बाइबल व्याख्या

उत्पत्ति 38

बाइबल
यह अध्याय JL Group के सहयोग से संभव हुआ है

पाठ

यहूदा भाइयों को छोड़कर नीचे मैदान में, अदुल्लाम में जा बसता है, एक कनानी स्त्री से विवाह करता है और तीन बेटों का पिता बनता है। बड़ा बेटा एर तामार से ब्याहा जाता है और मर जाता है; ओनान देवर का धर्म निभाने से इनकार करता है और वह भी मर जाता है; तीसरा बेटा शेला तामार से रोक लिया जाता है, "जब तक मेरा पुत्र शेला सयाना न हो जाए तब तक अपने पिता के घर में विधवा ही बैठी रह।" वर्षों बाद तामार घूँघट डालकर तिम्नाह के मार्ग पर बैठती है, अपने ससुर से गर्भवती होती है, और उसकी मुहर, बाजूबन्द और छड़ी अपने पास रख लेती है। जब उसे जलाने के लिए बाहर घसीटा जाता है, तब वह ये तीन चीज़ें सामने रखती है, और यहूदा को अपना ही चेहरा दिखाई देता है।

मर्म

इस पूरे अध्याय में परमेश्वर केवल दो बार बोले बिना काम करते हैं, पद 7 और 10 में, और फिर चुप हो जाते हैं। कोई स्वर्गदूत नहीं, कोई सपना नहीं, कोई वेदी नहीं। और फिर भी यही वह अध्याय है जिसमें वाचा की रेखा टूटने से बचती है, इसलिए नहीं कि यहूदा वफ़ादार था, बल्कि इसलिए कि एक कनानी विधवा ने वह ज़िद पकड़ी जो परिवार के मुखिया ने छोड़ दी थी। यह पाठ हमारे इस भोलेपन को तोड़ता है कि परमेश्वर केवल साफ़-सुथरे लोगों के ज़रिये अपना उद्देश्य आगे बढ़ाते हैं। यहूदा का वाक्य, "वह तो मुझसे कम दोषी है", इस अध्याय का धर्मशास्त्रीय शिखर है: अनुग्रह वहीं से शुरू होता है जहाँ कोई आदमी पहली बार सच बोलता है, तब भी जब सच उसे नंगा कर देता है।

सूत्र

इस कहानी का अंत एक जन्म पर होता है, और उस जन्म से एक वंशावली निकलती है जिसकी ओर पूरा बाइबल ताकता है। पेरेस, वह बच्चा जो "बरबस" बाहर आया, दाऊद का पूर्वज बनता है, और मत्ती 1 में, जहाँ यीशु मसीह की वंशावली गिनाई जाती है, तामार का नाम बिना किसी सफ़ाई के लिख दिया जाता है। कोई संपादक इस अध्याय को मिटा सकता था; परमेश्वर ने इसे अपनी वंश-पत्री में जड़ दिया। और यह संयोग नहीं कि यही यहूदा बाद में, मिस्र के दरबार में, बिन्यामीन के बदले अपने आप को दास के रूप में पेश करता है। जिस आदमी ने यहाँ पहली बार कहा "वह तो मुझसे कम दोषी है", वही आगे चलकर दूसरे की जगह खड़ा होना सीखता है। पश्चाताप एक बीज है; मसीह उसी टहनी पर फल है।

दर्पण

यहूदा का वाक्य सुनिए, क्योंकि हम सब उसे बोलते हैं: "जब तक मेरा पुत्र शेला सयाना न हो जाए।" यह इनकार नहीं है, यह स्थगन है, और स्थगन सबसे सभ्य किस्म का विश्वासघात है। वह बहू जिसे आप "बाद में देखेंगे" कहकर मायके भेज देते हैं, वह कर्मचारी जिसे हर साल "अगली बार ज़रूर" कहा जाता है, वह भाई जिसका फ़ोन आप उठाने का इरादा तो रखते हैं पर आज नहीं। और साथ ही देखिए कि यहूदा दूसरों के पाप पर कितनी फुर्ती से न्याय करता है: "उसको बाहर ले आओ कि वह जलाई जाए।" तीन महीने से उसकी अपनी मुहर किसी और के पास पड़ी थी, और उसे याद तक नहीं। हम अपनी असंगति में जीने में माहिर हैं जब तक कोई हमारी छड़ी हमारे सामने न रख दे। आज, अगले दस मिनट में, उस एक व्यक्ति को संदेश भेजिए जिसे आपने "बाद में" कहकर टाल रखा है, और उसमें एक तारीख़ लिखिए।

