बाइबल व्याख्या

प्रकाशितवाक्य 13

बाइबल
यह अध्याय JL Group के सहयोग से संभव हुआ है

पाठ

यूहन्ना समुद्र के किनारे खड़ा है और पानी में से एक पशु उठता है: दस सींग, सात सिर, चीते का शरीर, भालू के पाँव, सिंह का मुँह। अजगर, जो पिछले अध्याय में स्त्री से हार चुका था, अपना सिंहासन और अधिकार इसी पशु को सौंप देता है, और सारी पृथ्वी उसके पीछे चल पड़ती है। फिर धरती में से दूसरा पशु निकलता है, मेम्ने जैसे दो सींगों वाला पर अजगर की आवाज़ वाला, जो चिन्ह दिखाकर लोगों से पहले पशु की मूर्ति पुजवाता है और सबके दाहिने हाथ या माथे पर छाप लगवाता है, जिसके बिना कोई लेन-देन नहीं कर सकता।

मर्म

यह अध्याय बुराई के बारे में एक बात कहता है जो हमें असहज करती है: बुराई मौलिक नहीं है, वह नकल है। अजगर अपना सिंहासन देता है, जैसे पिता ने पुत्र को अधिकार दिया; पशु का प्राणघातक घाव अच्छा हो जाता है, जैसे मेम्ना मारा जाकर जीवित है; दूसरा पशु चिन्ह दिखाता है और छाप लगाता है, जैसे परमेश्वर अपने लोगों पर मुहर लगाते हैं। यहाँ तक कि "इस पशु के समान कौन है?" वह स्तुति है जो इस्राएल कभी परमेश्वर को गाता था। शैतान कुछ नया नहीं रच सकता; वह केवल मसीह की छाया बना सकता है और उस छाया के सामने झुकने को मजबूर कर सकता है। इसीलिए इस अध्याय का सबसे बड़ा खतरा उत्पीड़न नहीं, भ्रम है।

जोड़ने वाला धागा

पद 8 में एक वाक्यांश है जो पूरी बाइबल को एक साथ बाँध देता है: मेम्ना "जगत की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है।" क्रूस कोई आपातकालीन योजना नहीं थी जो तब बनी जब आदम गिर गया। सृष्टि के आरम्भ से ही परमेश्वर के हृदय में यह बलिदान था, और इसीलिए इतिहास का कोई भी पशु, कोई भी साम्राज्य, उसे पटरी से नहीं उतार सकता। दानिय्येल 7 में चीता, भालू और सिंह अलग-अलग राज्य थे जो एक के बाद एक उठे; यूहन्ना उन तीनों को एक ही शरीर में जोड़ देता है, मानो कह रहा हो: हर युग का अत्याचार एक ही पुरानी आत्मा का नया चेहरा है। और हर युग में वही उत्तर है, एक मारा हुआ मेम्ना जिसका नाम-रजिस्टर किसी छाप से मिटता नहीं।

दर्पण

पद 17 सबसे चुभता है, क्योंकि वह शहादत की बात नहीं, रोज़गार की बात करता है। छाप के बिना "अन्य कोई लेन-देन न कर सके": यानी दबाव पहले गोली से नहीं आता, बिल से आता है। वह ठेका जो तभी मिलेगा जब आप थोड़ा झूठ बोल दें। वह पदोन्नति जो तभी होगी जब आप चुप रहें। वह रिश्तेदारी जो तभी निभेगी जब आप मसीह का नाम दबा लें। हम सोचते हैं हम पशु की पूजा कभी न करते, पर पूजा अक्सर घुटनों से नहीं, हस्ताक्षर से होती है। पद 10 कोई विजय-घोष नहीं देता, केवल यह कहता है कि संतों का धीरज इसी में है, यानी कभी-कभी विश्वास का अर्थ है हार जाना और फिर भी न झुकना।

आज अपने फोन का भुगतान-इतिहास खोलिए, पिछले दस लेन-देन पढ़िए, और एक ऐसे खर्च पर उँगली रखिए जो डर या दिखावे से किया गया था; उसे ज़ोर से नाम दीजिए और कहिए, "मेम्ना ही मेरा प्रभु है।"

