3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

यहेजकेल 2

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

विवरण

एक आदमी था। उसका नाम यहेजकेल था। वह ज़मीन पर गिरा पड़ा था। बिलकुल नीचे।

तब एक आवाज़ आई। बहुत बड़ी आवाज़। परमेश्वर की आवाज़।

परमेश्वर ने कहा, "उठ खड़ा हो।"

और फिर कुछ हुआ। कुछ अनोखा। एक हवा सी आई, अंदर समा गई। और यहेजकेल खड़ा हो गया। अपने पैरों पर। सीधा।

परमेश्वर ने उससे बात की। परमेश्वर ने कहा, मैं तुझे भेजता हूँ। किसके पास? इस्राएल के लोगों के पास।

पर ये लोग अजीब थे। वे परमेश्वर की बात नहीं मानते थे। बहुत दिनों से नहीं मानते थे। उनके दादा भी नहीं मानते थे।

परमेश्वर ने कहा, वे हठीले हैं। जैसे पत्थर। वे नहीं सुनेंगे शायद।

इसका क्या अर्थ है?

पर परमेश्वर ने यहेजकेल से कुछ और भी कहा। कुछ ज़रूरी।

परमेश्वर ने कहा, "तू मत डरना।"

काँटों से मत डरना। बिच्छुओं से मत डरना। उन लोगों के गुस्से वाले चेहरों से मत डरना।

सोचो ज़रा। यहेजकेल अकेला था। लोग उससे नाराज़ हो सकते थे। पर परमेश्वर उसके साथ था। इसलिए उसे डरने की ज़रूरत नहीं थी।

फिर परमेश्वर के हाथ में कुछ दिखा। एक किताब। एक पुस्तक जैसी। वह खुली हुई थी।

उस पुस्तक में दुःख की बातें लिखी थीं। उदास बातें।

परमेश्वर ने कहा, "इसे खा ले।"

यहेजकेल को वह पुस्तक अपने अंदर लेनी थी। परमेश्वर की बातें अपने दिल में रखनी थीं।

समान सूत्र

परमेश्वर हमेशा किसी न किसी को भेजते हैं। कोई जो उनकी बात सुनाए।

बहुत बाद में, परमेश्वर ने अपने बेटे को भेजा। यीशु को।

यीशु भी डरे नहीं। लोग उनसे भी नाराज़ हुए। पर यीशु खड़े रहे। मज़बूती से।

और यीशु के पास भी एक संदेश था। परमेश्वर का संदेश। प्रेम भरा संदेश।

जैसे यहेजकेल ने वह पुस्तक ली, वैसे ही हम यीशु की बातें अपने दिल में रख सकते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी डरते हो? अंधेरे से? किसी बड़ी आवाज़ से?

यहेजकेल भी थोड़ा डरा होगा। पर परमेश्वर ने कहा, "मत डर, मैं तेरे साथ हूँ।"

परमेश्वर तुम्हारे साथ भी हैं। जब तुम डरो, तो याद करो। परमेश्वर तुम्हारा हाथ पकड़े हुए हैं।

बात करें

क्या तुम्हें कभी कुछ डरावना लगा है? उस समय तुमने क्या किया?

परमेश्वर ने यहेजकेल से कहा "मत डर"। क्या तुम सोच सकते हो, परमेश्वर तुमसे भी यही कह रहे हैं?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप यहेजकेल के साथ थे। आप मेरे साथ भी हैं। जब मुझे डर लगे, तो मुझे याद दिलाना। आप मेरा हाथ पकड़े हुए हैं। धन्यवाद यीशु के लिए। आमीन।

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यहेजकेल 2 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यहेजकेल 2 किस विषय में है?
एक आदमी था। उसका नाम यहेजकेल था। वह ज़मीन पर गिरा पड़ा था। बिलकुल नीचे।
यहेजकेल 2 क्या कहता है?
परमेश्वर ने कहा, वे हठीले हैं। जैसे पत्थर। वे नहीं सुनेंगे शायद।
यहेजकेल 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यहेजकेल को वह पुस्तक अपने अंदर लेनी थी। परमेश्वर की बातें अपने दिल में रखनी थीं।
नन्हे बच्चे यहेजकेल 2 से क्या सीख सकते हैं?
जैसे यहेजकेल ने वह पुस्तक ली, वैसे ही हम यीशु की बातें अपने दिल में रख सकते हैं।
यहेजकेल 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर ने यहेजकेल से कहा "मत डर"। क्या तुम सोच सकते हो, परमेश्वर तुमसे भी यही कह रहे हैं?

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