बाइबल व्याख्या

मत्ती 3:9

बाइबल
यह वचन Christian Rivival Church of Sikkim द्वारा समर्पित है

पाठ

यूहन्ना उन धर्मगुरुओं से कहते हैं जो यरदन के किनारे आ खड़े हुए हैं: अपने मन ही मन यह तर्क मत दोहराओ कि "हमारा पिता अब्राहम है।" वंशावली कोई सुरक्षा-पत्र नहीं है। और फिर वे नदी के तल पर पड़े पत्थरों की ओर इशारा करते हैं, वही गोल, चिकने, बेजान पत्थर जिन पर भीड़ खड़ी है, और कहते हैं कि परमेश्वर इन पत्थरों में से भी अब्राहम के लिए सन्तान खड़ी कर सकते हैं। एक ही वाक्य में वे दो चीज़ें करते हैं: एक विरासत को निरस्त करते हैं और परमेश्वर की सृजनात्मक स्वतंत्रता को खुला छोड़ देते हैं। आगे की पंक्ति इसे और तीखा कर देती है, क्योंकि कुल्हाड़ा पहले से ही जड़ पर रखा हुआ है।

मर्म

यहाँ दाँव पर यह प्रश्न है कि परमेश्वर की प्रजा होने का आधार क्या है। फरीसियों और सदूकियों का भरोसा गलत नहीं था कि परमेश्वर ने अब्राहम से वाचा बाँधी; गलत यह था कि उन्होंने वाचा को अपनी जाति की सम्पत्ति मान लिया, जैसे कोई पुश्तैनी ज़मीन जिस पर मेहनत किए बिना फ़सल मिलती रहे। यूहन्ना का उत्तर दो धारों वाला है। एक ओर वे अनुग्रह को और भी गहरा कर देते हैं: यदि परमेश्वर पत्थर से सन्तान बना सकते हैं, तो किसी की भी आशा बची हुई है, सबसे निकम्मे व्यक्ति की भी। दूसरी ओर वे हर दावे को ढहा देते हैं: यदि परमेश्वर पत्थर से काम चला सकते हैं, तो आपकी धार्मिक वंशावली उन्हें बाध्य नहीं करती। अनुग्रह जो सबके लिए खुला है, वही अनुग्रह किसी को भी निश्चिन्त नहीं रहने देता। इसीलिए पद 8 में माँग फल की है, वंश की नहीं।

साझा सूत्र

अब्राहम की कहानी ही शुरू से यही थी: परमेश्वर मरी हुई चीज़ों से जीवन निकालते हैं। सारा की कोख बन्द थी, अब्राहम का शरीर बूढ़ा, और फिर भी वहाँ से एक राष्ट्र निकला। यूहन्ना उस परिवार को उसी के मूल सिद्धांत की याद दिला रहे हैं। जो परमेश्वर बाँझ कोख से सन्तान दे सकते हैं, वे यरदन के पत्थरों से भी दे सकते हैं। यह केवल डराने वाली बात नहीं, यह वाचा की अपनी तर्कशैली है। और यह सूत्र मसीह तक जाता है: एक कब्र, एक पत्थर, और उसमें से निकला हुआ जीवन, जिसके कारण अन्यजातियाँ, जो किसी वंशावली में नहीं थीं, अब्राहम की सन्तान कहलाती हैं। पत्थरों से उठाई गई सन्तान कोई अलंकार नहीं रही; वह कलीसिया बन गई।

दर्पण

आपके पास भी कोई न कोई वंशावली है। शायद यह कि आपके माता-पिता विश्वासी थे, कि आपका बपतिस्मा हुआ, कि आप तीन पीढ़ियों से इसी मण्डली में हैं, कि आप बाइबल अध्ययन समूह चलाते हैं और लोग आपसे प्रश्न पूछने आते हैं। यूहन्ना इन चीज़ों को बुरा नहीं कहते; वे इन्हें सुरक्षा मानने से मना करते हैं। खतरा यह है कि हम अपने मन ही मन, चुपचाप, वह वाक्य दोहराते रहें जो पद 9 में मना किया गया है, और फल की जाँच कभी न हो: घर में आपका लहजा, पैसों पर आपकी पकड़, उस व्यक्ति के प्रति आपकी कड़वाहट जिसे आपने माफ़ करने का नाटक किया है। आज बाहर जाकर एक पत्थर उठाइए, उसे अपनी मेज़ पर रखिए और ज़ोर से कहिए: "परमेश्वर, मेरे पास दिखाने को कोई वंशावली नहीं, आप मुझे नया बनाइए।"

