6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

जकर्याह 5

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

एक रात जकर्याह ने आसमान की ओर आँखें उठाईं। वहाँ कुछ अजीब उड़ रहा था। यह कोई पक्षी नहीं था। यह एक बड़ा सा लिखा हुआ पत्र था, जो हवा में उड़ रहा था। यह पत्र बहुत बड़ा था, बीस हाथ लंबा और दस हाथ चौड़ा, जैसे किसी घर की दीवार जितना बड़ा।

एक दूत ने जकर्याह से पूछा, "तुझे क्या दिखाई पड़ता है?" जकर्याह ने बताया कि उसने उड़ता हुआ पत्र देखा।

दूत ने समझाया, "यह एक श्राप है।" यानी यह पत्र परमेश्वर की चेतावनी लिए हुए था। इस पत्र पर एक तरफ लिखा था कि जो चोरी करता है, उसे निकाल दिया जाएगा। दूसरी तरफ लिखा था कि जो झूठी शपथ खाता है, उसे भी निकाल दिया जाएगा। परमेश्वर ने कहा कि यह पत्र चोर के घर में और झूठ बोलनेवाले के घर में घुस जाएगा, और उस घर को लकड़ी और पत्थर समेत नष्ट कर देगा।

फिर दूत ने जकर्याह से कहा, "आँखें उठाकर देख, वह क्या वस्तु निकली जा रही है?" जकर्याह ने देखा कि एक टोकरी जैसी चीज़ निकल रही थी, जिसे एपा कहते थे, अनाज नापने की एक बड़ी टोकरी। दूत ने कहा, "सारे देश में लोगों का यही पाप है।"

फिर अचानक टोकरी का सीसे का भारी ढक्कन उठा। और भीतर, जकर्याह ने देखा, एक स्त्री बैठी थी। दूत ने कहा, "इसका अर्थ दुष्टता है।" दूत ने उस स्त्री को वापस टोकरी के भीतर दबा दिया, और सीसे के ढक्कन से टोकरी का मुँह कसकर बंद कर दिया।

तभी जकर्याह ने फिर आँखें उठाईं। उसने दो स्त्रियाँ देखीं, जिनके पंख सारस के पंखों जैसे थे, चौड़े और मजबूत। हवा उनके पंखों में भरी हुई थी। वे उस टोकरी को उठाकर आकाश और धरती के बीच उड़ा ले गईं। जकर्याह ने पूछा, "वे इसे कहाँ लिए जा रही हैं?" दूत ने उत्तर दिया, "शिनार देश में, ताकि वहाँ इसके लिए एक घर बनाया जाए। जब वह घर तैयार होगा, तब यह टोकरी वहीं अपने ही पाए पर रखी जाएगी।"

What Does This Mean?

यह दर्शन डरावना लग सकता है, पर यह हमें कुछ जरूरी बात सिखाता है। परमेश्वर चोरी और झूठ से आँखें नहीं मूँदते। वे हर घर के भीतर देख सकते हैं, जहाँ कोई छिपकर गलत काम करता है। वह उड़ता हुआ पत्र दिखाता है कि परमेश्वर का वचन कहीं भी पहुँच सकता है, यहाँ तक कि बंद दरवाज़ों के पीछे भी।

और वह टोकरी, जिसमें दुष्टता बैठी थी, दिखाती है कि परमेश्वर पाप को हल्के में नहीं लेते। वे उसे दबाकर बंद कर देते हैं, जैसे कोई खतरनाक चीज़ को मजबूती से ढक दिया जाए। परमेश्वर चाहते हैं कि पाप उनके लोगों के बीच से दूर हो जाए, बहुत दूर, एक अनजान देश में, जहाँ वह अब उनके घरों को खराब न कर सके।

The Common Thread

यह कहानी हमें याद दिलाती है कि परमेश्वर शुरू से ही पाप को दूर करने का काम करते आए हैं। जकर्याह के समय में, परमेश्वर ने दुष्टता को एक टोकरी में बंद करके दूर भेज दिया। पर यह सिर्फ एक दर्शन था, एक तस्वीर। पाप को पूरी तरह हटाने के लिए और कुछ चाहिए था, कोई और आएगा।

बहुत बाद में, यीशु मसीह आए। उन्होंने चोरों और झूठ बोलनेवालों से मुँह नहीं मोड़ा, बल्कि उनसे मिले और उन्हें बदला। उन्होंने हमारे पाप को अपने ऊपर ले लिया, ताकि वह टोकरी जैसा बंद श्राप हम पर न पड़े। जकर्याह ने दूर से देखा जो परमेश्वर करनेवाले थे, यीशु ने उसे पूरा किया।

For You

अगर तुमने कभी कुछ चुराया हो, या कुछ ऐसा कहा हो जो सच नहीं था, तो याद रखो, परमेश्वर यह जानते हैं। पर वे तुम्हें डराने नहीं आते, वे तुम्हें घर लौटाने आते हैं। आज तुम परमेश्वर से सच बोल सकते हो, "मैंने गलत किया, मुझे माफ कर दीजिए।" तुम अपने भाई-बहन को वापस दे सकते हो जो तुमने बिना पूछे लिया था। तुम सच बोलने का साहस दिखा सकते हो, भले ही मुश्किल हो।

Talk About It

अगर तुमने कुछ चुराया होता और वह उड़ता हुआ पत्र तुम्हारे घर आता, तो तुम्हें कैसा लगता?

