बाइबल व्याख्या

निर्गमन 23

बाइबल
यह अध्याय JL Group के सहयोग से संभव हुआ है

पाठ

अध्याय की शुरुआत अदालत में होती है: झूठी गवाही नहीं, भीड़ के पीछे चलकर न्याय बिगाड़ना नहीं, घूस नहीं, और न ही दरिद्र के मुकद्दमे में पक्षपात। फिर बात खेत और समय तक फैलती है: सातवाँ वर्ष भूमि को पड़ती छोड़ना, सातवाँ दिन विश्राम, वर्ष में तीन पर्व, पहली उपज। और अंत में एक वादा, जो आज्ञाओं जितना ही भारी है: परमेश्वर अपना दूत आगे-आगे भेजेंगे, कनान के लोगों को थोड़ा-थोड़ा करके निकालेंगे, पर इस्राएल को उन देवताओं से कोई वाचा नहीं बाँधनी, वरना वही फंदा बन जाएगा।

मूल बात

ध्यान दीजिए कि यहाँ अदालत और आराधना एक ही साँस में बोली जाती हैं। जो परमेश्वर कहते हैं "घूस न लेना", वही कहते हैं "प्रतिवर्ष तीन बार मेरे लिये पर्व मानना"। बाइबल में धर्म कभी मंदिर के भीतर कैद नहीं रहता; गवाही के कठघरे में बोला गया झूठ पर्व के बलिदान को भी दूषित कर देता है। और इस पूरे नैतिक ढाँचे की जड़ स्मृति है: "तुम तो परदेशी के मन की बातें जानते हो, क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे।" इस्राएल को न्यायप्रिय इसलिए होना है क्योंकि उसने अन्याय भोगा है और छुड़ाया गया है। छुटकारा पाया हुआ व्यक्ति दूसरों को कुचल नहीं सकता, यही तर्क है।

मुख्य सूत्र

तीन पर्व इस्राएल के कैलेंडर की रीढ़ थे, और तीनों मसीह में अपनी पूर्णता पाते हैं। अख़मीरी रोटी का पर्व फसह की रात से जुड़ा है, और पौलुस निस्संकोच कहते हैं कि हमारा फसह का मेम्ना बलि हो चुका है। "पहली उपज" का पर्व पुनरुत्थान की भाषा बन जाता है: मसीह सोए हुओं में पहला फल। और "बटोरन का पर्व", वर्ष के अन्त की फसल, उस अंतिम कटनी की ओर इशारा करता है जब सब जातियों में से लोग इकट्ठे किए जाएँगे। साथ ही सातवें वर्ष की पड़ती भूमि और सातवें दिन का विश्राम उस गहरे विश्राम की छाया हैं जिसे मसीह थके हुओं को देने आए। नियम यहाँ बोझ नहीं, एक लय है जो आगे की ओर इशारा करती है।

दर्पण

वचन 4 और 5 किसी आदर्शवाद से नहीं, बल्कि गाँव की असलियत से निकले हैं: आपके बैरी का गदहा बोझ के नीचे दबा पड़ा है, और पाठ ईमानदारी से मानता है कि "तेरा मन न चाहे"। परमेश्वर आपकी भावना बदलने की प्रतीक्षा नहीं करते; वे आपका हाथ माँगते हैं। यीशु ने पहाड़ी उपदेश में इसी बीज को खोलकर कहा कि अपने बैरियों से प्रेम रखो, पर नींव यहीं पड़ी है। सोचिए: वह सहकर्मी जिसकी गलती पर आप चुपचाप खुश होते हैं, वह रिश्तेदार जिसकी आर्थिक तंगी की खबर आप बिना प्रतिक्रिया के सुन जाते हैं, वह ग्रुप-चैट जिसमें किसी के बारे में आधी-अधूरी बात आप आगे बढ़ा देते हैं। आज ही एक काम कीजिए: उस एक व्यक्ति का नाम कागज़ पर लिखिए जिसका गिरा हुआ बोझ उठाने का आपका मन नहीं करता, और अगले दस मिनट में उसे एक ठोस, व्यावहारिक मदद की पेशकश भेज दीजिए।

