमेश्वर उस चरवाहे की तरह हैं। और हम? हम वे भेड़ें हैं।

कभी-कभी हम खो जाते हैं। हम परमेश्वर से दूर चले जाते हैं। पर परमेश्वर हमें ढूँढते हैं। वे हमें कभी नहीं भूलते।

जब एक भी बच्चा परमेश्वर के पास वापस आता है, तो स्वर्ग में बड़ी खुशी होती है। स्वर्गदूत खुशी मनाते हैं!

बड़ी कहानी

प्रभु यीशु उस अच्छे चरवाहे की तरह हैं। वे तुम्हें ढूँढने आए। वे तुम्हें बहुत प्यार करते हैं।

प्रभु यीशु ने एक और कहानी भी सुनाई। एक लड़का था। वह अपने पिता से दूर चला गया। बहुत दूर।

उसने सारा पैसा खर्च कर दिया। वह भूखा हो गया। वह सूअरों के पास काम करता था। वह बहुत दुखी था।

फिर उसने सोचा, "मैं अपने पिता के पास वापस जाऊँगा।"

वह घर की ओर चला। पिता ने उसे दूर से देखा। पिता दौड़े! उन्होंने बेटे को गले लगाया। बहुत प्यार से चूमा।

पिता ने कहा, "मेरा बेटा वापस आ गया है! खुशी मनाओ!"

परमेश्वर उस पिता की तरह हैं। जब हम उनके पास आते हैं, वे दौड़कर हमें गले लगाते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी खो गए हो? शायद दुकान में? माँ का हाथ छूट गया था?

तुम डर गए थे, है ना? पर माँ ने तुम्हें ढूँढ लिया। और वह कितनी खुश हुई!

परमेश्वर भी ऐसे ही हैं। वे तुम्हें बहुत प्यार करते हैं। तुम उनके प्यारे बच्चे हो। वे तुम्हें कभी नहीं भूलते।

बात करें

तुम्हें कब बहुत खुशी होती है?

अगर तुम्हारा खिलौना खो जाए, तो तुम क्या करोगे?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप अच्छे चरवाहे हैं। आप मुझे प्यार करते हैं। आप मुझे कभी नहीं भूलते। धन्यवाद, प्रभु यीशु। आमीन।

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लूका 15 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

लूका 15 किस विषय में है?
एक चरवाहा था। उसके पास सौ भेड़ें थीं। सुबह वह उन्हें गिनता। एक, दो, तीन... सौ! शाम को फिर गिनता।
लूका 15 क्या कहता है?
फिर, वहाँ! एक छोटी सी आवाज़। "मैं यहाँ हूँ!" चरवाहे को उसकी खोई हुई भेड़ मिल गई!
लूका 15 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
कभी-कभी हम खो जाते हैं। हम परमेश्वर से दूर चले जाते हैं। पर परमेश्वर हमें ढूँढते हैं। वे हमें कभी नहीं भूलते।
नन्हे बच्चे लूका 15 से क्या सीख सकते हैं?
उसने सारा पैसा खर्च कर दिया। वह भूखा हो गया। वह सूअरों के पास काम करता था। वह बहुत दुखी था।
लूका 15 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम डर गए थे, है ना? पर माँ ने तुम्हें ढूँढ लिया। और वह कितनी खुश हुई!

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय

Reading Luke 15 about the prodigal son, I only noticed it this time: the father runs. An old man running through the village, robe lifted, dignity abandoned. That is not a story about repentance. That is a story about how we are sought.

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

फरीसी बड़बड़ा रहे थे कि यीशु पापियों के साथ खाता है, और उसी बड़बड़ाहट के बीच यह वाक्य आता है: "एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा।" स्वर्ग उन निन्यानवे पर चुप रहता है जो अपने को ठीक समझते हैं, और एक लौटने वाले पर गूँज उठता है। सोचो, तुम्हारे लौटने से किसी को इतनी खुशी होती है। तुम किस गिनती में खड़े हो?

थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?

हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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