तुम्हें क्या लगता है, यीशु ने उस टोकरी जैसे श्राप का क्या किया?

Praying Together

हे परमेश्वर, आप हर बात जानते हैं, जो छिपी है वह भी। हमें सच बोलने और ईमानदार रहने में मदद कीजिए। धन्यवाद कि यीशु मसीह ने हमारे पाप का बोझ उठाया। आमेन।

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जकर्याह 5 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

जकर्याह 5 किस विषय में है?
एक रात जकर्याह ने आसमान की ओर आँखें उठाईं। वहाँ कुछ अजीब उड़ रहा था। यह कोई पक्षी नहीं था। यह एक बड़ा सा लिखा हुआ पत्र था, जो हवा में उड़ रहा था। यह पत्र बहुत बड़ा था, बीस हाथ लंबा और दस हाथ चौड़ा, जैसे किसी घर की दीवार जितना बड़ा।
जकर्याह 5 क्या कहता है?
फिर दूत ने जकर्याह से कहा, "आँखें उठाकर देख, वह क्या वस्तु निकली जा रही है?" जकर्याह ने देखा कि एक टोकरी जैसी चीज़ निकल रही थी, जिसे एपा कहते थे, अनाज नापने की एक बड़ी टोकरी। दूत ने कहा, "सारे देश में लोगों का यही पाप है।"
जकर्याह 5 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह दर्शन डरावना लग सकता है, पर यह हमें कुछ जरूरी बात सिखाता है। परमेश्वर चोरी और झूठ से आँखें नहीं मूँदते। वे हर घर के भीतर देख सकते हैं, जहाँ कोई छिपकर गलत काम करता है। वह उड़ता हुआ पत्र दिखाता है कि परमेश्वर का वचन कहीं भी पहुँच सकता है, यहाँ तक कि बंद दरवाज़ों के पीछे भी।
बच्चे जकर्याह 5 से क्या सीख सकते हैं?
बहुत बाद में, यीशु मसीह आए। उन्होंने चोरों और झूठ बोलनेवालों से मुँह नहीं मोड़ा, बल्कि उनसे मिले और उन्हें बदला। उन्होंने हमारे पाप को अपने ऊपर ले लिया, ताकि वह टोकरी जैसा बंद श्राप हम पर न पड़े। जकर्याह ने दूर से देखा जो परमेश्वर करनेवाले थे, यीशु ने उसे पूरा किया।
जकर्याह 5 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम्हें क्या लगता है, यीशु ने उस टोकरी जैसे श्राप का क्या किया?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 11

दुष्टता को एपा में बंद करके परमेश्वर ने उसे देश से दूर भेज दिया, पर ध्यान दीजिए कहाँ: "शिनार देश में उसके लिये भवन बनाने को।" पाप को घर मिलता है, वहीं जहाँ उसका स्वागत होता है। आपके मन में क्या ऐसी कोई आदत है जिसे आपने निकाला नहीं, बस एक आरामदेह कोना दे दिया है? परमेश्वर चाहता है कि वह बाहर जाए, आपके भीतर बसे नहीं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 2

स्वर्गदूत पूछता है, "तुझे क्या दिखाई देता है?" और जकर्याह को एक उड़ता हुआ पत्र दिखता है, खुला हुआ, दिनदहाड़े आकाश में। पाप के बारे में परमेश्वर का वचन कानाफूसी में नहीं कहा जाता। जो तूने अँधेरे में किया, वह उस खुले पन्ने पर लिखा है। पर वही लिखत मसीह के क्रूस पर कीलों से ठोंक दी गई।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

दो स्त्रियाँ, सारस जैसे पंख, और हवा उनके पंखों में भरी हुई। परमेश्वर उस टोकरी को उठाकर दूर शिनार ले जाता है, जहाँ दुष्टता के लिए घर बनाया जाएगा। बुराई कहीं न कहीं बसने की जगह ढूँढ़ती ही है। सवाल यह है कि क्या तूने अपने भीतर उसके लिए कोई कमरा खाली छोड़ रखा है? परमेश्वर उसे तेरी देश सीमा से निकाल देना चाहता है, छिपाना नहीं।

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