अंतर्पाठ

यशायाह 51 में परमेश्वर अपने निराश लोगों से कहते हैं: उस चट्टान को देखो जिसमें से तुम काटे गए, अब्राहम को देखो, क्योंकि वह अकेला था जब मैंने उसे बुलाया। वहाँ अब्राहम की ओर देखना सान्त्वना थी। यूहन्ना उसी चित्र को उलट देते हैं: तुम चट्टान की ओर देखते रह गए और उस परमेश्वर को भूल गए जो चट्टान को काटते हैं। इब्रानी में यह बात और चमकती है, क्योंकि "सन्तान" (बानीम) और "पत्थर" (अबानीम) लगभग एक ही शब्द हैं; यूहन्ना शब्दों से खेल रहे हैं, पर खेल में छुरी है। और यरदन के पत्थर अपनी याद रखते हैं: यहोशू ने इसी नदी के तल से बारह पत्थर निकालकर स्मारक खड़ा किया था, ताकि बच्चे पूछें कि ये क्या हैं। अब वही पत्थर गवाह नहीं, उम्मीदवार हैं। तनाव यह है कि पौलुस बाद में ज़ोर देकर कहेंगे कि परमेश्वर ने अपने लोगों को नहीं त्यागा; यूहन्ना की कुल्हाड़ी वाचा को रद्द नहीं करती, उसे निजी सम्पत्ति होने से रोकती है।

सन्दर्भ

यह लगभग सन् 28 के आसपास का यहूदिया है, रोमी शासन के नीचे, जहाँ मन्दिर और उसकी अर्थव्यवस्था यरूशलेम में केन्द्रित है। यूहन्ना जानबूझकर वहाँ नहीं, जंगल में खड़े हैं, उसी जंगल में जहाँ से इस्राएल एक बार देश में घुसा था। लोग शहर छोड़कर बाहर आ रहे हैं, यानी वे व्यवस्था के केन्द्र को पीछे छोड़ रहे हैं। और सबसे चुभने वाली बात यह है कि उस समय डुबकी वाला ऐसा संस्कार मुख्यतः उन अन्यजातियों के लिए था जो यहूदी धर्म अपनाते थे। यूहन्ना यहूदियों को वही करने को कह रहे हैं, मानो वे बाहरी हों। फरीसी और सदूकी, जो धार्मिक और राजनीतिक दोनों शक्ति रखते थे, इसी अपमान की कगार पर खड़े हैं जब यह वाक्य उन पर गिरता है।

मुख्य पात्र

यूहन्ना का पहनावा ही उनका सन्देश है: ऊँट के रोम का वस्त्र और चमड़े का कमरबन्द, ठीक उस एलिय्याह की तरह जिसने राजाओं के सामने सिर नहीं झुकाया। वे मन्दिर से वेतन नहीं पाते, इसलिए किसी की चापलूसी करने की ज़रूरत नहीं। उनकी कठोरता क्रूरता नहीं है; यह उस आदमी की आवाज़ है जो देख रहा है कि कुल्हाड़ा पहले से जड़ पर रखा है और लोग अब भी वंशावली गिन रहे हैं। और यही आदमी कुछ ही पंक्तियों बाद कहता है कि वह आने वाले की जूती उठाने के योग्य नहीं। जो दूसरों के दावे तोड़ता है, वह अपने बारे में सबसे छोटा दावा करता है। यही उसकी विश्वसनीयता है।

चिंतन

आपके मन में चुपचाप कौन-सा वाक्य चलता है जो "हमारा पिता अब्राहम है" की जगह लेता है, और आपने पिछली बार कब उसकी जाँच की?