शास्त्र शास्त्र से

पद 13 में दूसरा पशु "स्वर्ग से पृथ्वी पर आग" बरसाता है, और संदर्भ हमें कर्मेल पर्वत पर ले जाता है, जहाँ बाल के भविष्यद्वक्ता चिल्लाते रहे पर आग नहीं गिरी, और परमेश्वर ने एलिय्याह की प्रार्थना पर आग भेजी। अब झूठा भविष्यद्वक्ता वही चिन्ह करके दिखाता है। यह चेतावनी है: चमत्कार अपने आप में प्रमाण नहीं, सवाल हमेशा यह है कि वह किसकी ओर इशारा कर रहा है। दूसरी ओर, पद 15 की मूर्ति दानिय्येल 3 की सोने की मूर्ति है, जहाँ तीन युवकों ने कहा था कि परमेश्वर बचा भी सकते हैं और न भी बचाएँ तो भी हम नहीं झुकेंगे। यूहन्ना के पाठकों के लिए यह इतिहास नहीं, कल की सम्भावना थी।

एक बारीकी

पद 3 में घाव के लिए जो चित्र है, वह वही शब्द है जो प्रकाशितवाक्य 5:6 में मेम्ने के लिए इस्तेमाल हुआ है: "घात किया हुआ" (यूनानी में एस्फ़ाग्मेनोन, बलि के पशु की तरह गला काटा हुआ)। पशु भी ऐसा दिखता है "मानो वह मरने पर है", और फिर जी उठता है। यह संयोग नहीं, व्यंग्य है। शैतान जानता है कि दुनिया किस चीज़ के आगे झुकती है: मृत्यु से लौटा हुआ। इसलिए वह पुनरुत्थान का नकली संस्करण बाज़ार में उतारता है। फ़र्क यह है कि मेम्ना अब भी घायल दिखता है, उसके घाव मिटे नहीं, वे उसका सिंहासन हैं; जबकि पशु का घाव "अच्छा हो गया", ढँक गया, ताकि कोई कमज़ोरी न दिखे। एक शक्ति अपने घाव छिपाती है, दूसरी अपने घावों से बचाती है।

पृष्ठभूमि

पहली सदी के अन्त में एशिया माइनर के विश्वासी किसी दूर के भविष्य की नहीं, अपने शहर की बात पढ़ रहे थे। रोम समुद्र पार से आता था, इसलिए पशु समुद्र से निकलता है। सिक्कों पर सम्राट का चेहरा और देवतुल्य उपाधियाँ थीं, मन्दिरों में उसकी मूर्ति थी, और व्यापारिक संघों के भोजों में सम्राट और देवताओं को सम्मान देना सामान्य शिष्टाचार था। जो इनकार करता, वह ग्राहक खोता, सदस्यता खोता, कभी-कभी जान भी। धरती से निकलने वाला दूसरा पशु उन स्थानीय पुजारियों और नेताओं जैसा है जो साम्राज्य की भक्ति को धार्मिक रूप देते थे। यूहन्ना अपने पाठकों को यह नहीं बताता कि कैसे बचें; वह बताता है कि असली सिंहासन कहाँ है।

चिन्तन

आपके जीवन में वह कौन सी "छाप" है जिसके बिना आपको लगता है कि आपका काम या रिश्ता चल ही नहीं सकता?

यदि मेम्ना अपने घाव छिपाता नहीं, तो आप अपनी कमज़ोरी को छिपाने में इतनी ऊर्जा क्यों लगाते हैं?

Revelation में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

The Message of Revelation

Michael Wilcock

A steady, sane guide through the visions to the throne of the Lamb.

Revelation For Everyone

N.T. Wright

Wright makes the last book hopeful instead of frightening.

Revelation: An Introduction and Commentary

Leon Morris

A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Revelation

Craig Keener

Explains what it meant then, and bridges it honestly to life now.

