बाइबल व्याख्या

निर्गमन 2:15

बाइबल
यह वचन Evangelical Church of Maraland, Goshen द्वारा समर्पित है

पाठ

फ़िरौन के कानों तक बात पहुँच जाती है, और उसी क्षण मिस्र का राजकुमार एक शिकार बन जाता है: "जब फ़िरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की योजना की।" जो कल तक महल में पला था, आज अपनी जान बचाकर भाग रहा है। वह पूरब की ओर रेगिस्तान पार करके मिद्यान देश पहुँचता है, एक अनजान भूमि, जहाँ उसका नाम किसी के लिए कुछ नहीं। और वाक्य का अन्त अजीब सी शान्ति से होता है: "वह वहाँ एक कुएँ के पास बैठ गया।" न कोई योजना, न कोई शरण, न कोई परिचय। बस एक थका हुआ आदमी, धूल से भरा, रेगिस्तान के बीच पानी के एक गड्ढे के किनारे बैठा हुआ, यह भी नहीं जानता कि आगे क्या होगा।

मर्म

इस एक पद में परमेश्वर का नाम तक नहीं आता, और यही इसकी गहराई है। जिस व्यक्ति को परमेश्वर इस्राएल का छुड़ानेवाला बनाएँगे, वह यहाँ अपने ही हाथों अपनी बनाई हुई हिंसा के मलबे में दबा हुआ है। मूसा ने रेत में लाश छिपाई थी; अब वह स्वयं रेत में छिप रहा है। मुक्ति मानवीय साहस या सही समय पर उठाए गए सही कदम से नहीं आती; वह परमेश्वर की वाचा से आती है, जिसे वे इसी अध्याय के अन्त में "स्मरण" करते हैं। चालीस साल की चुप्पी, एक परदेशी का जीवन, एक कुएँ के किनारे की धूल: यह असफलता नहीं, यह गढ़ाई है। परमेश्वर अपने सेवक को पहले खाली करते हैं, तब भेजते हैं।

जोड़नेवाला धागा

मिस्र से भागा हुआ, रेगिस्तान पार करके, एक परदेशी के रूप में जीवित रहना: यह कहानी इस्राएल की अपनी कहानी का छोटा नमूना है। जो मूसा के साथ एक आदमी के रूप में हुआ, वही आगे पूरी जाति के साथ होगा, मिस्र से निकलना, जंगल, पानी की खोज। और परमेश्वर बार-बार इसी ढर्रे पर काम करते हैं: छुड़ानेवाला पहले स्वयं बाहर निकाला जाता है। यूसुफ़ कुएँ में डाला गया, फिर मिस्र में; दाऊद गुफ़ाओं में भागता फिरा, फिर राजा बना। और अन्त में वह एक जिसे हेरोदेस की तलवार से बचकर मिस्र भागना पड़ा, जो अपने ही लोगों के बीच "परदेशी" रहा, और जो एक कुएँ के किनारे बैठकर प्यासे होते हुए दूसरों को जीवन का जल देने लगा। मूसा का कुआँ उस कुएँ की ओर इशारा करता है।

दर्पण

हममें से बहुतों के जीवन में एक ऐसा मोड़ है जिसके बाद सब कुछ बदल गया, और जो हमारी ही गलती से आया। एक नौकरी जो गुस्से में छूट गई। एक रिश्ता जो एक वाक्य से टूट गया। एक निर्णय जो नेक इरादे से लिया था और जिसने सब बिखेर दिया। हम उस दिन को अपने जीवन का विराम चिह्न मान लेते हैं: अब परमेश्वर मुझसे क्या करवाएँगे? मूसा की धूल भरी पीठ इसका उत्तर है। परमेश्वर ने उसे उसकी असफलता के बावजूद नहीं, बल्कि उसकी असफलता के बीच से होकर बुलाया, और बुलाने में चालीस साल लगा दिए। आपकी प्रतीक्षा बेकार नहीं है; वह खाली की जा रही जगह है। आज एक कागज़ पर एक ही वाक्य में वह असफलता लिखिए जिसके कारण आप स्वयं को अयोग्य समझते हैं, नीचे लिखिए "मूसा भी एक कुएँ के पास बैठा था", और उस कागज़ को अपनी बाइबिल में निर्गमन 2 के पन्ने पर रख दीजिए।