कठिन प्रश्न

एक ही अध्याय में परमेश्वर कहते हैं कि शत्रु का भटका हुआ बैल लौटा देना, और कुछ ही वचनों बाद, "मैं उनको सत्यानाश कर डालूँगा"। यह विरोधाभास हमें चुभना चाहिए, और इसे चिकना कर देना बेईमानी होगी। पाठ स्वयं कारण देता है: मूर्तिपूजा "तेरे लिये फंदा बनेगा"। यानी यह नस्लीय घृणा नहीं, एक विशेष देश और विशेष समय का न्याय है, जिसमें परमेश्वर अपनी ही प्रजा को भी नहीं बख्शते, जैसा बाद का इतिहास दिखाता है, जब इस्राएल स्वयं निकाला गया। फिर भी सवाल पूरी तरह शांत नहीं होता। मैं इसे खुला छोड़ता हूँ, इस भरोसे के साथ कि वही परमेश्वर अंततः क्रूस पर शत्रुओं का सत्यानाश नहीं, बल्कि उनका मेल करने आए।

एक बारीकी

वचन 29 और 30 में एक अजीब, लगभग घरेलू तर्क है: परमेश्वर कनानियों को एक ही वर्ष में नहीं निकालेंगे, "ऐसा न हो कि देश उजाड़ हो जाए, और जंगली पशु बढ़कर तुझे दुःख देने लगें"। "थोड़ा-थोड़ा करके" निकालना कमज़ोरी नहीं, सुरक्षा है। जितनी ज़मीन आप सँभाल सकते हैं, उतनी ही मिलती है; बाकी बाद में। जो इस्राएल रोज़ चिल्लाता था कि देर क्यों हो रही है, उसे यहाँ उत्तर मिलता है कि जल्दी मिली जीत उजाड़ भी हो सकती है। आपकी अपनी आत्मिक लड़ाइयों में यह बात कम सांत्वना नहीं देती: पवित्रता भी थोड़ा-थोड़ा करके दी जाती है, इसलिए नहीं कि परमेश्वर कंजूस हैं, बल्कि इसलिए कि आप टूट न जाएँ।

शास्त्र में गूँज

न्यायियों 2 में यहोवा का दूत बोकीम में खड़ा होकर यही अध्याय इस्राएल के मुँह पर लौटा देता है: मैंने कहा था कि इस देश के निवासियों से वाचा न बाँधना, पर तुमने मेरी नहीं सुनी, इसलिए वे और उनके देवता तुम्हारे लिये फंदा बने रहेंगे। निर्गमन 23 का वादा और चेतावनी वहाँ अभियोग बन जाते हैं। दूसरी गूँज और भी तीखी है। यहाँ परमेश्वर कहते हैं, "मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊँगा", जबकि रोमियों 4 में पौलुस लिखते हैं कि परमेश्वर भक्तिहीन को धर्मी ठहराते हैं। क्या न्यायी ने अपना ही नियम तोड़ दिया? नहीं। क्रूस पर दुष्ट को निर्दोष यूँ ही नहीं ठहराया गया; दंड कहीं और गिरा। घूस लेने वाला न्यायी आँखें मूँदता है, पर यह न्यायी आँखें खुली रखकर स्वयं कीमत चुकाता है।

चिंतन के प्रश्न

किस एक क्षेत्र में आप "बहुतों के पीछे" हो लेते हैं, यह जानते हुए भी कि भीड़ की बात आधी सच्ची है?

परमेश्वर जिस गति से आपके जीवन में "थोड़ा-थोड़ा करके" काम कर रहे हैं, उससे आपकी सबसे बड़ी शिकायत क्या है, और क्या वह गति वास्तव में आपकी रक्षा कर रही है?

Exodus में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

The Message of Exodus

Alec Motyer

Traces how God rescues a people for himself, from slavery to Sinai.

Exodus For You

Tim Chester

An accessible chapter by chapter guide that keeps pointing to Jesus.

Exodus: An Introduction and Commentary

R. Alan Cole

A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Exodus

Peter Enns

Explains what it meant then, and bridges it honestly to life now.

Exodus: Saved for God's Glory

Philip Graham Ryken

Rich, sermon shaped exposition of the whole exodus story.

Faith.network earns a small commission on Kobo purchases made through these links, at no extra cost to you. It helps keep the studies free.

