3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

नहेम्याह 5

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत समय पहले की बात है। एक शहर था, यरूशलेम। वहाँ के लोग बहुत गरीब थे। रोटी नहीं थी। पेट भूखा था।

एक माँ रोई। एक पिता रोया। उन्होंने कहा, "हमारे बहुत बच्चे हैं। खाना चाहिए।"

कुछ लोगों ने कहा, "हमने अपने खेत गिरवी रख दिए।" कुछ ने कहा, "हमने अपनी बेटियों को दास बना दिया।" यह सुनकर सब बहुत उदास थे।

नहेम्याह नाम का एक आदमी था। वह लोगों का अगुआ था। जब उसने यह चिल्लाहट सुनी, तो वह बहुत गुस्सा हुआ। बहुत, बहुत गुस्सा।

नहेम्याह ने अमीर लोगों को बुलाया। उसने कहा, "तुम अपने भाइयों से ब्याज लेते हो। यह अच्छा नहीं है।" सब चुप हो गए। उन्हें शर्म आई।

इसका क्या अर्थ है?

नहेम्याह ने कहा, "आज ही उनके खेत वापस दो। उनसे कुछ मत लो।"

अमीर लोगों ने कहा, "ठीक है। हम वैसा ही करेंगे।" उन्होंने वचन दिया। सब लोगों ने कहा, "आमीन!" और उन्होंने परमेश्वर की स्तुति की।

नहेम्याह खुद भी गरीबों की मदद करता था। वह उनसे कुछ नहीं लेता था। वह हर दिन बहुत लोगों को खाना खिलाता था। बैल, भेड़ें, रोटी। पर उसने कहा, "मैं अपने हक़ का खाना नहीं लूँगा। क्योंकि मैं परमेश्वर से डरता हूँ।"

नहेम्याह भूखे लोगों को देखकर चुप नहीं रहा। उसने उनकी मदद की।

समान सूत्र

परमेश्वर गरीबों को देखते हैं। परमेश्वर रोते हुए बच्चों की सुनते हैं। नहेम्याह ने अपने भाइयों से प्रेम किया, क्योंकि परमेश्वर उससे प्रेम करते थे।

बहुत बाद में, यीशु आए। यीशु भी भूखों को खाना खिलाते थे। यीशु भी गरीबों से प्रेम करते थे। यीशु ने अपना जीवन भी दे दिया, हमारे लिए।

नहेम्याह ने अपना खाना बाँटा। यीशु ने अपना जीवन बाँटा। दोनों ने कहा, "मैं तुमसे प्रेम करता हूँ।"

तुम्हारे लिए

क्या तुम्हारे पास खिलौने हैं? क्या तुम्हारे पास रोटी है? किसी को दो। किसी दोस्त को खिलौना दो। जैसे नहेम्याह ने दिया।

परमेश्वर खुश होते हैं, जब हम बाँटते हैं।

आपस में बात करो

तुम अपना खिलौना किसे दे सकते हो?

नहेम्याह गुस्सा क्यों हुआ था?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, धन्यवाद, आप गरीबों को देखते हैं। हमें भी बाँटना सिखाइए। हमें भी प्रेम करना सिखाइए। आमीन।

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नहेम्याह 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नहेम्याह 5 किस विषय में है?
बहुत समय पहले की बात है। एक शहर था, यरूशलेम। वहाँ के लोग बहुत गरीब थे। रोटी नहीं थी। पेट भूखा था।
नहेम्याह 5 क्या कहता है?
नहेम्याह नाम का एक आदमी था। वह लोगों का अगुआ था। जब उसने यह चिल्लाहट सुनी, तो वह बहुत गुस्सा हुआ। बहुत, बहुत गुस्सा।
नहेम्याह 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
अमीर लोगों ने कहा, "ठीक है। हम वैसा ही करेंगे।" उन्होंने वचन दिया। सब लोगों ने कहा, "आमीन!" और उन्होंने परमेश्वर की स्तुति की।
नन्हे बच्चे नहेम्याह 5 से क्या सीख सकते हैं?
बहुत बाद में, यीशु आए। यीशु भी भूखों को खाना खिलाते थे। यीशु भी गरीबों से प्रेम करते थे। यीशु ने अपना जीवन भी दे दिया, हमारे लिए।
नहेम्याह 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
हे परमेश्वर, धन्यवाद, आप गरीबों को देखते हैं। हमें भी बाँटना सिखाइए। हमें भी प्रेम करना सिखाइए। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 2

दीवार बन रही थी, और उसी बीच एक और आवाज़ उठी: "हम अपने बेटे-बेटियों समेत बहुत जन हैं; इसलिए हमें अन्न मिलना चाहिए, कि खाकर जीवित रहें।" काम बड़ा था, पर भूख भी उतनी ही सच्ची थी। नहेम्याह ने उस रोने को काम में बाधा समझकर नहीं टाला। कहीं तेरी सेवा इतनी व्यस्त तो नहीं कि पास खड़े भूखे की आवाज़ सुनाई ही न दे?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

दीवार बाहर से बन रही थी, और भीतर से दरार पड़ रही थी। "तब लोगों ने और उनकी स्त्रियों ने अपने यहूदी भाइयों के विरुद्ध बड़ी चिल्लाहट मचाई।" दुश्मन बाहर था, पर दर्द घर के भीतर से उठा। कभी कभी सबसे गहरी चोट अपनों से ही लगती है। आज ठहरकर पूछ: मेरे पास जो है, कहीं वह मेरे भाई के आंसुओं की कीमत पर तो नहीं?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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