यदि परमेश्वर पत्थरों से सन्तान खड़ी कर सकते हैं, तो आपके जीवन में वह कौन व्यक्ति है जिसे आपने मन ही मन "निकम्मा पत्थर" मान लिया है, और इस पद के बाद आप उसके बारे में क्या बदलेंगे?

Matthew में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

Matthew For Everyone, Part 1

N.T. Wright

Short, fresh readings that make Matthew feel newly written.

The Message of Matthew

Michael Green

The King and his kingdom, traced through the whole Gospel.

Matthew: An Introduction and Commentary

R.T. France

A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Matthew

Michael Wilkins

Explains what it meant then, and bridges it honestly to life now.

The Message of the Sermon on the Mount

John Stott

Stott's classic on Matthew 5-7, the charter of the kingdom.

Faith.network earns a small commission on Kobo purchases made through these links, at no extra cost to you. It helps keep the studies free.

यह व्याख्या साझा करें

सुसमाचार फैलाने में मदद करें। यह व्याख्या किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें जिसे इससे प्रोत्साहन मिल सके।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

Matthew 3:9 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

मत्ती 3:9 का क्या अर्थ है?
यूहन्ना उन धर्मगुरुओं से कहते हैं जो यरदन के किनारे आ खड़े हुए हैं: अपने मन ही मन यह तर्क मत दोहराओ कि "हमारा पिता अब्राहम है।" वंशावली कोई सुरक्षा-पत्र नहीं है। और फिर वे नदी के तल पर पड़े पत्थरों की ओर इशारा करते हैं, वही गोल, चिकने, बेजान पत्थर जिन पर भीड़ खड़ी है, और कहते हैं कि परमेश्वर इन पत्थरों में से भी अब्राहम के लिए सन्तान खड़ी कर सकते हैं। एक ही वाक्य में वे दो चीज़ें करते हैं: एक विरासत को निरस्त करते हैं और परमेश्वर की सृजनात्मक स्वतंत्रता को खुला छोड़ देते हैं। आगे की पंक्ति इसे और तीखा कर देती है, क्योंकि कुल्हाड़ा पहले से ही जड़ पर रखा हुआ है।
मत्ती 3:9 किस विषय में है?
अब्राहम की कहानी ही शुरू से यही थी: परमेश्वर मरी हुई चीज़ों से जीवन निकालते हैं। सारा की कोख बन्द थी, अब्राहम का शरीर बूढ़ा, और फिर भी वहाँ से एक राष्ट्र निकला। यूहन्ना उस परिवार को उसी के मूल सिद्धांत की याद दिला रहे हैं। जो परमेश्वर बाँझ कोख से सन्तान दे सकते हैं, वे यरदन के पत्थरों से भी दे सकते हैं। यह केवल डराने वाली बात नहीं, यह वाचा की अपनी तर्कशैली है। और यह सूत्र मसीह तक जाता है: एक कब्र, एक पत्थर, और उसमें से निकला हुआ जीवन, जिसके कारण अन्यजातियाँ, जो किसी वंशावली में नहीं थीं, अब्राहम की सन्तान कहलाती हैं। पत्थरों से उठाई गई सन्तान कोई अलंकार नहीं रही; वह कलीसिया बन गई।
मत्ती 3:9 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
यशायाह 51 में परमेश्वर अपने निराश लोगों से कहते हैं: उस चट्टान को देखो जिसमें से तुम काटे गए, अब्राहम को देखो, क्योंकि वह अकेला था जब मैंने उसे बुलाया। वहाँ अब्राहम की ओर देखना सान्त्वना थी। यूहन्ना उसी चित्र को उलट देते हैं: तुम चट्टान की ओर देखते रह गए और उस परमेश्वर को भूल गए जो चट्टान को काटते हैं। इब्रानी में यह बात और चमकती है, क्योंकि "सन्तान" (बानीम) और "पत्थर" (अबानीम) लगभग एक ही शब्द हैं; यूहन्ना शब्दों से खेल रहे हैं, पर खेल में छुरी है। और यरदन के पत्थर अपनी याद रखते हैं: यहोशू ने इसी नदी के तल से बारह पत्थर निकालकर स्मारक खड़ा किया था, ताकि बच्चे पूछें कि ये क्या हैं। अब वही पत्थर गवाह नहीं, उम्मीदवार हैं। तनाव यह है कि पौलुस बाद में ज़ोर देकर कहेंगे कि परमेश्वर ने अपने लोगों को नहीं त्यागा; यूहन्ना की कुल्हाड़ी वाचा को रद्द नहीं करती, उसे निजी सम्पत्ति होने से रोकती है।
मत्ती 3:9 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
यूहन्ना का पहनावा ही उनका सन्देश है: ऊँट के रोम का वस्त्र और चमड़े का कमरबन्द, ठीक उस एलिय्याह की तरह जिसने राजाओं के सामने सिर नहीं झुकाया। वे मन्दिर से वेतन नहीं पाते, इसलिए किसी की चापलूसी करने की ज़रूरत नहीं। उनकी कठोरता क्रूरता नहीं है; यह उस आदमी की आवाज़ है जो देख रहा है कि कुल्हाड़ा पहले से जड़ पर रखा है और लोग अब भी वंशावली गिन रहे हैं। और यही आदमी कुछ ही पंक्तियों बाद कहता है कि वह आने वाले की जूती उठाने के योग्य नहीं। जो दूसरों के दावे तोड़ता है, वह अपने बारे में सबसे छोटा दावा करता है। यही उसकी विश्वसनीयता है।
मत्ती 3:9 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
यदि परमेश्वर पत्थरों से सन्तान खड़ी कर सकते हैं, तो आपके जीवन में वह कौन व्यक्ति है जिसे आपने मन ही मन "निकम्मा पत्थर" मान लिया है, और इस पद के बाद आप उसके बारे में क्या बदलेंगे?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Matthew 3 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