यह व्याख्या साझा करें

सुसमाचार फैलाने में मदद करें। यह व्याख्या किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें जिसे इससे प्रोत्साहन मिल सके।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

Exodus 23 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

निर्गमन 23 का क्या अर्थ है?
अध्याय की शुरुआत अदालत में होती है: झूठी गवाही नहीं, भीड़ के पीछे चलकर न्याय बिगाड़ना नहीं, घूस नहीं, और न ही दरिद्र के मुकद्दमे में पक्षपात। फिर बात खेत और समय तक फैलती है: सातवाँ वर्ष भूमि को पड़ती छोड़ना, सातवाँ दिन विश्राम, वर्ष में तीन पर्व, पहली उपज। और अंत में एक वादा, जो आज्ञाओं जितना ही भारी है: परमेश्वर अपना दूत आगे-आगे भेजेंगे, कनान के लोगों को थोड़ा-थोड़ा करके निकालेंगे, पर इस्राएल को उन देवताओं से कोई वाचा नहीं बाँधनी, वरना वही फंदा बन जाएगा।
निर्गमन 23 किस विषय में है?
तीन पर्व इस्राएल के कैलेंडर की रीढ़ थे, और तीनों मसीह में अपनी पूर्णता पाते हैं। अख़मीरी रोटी का पर्व फसह की रात से जुड़ा है, और पौलुस निस्संकोच कहते हैं कि हमारा फसह का मेम्ना बलि हो चुका है। "पहली उपज" का पर्व पुनरुत्थान की भाषा बन जाता है: मसीह सोए हुओं में पहला फल। और "बटोरन का पर्व", वर्ष के अन्त की फसल, उस अंतिम कटनी की ओर इशारा करता है जब सब जातियों में से लोग इकट्ठे किए जाएँगे। साथ ही सातवें वर्ष की पड़ती भूमि और सातवें दिन का विश्राम उस गहरे विश्राम की छाया हैं जिसे मसीह थके हुओं को देने आए। नियम यहाँ बोझ नहीं, एक लय है जो आगे की ओर इशारा करती है।
निर्गमन 23 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
एक ही अध्याय में परमेश्वर कहते हैं कि शत्रु का भटका हुआ बैल लौटा देना, और कुछ ही वचनों बाद, "मैं उनको सत्यानाश कर डालूँगा"। यह विरोधाभास हमें चुभना चाहिए, और इसे चिकना कर देना बेईमानी होगी। पाठ स्वयं कारण देता है: मूर्तिपूजा "तेरे लिये फंदा बनेगा"। यानी यह नस्लीय घृणा नहीं, एक विशेष देश और विशेष समय का न्याय है, जिसमें परमेश्वर अपनी ही प्रजा को भी नहीं बख्शते, जैसा बाद का इतिहास दिखाता है, जब इस्राएल स्वयं निकाला गया। फिर भी सवाल पूरी तरह शांत नहीं होता। मैं इसे खुला छोड़ता हूँ, इस भरोसे के साथ कि वही परमेश्वर अंततः क्रूस पर शत्रुओं का सत्यानाश नहीं, बल्कि उनका मेल करने आए।
निर्गमन 23 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
न्यायियों 2 में यहोवा का दूत बोकीम में खड़ा होकर यही अध्याय इस्राएल के मुँह पर लौटा देता है: मैंने कहा था कि इस देश के निवासियों से वाचा न बाँधना, पर तुमने मेरी नहीं सुनी, इसलिए वे और उनके देवता तुम्हारे लिये फंदा बने रहेंगे। निर्गमन 23 का वादा और चेतावनी वहाँ अभियोग बन जाते हैं। दूसरी गूँज और भी तीखी है। यहाँ परमेश्वर कहते हैं, "मैं दुष्ट को निर्दोष न ठहराऊँगा", जबकि रोमियों 4 में पौलुस लिखते हैं कि परमेश्
निर्गमन 23 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
परमेश्वर जिस गति से आपके जीवन में "थोड़ा-थोड़ा करके" काम कर रहे हैं, उससे आपकी सबसे बड़ी शिकायत क्या है, और क्या वह गति वास्तव में आपकी रक्षा कर रही है?

Exodus 23 में आपको क्या स्पर्श करता है?

इस अंश पर अभी तक कोई अंतर्दृष्टि साझा नहीं की गई है। पहले बनें और कुछ छोड़ें: एक अंतर्दृष्टि, प्रार्थना या धन्यवाद।

इस अंश को किसी और स्तर पर देखें

शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।

अध्ययन टूल में खोलें

अस्वीकरण: Faith.network बाइबल की व्याख्याएँ तैयार करने के लिए स्वचालित भाषा मॉडल का उपयोग करता है। हम धर्मशास्त्रीय दृष्टि से सही रहने का पूरा प्रयास करते हैं, फिर भी यह सॉफ़्टवेयर त्रुटि कर सकता है। इस साधन को अपने निजी बाइबल अध्ययन और कलीसिया के संगति जीवन का स्थान लेने वाला न समझें, बल्कि उनके सहायक के रूप में प्रयोग करें।

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network

हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव
कंपनी?