स्थिर रहो · गुरूवार, जुलाई 30, 2026

परमेश्वर में मन की शान्ति

शान्ति और भरोसा

संग्रह 2 मिनट का पठन 4 बाइबिल के अंश

शांत मन से मनन करने योग्य छोटे विचार, इन बाइबल अंशों से लिए गए यशायाह 41:10, नीतिवचन 17:22, सभोपदेशक 1:14 and भजन संहिता 4:8.

☀ The सुबह moment

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ; इधर-उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ; मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा; मैं अपने धर्म के दाहिने हाथ से तुझे सम्भाले रहूँगा।

यशायाह 41:10

गुरुवार की सुबह, साढ़े छह बजे। चाय का प्याला हाथ में है, और मन पहले से ही आज की उस मीटिंग पर, उस अधूरे काम पर, या उस बातचीत पर दौड़ रहा है जिसे टालना मुश्किल है। सप्ताह अभी खत्म नहीं हुआ, और थकान पहले ही दस्तक दे रही है।

ऐसे में परमेश्वर की आवाज़ बहुत कोमल पर बहुत दृढ़ है, मत डर, मैं तेरे संग हूँ। यह वादा किसी विशेष दिन के लिए नहीं है। यह आज के लिए भी है, इस साधारण गुरुवार के लिए।

ध्यान दीजिए, वे यह नहीं कहते कि रास्ता आसान होगा। वे कहते हैं कि रास्ते पर वे साथ चलेंगे। उनका दाहिना हाथ आपको सम्भाले रखेगा, जैसे पिता बच्चे का हाथ थामे रखता है।

"इधर-उधर मत ताक" यह छोटा वाक्य कितना बड़ा है। कल क्या हुआ, दूसरे क्या कर रहे हैं, कल क्या होगा, इन सब की ओर देखने के बजाय आज उनकी ओर देखिए।

आप अकेले दफ़्तर नहीं जा रहे। आप अकेले रसोई में नहीं खड़े। जो आपको दृढ़ करता है, वह आपके साथ बाहर कदम रखता है।

आज का दिन उनके हाथ में है, और आप भी।

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✦ The दोपहर का भोजन moment

आनन्दित मन अच्छी औषधि है, परन्तु उदास मन हड्डियों को सुखा देता है।

नीतिवचन 17:22

आज दोपहर तक आपके चेहरे पर कितनी बार मुस्कान आई?

यह सवाल हल्का लगता है, पर इसका जवाब बहुत कुछ बताता है। सुबह से मीटिंग, मैसेज, दौड़भाग, और कहीं भीतर एक भारीपन जो कंधों पर बैठा रहता है। हम सोचते हैं यह थकान शरीर की है। पर कभी-कभी यह मन की है।

सुलैमान डॉक्टर नहीं थे, फिर भी उन्होंने वह बात लिख दी जो आज के शोध भी कहते हैं। एक भारी, उदास मन धीरे-धीरे हड्डियों तक पहुँच जाता है। और एक आनन्दित मन, वह दवा का काम करता है जो किसी दुकान पर नहीं मिलती।

ध्यान दीजिए, यहाँ 'हँसी' नहीं लिखा है, 'आनन्दित मन' लिखा है। यह बाहर का शोर नहीं, भीतर की एक शान्त पकड़ है, कि प्रभु मेरे साथ हैं, कि यह दिन उन्हीं का बनाया हुआ है।

दोपहर का यह छोटा-सा ठहराव इसीलिए है। काम की सूची लम्बी है, पर आपका मन आपकी सबसे बड़ी सम्पत्ति है। उसे भारी बोझ के नीचे मत दबने दीजिए।

एक गहरी साँस लीजिए। परमेश्वर को धन्यवाद कहिए, किसी एक छोटी बात के लिए। दवा शुरू हो गई।

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◐ The दोपहर moment

I have seen all the works that are done under the sun; and behold, all is vanity and a chasing after wind.

सभोपदेशक 1:14

आज दोपहर की थकान झूठ नहीं बोलती।

सुबह की ऊर्जा जा चुकी है, और शाम अभी दूर है। इस बीच में एक अजीब सी खालीपन है, जहाँ काम तो चल रहा है पर मन पूछता है, इसका अंत क्या है? सभोपदेशक का लेखक इसी जगह खड़ा था जब उसने कलम उठाई।

"हवा के पीछे दौड़ना।" यह चित्र चुभता है। हम पकड़ते हैं, पर हाथ खाली रहते हैं। एक प्रोजेक्ट पूरा होता है, दूसरा शुरू। एक लक्ष्य मिलता है, दूसरा उभरता है। सूरज के नीचे सब कुछ चलता रहता है, और हम भी।

यहाँ बाइबल हमें आसान तसल्ली नहीं देती। वह हमारे साथ बैठकर कहती है, हाँ, तुम सही महसूस कर रहे हो। यह खोखलापन असली है।

पर ध्यान दो, लेखक ने कहा "सूरज के नीचे।" वहीं पर सब व्यर्थ है। जब हम केवल इसी क्षितिज में जीते हैं, तो थकान स्वाभाविक है। जब हम ऊपर देखते हैं, तो एक और आयाम खुलता है।

आज दोपहर, इस थकान को दबाओ मत। इसे प्रार्थना बनने दो। परमेश्वर से पूछो, इस दिन के काम में आप कहाँ हैं? हवा के पीछे नहीं, आपके पीछे चलना सिखाइए।

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☾ The शाम moment

शान्ति से मैं लेट जाऊँगा और सो भी जाऊँगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझको एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

भजन संहिता 4:8

एक चरवाहा शाम को अपनी भेड़ों को पत्थर की ऊँची दीवारों के बीच एक बाड़े में लाता था। दिन भर की चराई के बाद वह खुद उस बाड़े के इकलौते खुले द्वार पर लेट जाता था। उसका शरीर ही दरवाज़ा बन जाता था। भेड़ें भीतर सुरक्षित, और चरवाहा बाहर पहरे पर।

दाऊद ने यही अनुभव किया था। वह भागा हुआ राजा था, जिसके पास चिंता करने के हज़ार कारण थे। फिर भी वह लेट जाता है और सो जाता है।

आज गुरुवार की शाम है। हफ्ते के काम अभी खत्म नहीं हुए। कल फिर मीटिंग, फिर घर, फिर वही सूची जो पूरी नहीं होती। मन इन्हीं धागों को रात में भी बुनता रहता है।

पर देखिए, दाऊद यह नहीं कहता कि सब समस्याएँ हल हो गईं। वह कहता है, केवल यहोवा मुझे निश्चिन्त रहने देता है। नींद ताकत से नहीं आती, भरोसे से आती है।

आज रात जो अधूरा है, उसे अधूरा ही रहने दीजिए। जो चिंताएँ आपके हाथ में नहीं हैं, वे उस चरवाहे के हाथ में हैं जो द्वार पर लेटा है।

साँस छोड़िए। दिन Him को लौटा दीजिए। वह जागता है, ताकि आप सो सकें।

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