योएल 3
बच्चे बेचे गए शराब के लिए
एक लड़का वेश्या के बदले, एक लड़की दाखमधु के एक प्याले के बदले। योएल 3:3 का यह वाक्य पढ़कर रुक जाइए। यह कोई काव्यात्मक अतिशयोक्ति नहीं है। यरूशलेम गिरने के बाद, जब बाबुल की सेना ने शहर को लूटा, तब पड़ोसी जातियाँ, विशेषकर सोर, सीदोन और पलिश्ती नगर, गिद्धों की तरह उतर आईं। यहूदी बंदी बाज़ार में बिके, और सैनिकों ने उन्हें आपस में बाँटने के लिए पासे फेंके, जैसे बाद में मसीह के वस्त्रों के लिए फेंके जाएँगे। एक शराब पीने की एक शाम, एक वेश्या के साथ एक रात, इसकी कीमत परमेश्वर की प्रजा का एक बच्चा था। योएल इसी दृश्य से शुरू करता है, क्योंकि परमेश्वर का न्याय इसी दृश्य को याद रखता है।
पाठ
योएल यहाँ एक भविष्यवाणी सुनाता है: परमेश्वर यहूदा को बँधुवाई से लौटाएँगे, और यहोशापात की तराई में सब जातियों का न्याय करेंगे, क्योंकि उन्होंने उनकी प्रजा को तितर-बितर किया, बेचा, और देश को बाँटा। फिर एक भयानक कटनी का दृश्य आता है, सूर्य-चंद्रमा बुझते हैं, यहोवा सिय्योन से गरजते हैं, परन्तु अपनी प्रजा के लिए शरणस्थान बनते हैं। अंत में एक चित्र आता है जहाँ पहाड़ों से दाखमधु टपकता है, और मंदिर से एक सोता निकलकर सूखी घाटी को सींचता है।
मर्म
यह अध्याय एक बात कहता है जो हमें असहज करती है: परमेश्वर हिसाब रखते हैं। हर वह लड़का जो शराब के बदले बेचा गया, हर वह लड़की जिसकी कीमत एक रात की मौज थी, परमेश्वर की स्मृति में दर्ज है। "यहोशापात" नाम का अर्थ है "यहोवा न्याय करते हैं", और यह तराई कोई भौगोलिक स्थान नहीं, यह एक धर्मशास्त्रीय बयान है। जो लोग सोचते हैं कि इतिहास केवल शक्तिशाली लोगों की मर्ज़ी से चलता है, कि छोटे लोगों के आँसू हवा में खो जाते हैं, उन्हें योएल कहता है: नहीं। एक दिन आएगा जब हिसाब खुलेगा। और उसी दिन, वही परमेश्वर जो न्यायी हैं, अपनी प्रजा के लिए "शरणस्थान और गढ़" ठहरते हैं (पद 16)। न्याय और शरण, एक ही परमेश्वर के दो चेहरे नहीं, एक ही सच्चाई के दो पहलू हैं।
सूत्र
पद 13 में हँसुआ चलाने और दाख रौंदने की छवि सीधे प्रकाशितवाक्य 14 में लौटती है, जहाँ मनुष्य का पुत्र बादल पर बैठकर पृथ्वी की फसल काटता है। योएल का यहोशापात नए नियम में मेमने का सिंहासन बन जाता है। और पद 18 का "सोता" जो मंदिर से निकलकर सूखी शित्तीम घाटी को सींचता है, वह यूहन्ना 7 में मसीह के उस वचन में गूँजता है जहाँ वे कहते हैं कि विश्वासी के भीतर से जीवित जल की नदियाँ बहेंगी। योएल एक पैटर्न बनाता है: जहाँ परमेश्वर की उपस्थिति है, वहाँ से जीवन बहता है, वहाँ तक जहाँ पहले केवल धूल थी। मसीह उस पैटर्न को पूरा करते हैं, अपने शरीर में मंदिर को, और अपनी आत्मा में उस सोते को लेकर।
दर्पण
हम "बड़ी बुराइयों" के बारे में सोचना पसंद करते हैं जैसे वे कहीं और होती हैं। परन्तु योएल 3 उन छोटे सौदों को उजागर करता है जहाँ हम किसी और की गरिमा को अपनी सुविधा के लिए बेच देते हैं। वह कर्मचारी जिसकी मेहनत को हम कम आँकते हैं क्योंकि सस्ता पड़ता है। वह रिश्ता जिसे हम एक दिन की चिड़चिड़ाहट के बदले तोड़ देते हैं। वह सच जिसे हम अपनी छवि बचाने के लिए दबा देते हैं। हर बार जब हम किसी व्यक्ति को उपकरण बना लेते हैं, हम पासा फेंक रहे हैं। योएल कहता है परमेश्वर देख रहे हैं, और यह डराने के लिए नहीं, बल्कि हमें उठाने के लिए, कि हम रुककर पूछें: मैंने किसकी कीमत आज कम आँकी?
