इफिसियों 4
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
एक आदमी था, नाम था पौलुस। वह एक छोटे से कमरे में बंद था। एक कैदी। बाहर धूप थी, पर पौलुस बाहर नहीं जा सकता था। फिर भी उसने एक चिट्ठी लिखी। एक प्यारी चिट्ठी। उसने लिखा, "एक दूसरे से प्रेम करो।" उसने लिखा, "धीरज रखो।" पौलुस जानता था, कुछ लोग जल्दी गुस्सा होते हैं। कुछ लोग झूठ बोलते हैं। कुछ लोग चोरी करते हैं। पौलुस ने लिखा, "अब ऐसा मत करो।" वह चाहता था, सब लोग एक परिवार जैसे रहें। एक शरीर जैसे। हाथ, पैर, आँख, सब अलग, पर सब एक साथ। परमेश्वर भी एक है। एक ही प्रभु। एक ही विश्वास।
What Does This Mean?
पौलुस ने एक बात बहुत ज़ोर से कही। उसने कहा, "सच बोलो।" झूठ मत बोलो। और कहा, "गुस्सा आ सकता है, पर सूरज डूबने से पहले गुस्सा खत्म कर दो।" सोचो, सूरज हर दिन डूबता है। हर दिन ही! तो हर दिन गुस्सा भी खत्म हो सकता है। पौलुस ने यह भी लिखा, "मुँह से गंदी बात मत निकालो।" पर अच्छी बात निकालो। प्यार की बात। ऐसी बात, जो सुनकर सामने वाला खुश हो जाए।
The Common Thread
पौलुस ने एक और प्यारी बात लिखी। उसने कहा, परमेश्वर ने हमारे सारे अपराध माफ़ कर दिए। मसीह में माफ़ कर दिए। सोचो, कोई कुछ गलत करता है। और परमेश्वर कहते हैं, "ठीक है, मैं माफ़ करता हूँ।" यीशु ने यह माफ़ी दिलाई। इसलिए पौलुस कहता है, "तुम भी एक दूसरे को माफ़ करो।" जैसे परमेश्वर ने किया, वैसे ही तुम भी करो।
For You
अगर तुम्हारा दोस्त तुम्हारा खिलौना तोड़ दे, तो क्या होगा? शायद गुस्सा आएगा। यह ठीक भी है। पर फिर, सूरज डूबने से पहले, तुम कह सकते हो, "मैं माफ़ करता हूँ।" जैसे परमेश्वर हमें माफ़ करते हैं। तुम सच भी बोल सकते हो। और प्यार की बात बोल सकते हो। तुम भी परमेश्वर के परिवार का एक हिस्सा हो।
Talk About It
जब कोई तुमसे कुछ गलत करता है, तुम क्या कह सकते हो? तुम्हारे मुँह से कौन सी अच्छी बात निकल सकती है, जो सुनने वाला खुश हो जाए?
Praying Together
प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमें माफ़ करते हैं। हमें भी सिखाइए, एक दूसरे को माफ़ करना। हमारे मुँह से अच्छी बातें निकलें। आमीन।
इफिसियों 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
इफिसियों 4 किस विषय में है?
इफिसियों 4 क्या कहता है?
इफिसियों 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे इफिसियों 4 से क्या सीख सकते हैं?
इफिसियों 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
जीत के बाद राजा लूट का माल अपने लोगों में बाँटता था। मसीह भी ऊँचे पर चढ़ा, पर जीत अपने पास नहीं रखी: "वह ऊँचे पर चढ़ा और बन्धुवाई को बन्दी बनाकर ले गया, और मनुष्यों को दान दिए।" जो तुझे बाँधे रखता था, अब वही उसका बन्दी है। और तेरे भीतर जो वरदान है, वह उसी विजय का हिस्सा है। उसे दबाकर मत रख।
चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; बल्कि भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे, इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।"
रुकिए और देखिए, पौलुस केवल यह नहीं कहते कि चोरी छोड़ो। वह उन्हीं हाथों को नया काम देते हैं। जो हाथ लेने के लिए बढ़ते थे, वही अब देने के लिए मेहनत करें।
क्या आपका परिश्रम केवल अपने लिए है, या उसमें किसी ज़रूरतमंद का हिस्सा भी छिपा है?
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हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।
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