1 कुरिन्थियों 8
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
कुरिन्थुस शहर में एक बड़ा बाज़ार था। वहाँ माँस बिकता था। पर यह माँस पहले मूरतों के मन्दिर में चढ़ाया जाता था, फिर दुकानों में बेचा जाता था। कुछ विश्वासी कहते थे, "हम जानते हैं कि मूरत कुछ भी नहीं है, सिर्फ पत्थर है। हम यह माँस खा सकते हैं।" वे जानते थे कि असली परमेश्वर एक ही है, पिता, जिससे सब कुछ बना। और एक ही प्रभु है, यीशु मसीह, जिसके द्वारा सब कुछ बना।
पर कुछ और विश्वासी अभी इतना नहीं समझते थे। जब वे यह माँस देखते, तो उनका मन डर जाता। उन्हें लगता, "अगर मैं यह खाऊँ, तो क्या मैं मूरत को पूज रहा हूँ?" पौलुस लिखते हैं, ज्ञान घमण्ड उत्पन्न करता है, पर प्रेम से उन्नति होती है। यानी जानना अच्छी बात है, पर जानकर घमण्डी बनना बुरी बात है।
What Does This Mean?
सोचो, एक बड़ा भाई है जो जानता है कि कुछ ठीक है। वह अपने छोटे, कमज़ोर भाई के सामने वह काम करता है। छोटा भाई अभी उतना नहीं समझता। वह सोचता है, "अगर बड़ा भाई करता है, तो मैं भी करूँ," पर उसका मन अंदर से बेचैन हो जाता है। पौलुस कहते हैं, इस तरह वह कमज़ोर भाई ठोकर खा जाता है। और यह सिर्फ एक छोटी सी बात नहीं है। पौलुस कहते हैं, मसीह उस भाई के लिये मरे। इसलिए उसे चोट पहुँचाना, मसीह को ही चोट पहुँचाने जैसा है।
The Common Thread
यह कहानी हमें याद दिलाती है कि परमेश्वर एक ही है, पिता, जिससे सब कुछ है। और एक ही प्रभु है, यीशु मसीह, जिसके द्वारा सब कुछ हुआ। यीशु हर भाई के लिये मरे, मज़बूत के लिये भी, कमज़ोर के लिये भी। जैसे यीशु ने अपनी जान दी, वैसे ही पौलुस कहते हैं, मैं अपनी स्वतंत्रता छोड़ दूँगा, अगर इससे मेरे भाई को मदद मिले। यह प्रेम की कहानी है, जो यीशु से शुरू होती है।
For You
शायद तुम कोई खेल जानते हो, जो तुम्हारा दोस्त नहीं जानता। या तुम्हें कुछ करने की आज़ादी है, पर तुम्हारा छोटा भाई या दोस्त उसे देखकर उलझन में पड़ जाता है। तब तुम क्या करोगे? पौलुस कहते हैं, "यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी माँस न खाऊँगा।" यानी वह अपने भाई के लिये अपनी पसंद छोड़ देता है। तुम भी ऐसा कर सकते हो। अगर कोई बात तुम्हारे दोस्त को उलझा देती है, तो उसके लिये रुक जाओ। यह प्रेम है, घमण्ड नहीं।
Talk About It
क्या तुम्हें याद है जब किसी बात ने तुम्हारे दोस्त को उलझन में डाल दिया था? तुमने क्या किया?
पौलुस अपने भाई के लिये माँस छोड़ने को तैयार था। तुम अपने भाई या दोस्त के लिये क्या छोड़ सकते हो?
Praying Together
प्रभु यीशु, आप हम सबके लिये मरे, मज़बूत के लिये भी और कमज़ोर के लिये भी। हमें घमण्डी मत बनने दीजिए। हमें सिखाइए कि अपने भाई-बहनों से प्रेम कैसे करें। आमीन।
1 कुरिन्थियों 8 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
1 कुरिन्थियों 8 किस विषय में है?
1 कुरिन्थियों 8 क्या कहता है?
1 कुरिन्थियों 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे 1 कुरिन्थियों 8 से क्या सीख सकते हैं?
1 कुरिन्थियों 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
यद्यपि आकाश में और पृथ्वी पर बहुत से तथाकथित ईश्वर हैं, (जैसे बहुत से ईश्वर और बहुत से प्रभु हैं)।" पौलुस इनकार नहीं करता कि ये नाम मौजूद हैं। वह बस उन्हें "तथाकथित" कहता है। आज भी बहुत से प्रभु तुझ पर हक जताते हैं, पैसा, लोगों की राय, डर। सवाल यह नहीं कि वे हैं या नहीं। सवाल यह है कि सुबह उठकर तू किसकी आवाज़ मानता है।
पौलुस यह नहीं पूछता कि तेरा ज्ञान सही है या नहीं। वह पूछता है कि तुझे कौन देख रहा है। "क्योंकि यदि कोई तुझ ज्ञानी को मूर्ति के मन्दिर में भोजन करते देखे, और वह निर्बल जन हो..." तेरी आज़ादी किसी कमज़ोर भाई के लिए रास्ता भी बन सकती है और ठोकर भी। आज कोई तुझे देखकर सीख रहा है। क्या सीख रहा है?
मूर्ति जगत में कोई वस्तु नहीं, और एक को छोड़ और कोई परमेश्वर नहीं।" पौलुस सही ज्ञान को मानता है, फिर भी आगे कहता है कि ज्ञान फुलाता है, प्रेम बनाता है। सोच, तेरा सही होना किसी कमज़ोर भाई को ठेस पहुँचा रहा है क्या? सच जानना बड़ी बात है, पर उस सच को प्रेम में थामना उससे भी बड़ी।
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