बारीकी
पद 10 पर ठहरिए: "अपने-अपने हल की फाल को पीटकर तलवार, और अपनी-अपनी हँसिया को पीटकर बर्छी बनाओ।" यह वाक्य यशायाह और मीका में उल्टा आता है, वहाँ तलवारों से हल बनते हैं, यहाँ हलों से तलवारें। योएल भविष्य के शांति-राज्य को नहीं पलट रहा, वह जातियों को उनकी ही ज़बान में बुला रहा है। मानो परमेश्वर कह रहे हों: ठीक है, तुम युद्ध चाहते हो? आओ फिर। अपनी खेती की चीज़ों को हथियार बनाओ, अपने कमज़ोरों को भी वीर घोषित करो, सब कुछ झोंक दो। यह व्यंग्य है, दैवी व्यंग्य। जो जाति अपनी सारी शक्ति परमेश्वर के विरुद्ध लाती है, वह वास्तव में अपनी हार की तैयारी कर रही है। यहोशापात की तराई युद्धभूमि नहीं, कटनी का खेत है।
अंतर्पाठ
पद 16 का "यहोवा सिय्योन से गरजेगा" आमोस 1:2 से लगभग शब्दशः आता है, परन्तु वहाँ यह इस्राएल के विरुद्ध गरजना था, यहाँ यह उनके लिए है। एक ही आवाज़, विपरीत दिशा में, इस पर निर्भर करता है कि आप किस ओर खड़े हैं। और पद 18 का दाखमधु टपकाने वाला पर्वत आमोस 9:13 का सीधा प्रतिध्वनि है। नए नियम में, पद 13 का हँसुआ प्रकाशितवाक्य 14:15-18 में लौटता है, और पद 15 का बुझा हुआ सूर्य मत्ती 24:29 में मसीह के आगमन का चिह्न ब
पढ़ने योग्य मसीही पुस्तकें
आपकी भाषा में उपलब्ध, सावधानी से चुनी गई पुस्तकें।
अगस्तीन की व्यक्तिगत साक्षी परमेश्वर की अनुग्रह से बदलने वाली शक्ति को गहराई से प्रकट करती है।
चालीस दिनों की यह यात्रा आपको परमेश्वर के दिए जीवन-उद्देश्य को खोजने और जीने में सहायता करती है।
परमेश्वर की उपस्थिति का अभ्यास
रसोई में सेवा करते हुए भी परमेश्वर के साथ निरंतर संगति करने की सरल कला यह पुस्तक सिखाती है।
नाज़ी यातना-शिविर में भी क्षमा और विश्वास की यह सच्ची साक्षी परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की गवाही देती है।
प्रतिदिन के भक्ति-लेख यीशु की कोमल आवाज़ सुनने और उसकी शांति में विश्राम पाने में सहायता करते हैं।
एक Amazon Associate के रूप में, Faith.network योग्य खरीदारी से आय अर्जित करता है। इससे मंच निःशुल्क बना रहता है।
Joel 3 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।
योएल 3 का क्या अर्थ है?
योएल 3 किस विषय में है?
योएल 3 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
योएल 3 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
योएल 3 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
Joel 3 पर समुदाय क्या साझा करता है
इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।
पिता, धन्यवाद कि आपका वचन कहता है, "यहूदा सर्वदा और यरूशलेम पीढ़ी पीढ़ी बना रहेगा।" जब सब कुछ हिलता दिखता है, तब भी आपका बसाया हुआ स्थान उजड़ता नहीं। धन्यवाद कि मेरा घर, मेरी संतान और मेरा कल आपके इसी स्थायी वादे की छाँव में सुरक्षित है।
पिता, धन्यवाद कि आप कहते हैं, "मैं उनको उस स्थान से जिसमें तुमने उनको बेच दिया है, लौटा ले आऊँगा।" जो बिक गए, बिखर गए, भुला दिए गए, उन्हें आप नाम लेकर वापस बुलाते हैं। धन्यवाद कि आप हमारे साथ हुए अन्याय को न भूलते हैं, और लौटा लाना आपका काम है।
पिता, तू हमारे बीच रहता है, यही मेरी सबसे बड़ी सांत्वना है। जब डर भीतर घुसने की कोशिश करता है, तू मेरे मन की दीवार बन जा। मुझे यह जानने दे कि तू ही मेरा परमेश्वर है, और तेरी उपस्थिति में मैं सुरक्षित हूँ।
और मेरी प्रजा पर चिट्ठी डाली, और एक लड़के को वेश्या के बदले में दे दिया, और एक लड़की को दाखमधु के बदले में बेचकर पी गए।" एक बच्चा, एक रात के नशे के बराबर। परमेश्वर यह भूला नहीं। जिन्हें दुनिया ने सस्ता आँका, उनका मोल वह खुद चुकाता है। सोच, तूने किसे इतना कम मूल्य का समझ रखा है?
इस अंश को किसी और स्तर पर देखें
शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।
अध्ययन टूल में खोलें