बारीकी

रुक कर सोचिए कि तामार ने रेहन में क्या माँगा: "अपनी मुहर, और बाजूबन्द, और अपने हाथ की छड़ी।" वह सोना नहीं माँगती, भेड़-बकरी नहीं माँगती। मुहर वह चीज़ थी जिससे आदमी अनुबंधों पर अपना नाम छापता था, उसका हस्ताक्षर, उसकी कानूनी पहचान; छड़ी उसके अधिकार का चिह्न। यानी उसने यहूदा की पूरी सामाजिक पहचान अपनी मुट्ठी में ले ली, और यहूदा ने एक रात के लिए वह सब सौंप दिया। यही इस अध्याय की सबसे तीखी टिप्पणी है: आदमी अपनी पहचान कितनी सस्ती क़ीमत पर गिरवी रख देता है, और फिर बकरी का बच्चा भेजकर उसे चुपचाप छुड़ा लेना चाहता है, "नहीं तो हम लोग तुच्छ गिने जाएँगे।" इज़्ज़त बचाने की चिंता सच बोलने की चिंता से हमेशा पहले आती है, जब तक सच ख़ुद दरवाज़े पर न आ खड़ा हो।

शास्त्र की गूँज

तामार का संदेश, "पहचान तो सही कि यह मुहर, और बाजूबन्द, और छड़ी किसकी हैं", एक गूँज है। पिछले ही अध्याय में यहूदा और उसके भाइयों ने एक बकरे का लहू यूसुफ़ के अंगरखे पर लगाकर याकूब के पास भेजा था और उससे कहा था कि पहचान ले, यह तेरे बेटे का है या नहीं। वहाँ यहूदा ने एक पिता को धोखा देने के लिए "पहचान" शब्द इस्तेमाल किया था; यहाँ वही शब्द उसके अपने हाथ में रख दिया जाता है। बाइबल यह नहीं कहती कि परमेश्वर ने बदला लिया; वह बस कहानी को आमने-सामने खड़ा कर देती है। और रूत 4 में बैतलहम के बुज़ुर्ग एक और विधवा को आशीष देते हुए ठीक इसी तामार और पेरेस का नाम लेते हैं, मानो कह रहे हों: इस वंश की जान हमेशा बाहर से आई हुई औरतों ने बचाई है।

कठिन प्रश्न

पद 7 काँटे की तरह चुभता है: एर "यहोवा के लेखे में दुष्ट था, इसलिए यहोवा ने उसको मार डाला।" क्या किया था उसने? पाठ नहीं बताता, और यह चुप्पी जानबूझकर है। हमें उसके पाप की सूची नहीं दी जाती, केवल यह कि परमेश्वर देखते हैं। पर असली खटक यह है: एर और ओनान मारे जाते हैं, और यहूदा, जो वेश्या समझकर अपनी बहू के पास गया और फिर उसे जलाने का हुक्म देने वाला था, जीवित रहता है और वंशावली में आगे बढ़ता है। यह न्याय का कोई साफ़ गणित नहीं है, और इसे समझा देने की कोशिश झूठ होगी। शायद यही इस अध्याय का सबसे कड़वा और सबसे मीठा सच है: परमेश्वर का चुनाव योग्यता पर नहीं टिका। जो बचता है, वह अनुग्रह से बचता है, और जो नाश होता है, उसका हिसाब परमेश्वर अपने पास रखते हैं, हमारे पास नहीं।

चिंतन

आपके जीवन में वह "शेला" कौन-सा वादा है जिसे आप वर्षों से सयाना होने का इंतज़ार करवा रहे हैं, और आप किससे डरते हैं कि उसे पूरा करने पर क्या खो जाएगा?

अगर कोई आज आपकी "मुहर, बाजूबन्द और छड़ी" सबके सामने रख दे, तो आप यहूदा की तरह "वह तो मुझसे कम दोषी है" कह पाएँगे, या सफ़ाई देने लगेंगे?

Genesis में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

Genesis

Derek Kidner

A beloved compact classic that opens up Genesis with warmth and precision.

The Message of Genesis 1-11

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The Message of Genesis 12-50

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Abraham to Joseph: the promises of God traced through one family.

Genesis: Beginning and Blessing

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Genesis 38 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

