याकूब 3
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
छोटी सी जीभ की कहानी
The Explanation
एक बार की बात है। एक घोड़ा था, बड़ा और मजबूत। उसके मुँह में एक छोटी सी लगाम थी। पर उस छोटी लगाम से आदमी पूरे घोड़े को घुमा सकता था।
एक बड़ा जहाज भी था। हवा उसे जोर से धकेलती थी। पर जहाज में एक छोटा सा पतवार था। उस छोटे से पतवार से माँझी पूरे जहाज को चला सकता था।
छोटी चीज़ें बड़ी चीज़ें चला सकती हैं। हमारी जीभ भी ऐसी ही है। जीभ बहुत छोटी है। पर वह बड़ी-बड़ी बातें कर सकती है।
What Does This Mean?
जीभ से हम आग भी लगा सकते हैं। सोचो, एक छोटी सी चिंगारी। वह पूरे जंगल में आग लगा देती है। ऐसे ही एक बुरा शब्द बड़ी परेशानी ला सकता है।
एक ही मुँह से क्या-क्या निकलता है? कभी मीठी बातें। कभी कड़वी बातें। याकूब कहते हैं, ऐसा नहीं होना चाहिए। एक ही झरने से मीठा पानी और खारा पानी नहीं निकलता। अंजीर के पेड़ में जैतून नहीं लगते। तो फिर एक ही मुँह से आशीष और श्राप कैसे निकल सकते हैं?
The Common Thread
परमेश्वर हमें देखते हैं। वे हमारी जीभ को भी देखते हैं। वे चाहते हैं हमारा मुँह अच्छी बातें बोले।
याकूब बताते हैं, सच्ची समझ ऊपर से आती है, परमेश्वर से आती है। वह समझ पवित्र होती है। वह कोमल होती है। वह मेल कराने वाली होती है। जो लोग मेल कराते हैं, वे शान्ति के साथ अच्छे फल बोते हैं।
यीशु मसीह भी हमेशा भले शब्द बोलते थे। वे लोगों को आशीष देते थे। हम भी उनके जैसे बोलना सीख सकते हैं।
For You
आज तुम अपनी जीभ से क्या बोलोगे? क्या तुम किसी को प्यार से बोलोगे? क्या तुम "धन्यवाद" कहोगे? क्या तुम किसी को दिलासा दोगे?
तुम्हारी जीभ छोटी है। पर वह बहुत कुछ कर सकती है। मीठे शब्द किसी का दिल खुश कर सकते हैं। तुम आज किसी को मीठा शब्द दो। जैसे कोई गरम रोटी देता है, वैसे ही एक मीठा शब्द दो।
परमेश्वर तुम्हारी मदद करेंगे। तुम्हारी जीभ को कोमल बना देंगे।
तुम आज किसे मीठा शब्द बोलोगे?
क्या तुम्हें याद है, तुमने कब किसी को कड़वा शब्द बोला था?
Talk About It
तुम आज किसे मीठा शब्द बोलोगे?
क्या तुम्हें याद है, तुमने कब किसी को कड़वा शब्द बोला था?
Praying Together
हे प्रभु, मेरी छोटी सी जीभ को कोमल बनाइए। मुझे मीठे शब्द सिखाइए। आज मुझसे अच्छी बातें निकलने दीजिए। आमीन।
याकूब 3 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
याकूब 3 किस विषय में है?
याकूब 3 क्या कहता है?
याकूब 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे याकूब 3 से क्या सीख सकते हैं?
याकूब 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
जब हम घोड़ों को अपने वश में करने के लिये उनके मुँह में लगाम लगाते हैं, तो हम उनकी सारी देह को भी फेर देते हैं।" लगाम छोटी होती है, घोड़ा बड़ा। याकूब कहता है, तेरी जीभ भी ऐसी ही है। आज जो एक वाक्य तू बोलने जा रहा है, वह पूरे रिश्ते की दिशा मोड़ सकता है। क्या तूने कभी सोचा कि उस लगाम को कौन थामे हुए है?
इसी से हम प्रभु और पिता की स्तुति करते हैं; और इसी से मनुष्यों को जो परमेश्वर के स्वरूप में उत्पन्न हुए हैं श्राप देते हैं।"
एक ही जीभ, दो काम। रविवार को आराधना, सोमवार को वही होंठ किसी को नीचा दिखाते हैं। याकूब कहता है, जिस इंसान पर तू भड़का, वह परमेश्वर के स्वरूप में बना है। उसका अपमान ऊपर तक पहुँचता है। आज तेरे शब्द किसकी छवि पर गिरे?
जीभ भी आग है!" याकूब यह नहीं कहता कि जीभ आग लगाती है, वह कहता है कि जीभ खुद आग है। जो बात तूने पाँच सेकंड में कही, वह सालों तक किसी के भीतर सुलगती रह सकती है। घर की मेज़ पर, फोन पर, मज़ाक में कही गई बात भी। आज बोलने से पहले एक पल रुक जा, और पूछ, यह आग किसे जलाएगी?
हे मेरे भाइयों, तुम में से बहुत से उपदेशक न बनें, क्योंकि तुम जानते हो कि हम उपदेशकों का और भी कड़ा न्याय होगा।" याकूब सिखाने से मना नहीं करता, वह सिखाने के भार की याद दिलाता है। जिस मुँह से तुम दूसरों को परमेश्वर की बात बताते हो, उसी मुँह का हिसाब भी तुम्हें देना है। आज किसी को सुधारने से पहले एक पल रुको और पूछो, क्या यह बात प्रेम से निकल रही है या अपने बड़े दिखने की चाह से?
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