3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

नहेम्याह 6

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

एक बड़ी दीवार बन रही थी। यरूशलेम शहर के चारों ओर। नहेमायाह उस काम का मुखिया था। वह हर दिन काम करता था। पत्थर पर पत्थर। ऊँची, मज़बूत दीवार।

पर कुछ लोग बहुत गुस्सा थे। उनके नाम थे सम्बल्लत, तोबियाह और गेशेम। वे नहीं चाहते थे कि दीवार बने। वे नहेमायाह को रोकना चाहते थे।

तो उन्होंने एक चाल सोची। उन्होंने कहा, "नहेमायाह, आ जाओ। हमसे मिलने आओ।" पर मन में वे बुरा सोच रहे थे। वे उसे चोट पहुँचाना चाहते थे।

नहेमायाह जानता था। वह मूर्ख नहीं था। उसने कहा, "नहीं। मैं बड़ा काम कर रहा हूँ। मैं नीचे नहीं आऊँगा।"

वे फिर बुलाने लगे। एक बार। दो बार। तीन बार। चार बार। हर बार नहेमायाह ने कहा, "नहीं। मैं काम कर रहा हूँ।"

फिर उन्होंने एक चिट्ठी भेजी। उसमें झूठ लिखा था। बहुत बुरा झूठ। पर नहेमायाह डरा नहीं। उसने कहा, "यह सच नहीं है।"

और नहेमायाह ने परमेश्वर से कहा, "हे परमेश्वर, मुझे मज़बूत कीजिए।"

What Does This Mean?

नहेमायाह ने काम नहीं छोड़ा। लोग उसे डराते थे। लोग उससे झूठ बोलते थे। पर वह डटा रहा। वह जानता था, परमेश्वर उसके साथ हैं।

और सुनो! बावन दिन में दीवार बन गई। पूरी दीवार! पत्थर पर पत्थर, ऊँची और मज़बूत। सब लोग हैरान थे। उन्होंने कहा, "यह काम परमेश्वर ने किया है।"

The Common Thread

परमेश्वर हमेशा अपने लोगों के साथ रहते हैं। जब नहेमायाह डरता था, परमेश्वर ने उसे मज़बूत किया। जब लोग उसे रोकते थे, परमेश्वर ने उसकी मदद की।

और बहुत सालों बाद, प्रभु यीशु भी आए। लोगों ने उन्हें भी रोकना चाहा। पर यीशु ने अपना काम पूरा किया। क्योंकि परमेश्वर उनके साथ थे।

For You

कभी-कभी कोई बच्चा तुमसे कहता है, "आओ, कुछ गलत करो।" या कोई तुम्हें डराता है। तब क्या करोगे?

नहेमायाह जैसे बनो। कहो, "नहीं। मैं यह नहीं करूँगा।" और परमेश्वर से कहो, "मुझे मज़बूत कीजिए।"

परमेश्वर सुनते हैं। परमेश्वर मदद करते हैं। तुम अकेले नहीं हो।

Talk About It

नहेमायाह ने क्यों कहा, "मैं नीचे नहीं आऊँगा"?

जब तुम डरते हो, तब तुम किससे बात कर सकते हो?

Praying Together

प्यारे परमेश्वर, आप बहुत बड़े हैं। आप बहुत अच्छे हैं। जब मैं डरता हूँ, तब मुझे मज़बूत कीजिए। नहेमायाह की तरह बनाइए। यीशु के नाम में, आमीन।

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नहेम्याह 6 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नहेम्याह 6 किस विषय में है?
एक बड़ी दीवार बन रही थी। यरूशलेम शहर के चारों ओर। नहेमायाह उस काम का मुखिया था। वह हर दिन काम करता था। पत्थर पर पत्थर। ऊँची, मज़बूत दीवार।
नहेम्याह 6 क्या कहता है?
नहेमायाह जानता था। वह मूर्ख नहीं था। उसने कहा, "नहीं। मैं बड़ा काम कर रहा हूँ। मैं नीचे नहीं आऊँगा।"
नहेम्याह 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
और नहेमायाह ने परमेश्वर से कहा, "हे परमेश्वर, मुझे मज़बूत कीजिए।"
नन्हे बच्चे नहेम्याह 6 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर हमेशा अपने लोगों के साथ रहते हैं। जब नहेमायाह डरता था, परमेश्वर ने उसे मज़बूत किया। जब लोग उसे रोकते थे, परमेश्वर ने उसकी मदद की।
नहेम्याह 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
नहेमायाह जैसे बनो। कहो, "नहीं। मैं यह नहीं करूँगा।" और परमेश्वर से कहो, "मुझे मज़बूत कीजिए।"

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 16

बावन दिन। इतनी सी बात, और शहरपनाह खड़ी हो गई। नहेम्याह को अपने बचाव में कोई भाषण नहीं देना पड़ा। लिखा है, "क्योंकि उन्होंने जान लिया कि यह काम हमारे परमेश्वर की ओर से हुआ है।" जिन लोगों ने ताने मारे थे, उन्हीं को मानना पड़ा। तू भी शायद सफाई देते देते थक गया है। चुपचाप काम पूरा कर। परमेश्वर खुद तेरा जवाब बन जाएगा।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

सनबल्लत का बुलावा सुनने में तो मित्रता जैसा लगता था, पर वह ओनो के मैदान तक नीचे उतारने की चाल थी। नहेमायाह का उत्तर सीधा था, "मैं तो एक भारी काम कर रहा हूँ, इस कारण नीचे नहीं आ सकता।" हर बुलावे का जवाब देना ज़रूरी नहीं। सोचो, आज कौन सी बातचीत तुम्हें दीवार से नीचे खींच रही है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

नहेमायाह जब शहरपनाह बना रहा था, तब सम्बल्लत ने झूठी अफवाह फैलाई कि वह राजा के विरुद्ध विद्रोह करने वाला है। नहेमायाह का उत्तर सीधा था, "जो बातें तू कहता है, उनमें से कोई भी नहीं हुई, वरन् तू अपने मन से गढ़ लेता है।"

कभी कभी हमारे विरुद्ध भी झूठी बातें कही जाती हैं। सफाई देने में उलझने के बजाय नहेमायाह की तरह शांत होकर सच बोलिए, और काम पर लगे रहिए। परमेश्वर आपकी प्रतिष्ठा की रक्षा करेगा।

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हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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