उत्पत्ति 38 का क्या अर्थ है?
यहूदा भाइयों को छोड़कर नीचे मैदान में, अदुल्लाम में जा बसता है, एक कनानी स्त्री से विवाह करता है और तीन बेटों का पिता बनता है। बड़ा बेटा एर तामार से ब्याहा जाता है और मर जाता है; ओनान देवर का धर्म निभाने से इनकार करता है और वह भी मर जाता है; तीसरा बेटा शेला तामार से रोक लिया जाता है, "जब तक मेरा पुत्र शेला सयाना न हो जाए तब तक अपने पिता के घर में विधवा ही बैठी रह।" वर्षों बाद तामार घूँघट डालकर तिम्नाह के मार्ग पर बैठती है, अपने ससुर से गर्भवती होती है, और उसकी मुहर, बाजूबन्द और छड़ी अपने पास रख लेती है। जब उसे जलाने के लिए बाहर घसीटा जाता है, तब वह ये तीन चीज़ें सामने रखती है, और यहूदा को अपना ही चेहरा दिखाई देता है।
उत्पत्ति 38 किस विषय में है?
इस कहानी का अंत एक जन्म पर होता है, और उस जन्म से एक वंशावली निकलती है जिसकी ओर पूरा बाइबल ताकता है। पेरेस, वह बच्चा जो "बरबस" बाहर आया, दाऊद का पूर्वज बनता है, और मत्ती 1 में, जहाँ यीशु मसीह की वंशावली गिनाई जाती है, तामार का नाम बिना किसी सफ़ाई के लिख दिया जाता है। कोई संपादक इस अध्याय को मिटा सकता था; परमेश्वर ने इसे अपनी वंश-पत्री में जड़ दिया। और यह संयोग नहीं कि यही यहूदा बाद में, मिस्र के दरबार में, बिन्यामीन के बदले अपने आप को दास के रूप में पेश करता है। जिस आदमी ने यहाँ पहली बार कहा "वह तो मुझसे कम दोषी है", वही आगे चलकर दूसरे की जगह खड़ा होना सीखता है। पश्चाताप एक बीज है; मसीह उसी टहनी पर फल है।
उत्पत्ति 38 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
रुक कर सोचिए कि तामार ने रेहन में क्या माँगा: "अपनी मुहर, और बाजूबन्द, और अपने हाथ की छड़ी।" वह सोना नहीं माँगती, भेड़-बकरी नहीं माँगती। मुहर वह चीज़ थी जिससे आदमी अनुबंधों पर अपना नाम छापता था, उसका हस्ताक्षर, उसकी कानूनी पहचान; छड़ी उसके अधिकार का चिह्न। यानी उसने यहूदा की पूरी सामाजिक पहचान अपनी मुट्ठी में ले ली, और यहूदा ने एक रात के लिए वह सब सौंप दिया। यही इस अध्याय की सबसे तीखी टिप्पणी है: आदमी अपनी पहचान कितनी सस्ती क़ीमत पर गिरवी रख देता है, और फिर बकरी का बच्चा भेजकर उसे चुपचाप छुड़ा लेना चाहता है, "नहीं तो हम लोग तुच्छ गिने जाएँगे।" इज़्ज़त बचाने की चिंता सच बोलने की चिंता से हमेशा पहले आती है, जब तक सच ख़ुद दरवाज़े पर न आ खड़ा हो।
उत्पत्ति 38 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
पद 7 काँटे की तरह चुभता है: एर "यहोवा के लेखे में दुष्ट था, इसलिए यहोवा ने उसको मार डाला।" क्या किया था उसने? पाठ नहीं बताता, और यह चुप्पी जानबूझकर है। हमें उसके पाप की सूची नहीं दी जाती, केवल यह कि परमेश्वर देखते हैं। पर असली खटक यह है: एर और ओनान मारे जाते हैं, और यहूदा, जो वेश्या समझकर अपनी बहू के पास गया और फिर उसे जलाने का हुक्म देने वाला था, जीवित रहता है और वंशावली में आगे बढ़ता है। यह न्याय का कोई साफ़ गणित नहीं है, और इसे समझा देने की कोशिश झूठ होगी। शायद यही इस अध्याय का सबसे कड़वा और सबसे मीठा सच है: परमेश्वर का चुनाव योग्यता पर नहीं टिका। जो बचता है, वह अनुग्रह से बचता है, और जो नाश होता है, उसका हिसाब परमेश्वर अपने पास रखते हैं, हमारे पास नहीं।
उत्पत्ति 38 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
अगर कोई आज आपकी "मुहर, बाजूबन्द और छड़ी" सबके सामने रख दे, तो आप यहूदा की तरह "वह तो मुझसे कम दोषी है" कह पाएँगे, या सफ़ाई देने लगेंगे?
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Genesis 38 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 26

यहूदा के हाथ में अपनी ही मुहर, डोरी और लाठी थी। वह चाहता तो उन्हें छिपा सकता था, और तामार जल जाती। पर उसने कहा, "वह मुझसे अधिक धर्मी है।" यह कहना उसकी इज़्ज़त को मिट्टी में मिला देता, फिर भी उसने कहा।

सच बोलने की कीमत हमेशा चुकानी पड़ती है। जिस बात को तुम दबा रहे हो, वह किसी और को जला रही है क्या?

धन्यवाद संपादकीय पर पद 8

पिता, धन्यवाद कि आपकी दृष्टि में विधवा तामार भुलाई नहीं गई। जब यहूदा ने कहा, "अपनी भौजाई के पास जा... अपने भाई के लिये सन्तान उत्पन्न कर," तो आपने दिखाया कि आप निःसंतान और असहाय की सुधि लेते हैं। धन्यवाद कि आप मरे हुए का नाम भी बनाए रखते हैं और हमें एक दूसरे की जिम्मेदारी उठाना सिखाते हैं।

धन्यवाद संपादकीय पर पद 27

हे प्रभु, तेरा धन्यवाद कि तामार के गर्भ में तूने जुड़वाँ बच्चे रखे। जहाँ उसकी ज़िंदगी में अन्धकार और तिरस्कार था, वहाँ तूने दुगना आशीष देकर उसे याद रखा। तेरी करूणा हर टूटे दिल तक पहुँचती है, इसके लिए हम तुझे धन्यवाद देते हैं।

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