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Revelation 13 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

प्रकाशितवाक्य 13 का क्या अर्थ है?
यूहन्ना समुद्र के किनारे खड़ा है और पानी में से एक पशु उठता है: दस सींग, सात सिर, चीते का शरीर, भालू के पाँव, सिंह का मुँह। अजगर, जो पिछले अध्याय में स्त्री से हार चुका था, अपना सिंहासन और अधिकार इसी पशु को सौंप देता है, और सारी पृथ्वी उसके पीछे चल पड़ती है। फिर धरती में से दूसरा पशु निकलता है, मेम्ने जैसे दो सींगों वाला पर अजगर की आवाज़ वाला, जो चिन्ह दिखाकर लोगों से पहले पशु की मूर्ति पुजवाता है और सबके दाहिने हाथ या माथे पर छाप लगवाता है, जिसके बिना कोई लेन-देन नहीं कर सकता।
प्रकाशितवाक्य 13 किस विषय में है?
पद 8 में एक वाक्यांश है जो पूरी बाइबल को एक साथ बाँध देता है: मेम्ना "जगत की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है।" क्रूस कोई आपातकालीन योजना नहीं थी जो तब बनी जब आदम गिर गया। सृष्टि के आरम्भ से ही परमेश्वर के हृदय में यह बलिदान था, और इसीलिए इतिहास का कोई भी पशु, कोई भी साम्राज्य, उसे पटरी से नहीं उतार सकता। दानिय्येल 7 में चीता, भालू और सिंह अलग-अलग राज्य थे जो एक के बाद एक उठे; यूहन्ना उन तीनों को एक ही शरीर में जोड़ देता है, मानो कह रहा हो: हर युग का अत्याचार एक ही पुरानी आत्मा का नया चेहरा है। और हर युग में वही उत्तर है, एक मारा हुआ मेम्ना जिसका नाम-रजिस्टर किसी छाप से मिटता नहीं।
प्रकाशितवाक्य 13 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
आज अपने फोन का भुगतान-इतिहास खोलिए, पिछले दस लेन-देन पढ़िए, और एक ऐसे खर्च पर उँगली रखिए जो डर या दिखावे से किया गया था; उसे ज़ोर से नाम दीजिए और कहिए, "मेम्ना ही मेरा प्रभु है।"
प्रकाशितवाक्य 13 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
पद 3 में घाव के लिए जो चित्र है, वह वही शब्द है जो प्रकाशितवाक्य 5:6 में मेम्ने के लिए इस्तेमाल हुआ है: "घात किया हुआ" (यूनानी में एस्फ़ाग्मेनोन, बलि के पशु की तरह गला काटा हुआ)। पशु भी ऐसा दिखता है "मानो वह मरने पर है", और फिर जी उठता है। यह संयोग नहीं, व्यंग्य है। शैतान जानता है कि दुनिया किस चीज़ के आगे झुकती है: मृत्यु से लौटा हुआ। इसलिए वह पुनरुत्थान का नकली संस्करण बाज़ार में उतारता है। फ़र्क यह है कि मेम्ना अब भी घायल दिखता है, उसके घाव मिटे नहीं, वे उसका सिंहासन हैं; जबकि पशु का घाव "अच्छा हो गया", ढँक गया, ताकि कोई कमज़ोरी न दिखे। एक शक्ति अपने घाव छिपाती है, दूसरी अपने घावों से बचाती है।
प्रकाशितवाक्य 13 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
आपके जीवन में वह कौन सी "छाप" है जिसके बिना आपको लगता है कि आपका काम या रिश्ता चल ही नहीं सकता?
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Revelation 13 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

उसे यह अधिकार दिया गया कि पवित्र लोगों से लड़े, और उन पर जय पाए।" ध्यान दे, अधिकार उसने छीना नहीं, उसे दिया गया। डोर किसी और के हाथ में है। तेरी ज़िंदगी में जो हार जैसा दिखता है, वह भी परमेश्वर की तय की हुई सीमा के भीतर है। पशु देह तक पहुँच सकता है, पर मेम्ने की पुस्तक में लिखे तेरे नाम तक नहीं।

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