यूहन्ना उन्हें लौटाता नहीं, पर पूछता है, "हे साँप के बच्चों, तुम्हें किसने चेतावनी दी कि आनेवाले प्रकोप से भागो?" वे सही जगह आए थे, पर शायद गलत कारण से। सज़ा से बचने की चाह और परमेश्वर की ओर मुड़ने की चाह, दोनों एक जैसी दिखती हैं। आज तू जिस प्रार्थना में खड़ा है, उसमें डर बोल रहा है या प्रेम?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

यूहन्ना कहता है, "उसका सूप उसके हाथ में है।" सूप गेहूँ को नष्ट करने नहीं, उसे भूसी से अलग करने के लिए उठाया जाता है। ध्यान दे, वही हाथ जो भूसी को जलाता है, गेहूँ को खत्ते में सम्भालकर रखता है। आज जो तेज़ हवा तेरे जीवन पर चल रही है, शायद वह तुझे उड़ाने नहीं, तुझमें से भूसी हटाने आई है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

लोग यरूशलेम से चलकर जंगल तक आए, और वहाँ पानी में खड़े होकर "अपने अपने पापों को मानकर" बपतिस्मा लिया। किसी ने बहाना नहीं बनाया। हर एक ने अपना नाम, अपना बोझ खुद कहा। सोचो, तुम्हारे मन में जो बात सालों से छिपी है, क्या तुमने कभी उसे शब्द दिए हैं? जो पाप कहा नहीं जाता, वह धोया भी नहीं जाता।

इस अंश को किसी और स्तर पर देखें

शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।

अध्ययन टूल में खोलें

अस्वीकरण: Faith.network बाइबल की व्याख्याएँ तैयार करने के लिए स्वचालित भाषा मॉडल का उपयोग करता है। हम धर्मशास्त्रीय दृष्टि से सही रहने का पूरा प्रयास करते हैं, फिर भी यह सॉफ़्टवेयर त्रुटि कर सकता है। इस साधन को अपने निजी बाइबल अध्ययन और कलीसिया के संगति जीवन का स्थान लेने वाला न समझें, बल्कि उनके सहायक के रूप में प्रयोग करें।

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network

कंपनी?