कठिन प्रश्न

मूसा ने खून किया था। पाठ इसे छिपाता नहीं, न ही कहीं कहता है कि परमेश्वर ने उसे क्षमा किया, न कोई बलिदान, न कोई पश्चाताप का वाक्य। वह बस भाग जाता है, शादी करता है, बच्चा पैदा होता है, और फिर जलती झाड़ी में परमेश्वर उससे बात करते हैं जैसे कुछ हुआ ही न हो। यह हमें असहज करता है, और करना भी चाहिए। बाइबल यहाँ हमें एक साफ़-सुथरा नैतिक पाठ नहीं देती। वह केवल इतना दिखाती है कि परमेश्वर का चुनाव हमारी योग्यता पर नहीं टिका। यह राहत भी है और डर भी: राहत, क्योंकि मेरे अतीत का सबसे काला पन्ना मुझे अयोग्य नहीं ठहराता; डर, क्योंकि इसका अर्थ है कि परमेश्वर का हिसाब मेरे हिसाब जैसा नहीं चलता। इस खुलेपन को बंद करने की कोशिश मत कीजिए।

अन्तर्पाठ

इसी पद के साथ इब्रानियों 11:27 का उल्लेख है, और वहाँ लिखा है कि मूसा राजा के क्रोध से न डरकर मिस्र छोड़ गया। पर निर्गमन साफ़ कहता है कि "मूसा यह सोचकर डर गया"। यह विरोधाभास नहीं, दो नज़रें हैं: एक उस क्षण की, दूसरी पीछे मुड़कर देखने वाली विश्वास की नज़र, जो जानती है कि जो काँपते हाथों से उठाया गया कदम था, वह परमेश्वर के हाथ में विश्वास का कदम निकला। और दूसरा गूँजता दृश्य: याकूब भी भागकर, अकेला, एक कुएँ के पास पहुँचा था और वहीं उसे पत्नी मिली और एक नया जीवन शुरू हुआ। पहले पाठक यह ढर्रा पहचानते थे। कुआँ वह जगह है जहाँ भागे हुए आदमी की कहानी दोबारा शुरू होती है।

मुख्य पात्र

मूसा यहाँ न राजकुमार है न भविष्यद्वक्ता। वह एक ऐसा आदमी है जिसकी दोनों पहचानें एक साथ टूट चुकी हैं: मिस्री उसे हत्यारा कहते हैं, इब्री उसे पूछते हैं, "किसने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया?" वह किसी का नहीं रहा। मिद्यान की बेटियाँ उसे "एक मिस्री पुरुष" कहेंगी, और वह अपने बेटे का नाम रखेगा गेर्शोम, क्योंकि "मैं अन्य देश में परदेशी हूँ।" यह आदमी भीतर से बेघर है। और फिर भी, कुएँ पर वह चुप नहीं बैठा रहता; चरवाहे जब लड़कियों को हटाने लगते हैं, वह उठकर उनकी सहायता करता है। न्याय की वही आग जो मिस्र में हिंसा बन गई थी, यहाँ सेवा बन जाती है। परमेश्वर उसका स्वभाव मिटाते नहीं, उसे साफ़ करते हैं।

चिंतन

आपके जीवन का कौन सा "कुएँ के पास बैठना" अभी चल रहा है, और क्या आप उसे सज़ा समझ रहे हैं या तैयारी?

मूसा के भीतर की वही आग कहीं आपमें भी है; वह इस सप्ताह विनाश बनी या सेवा?

Exodus में और गहराई से जानें

चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।

The Message of Exodus

Alec Motyer

Traces how God rescues a people for himself, from slavery to Sinai.

Exodus For You

Tim Chester

An accessible chapter by chapter guide that keeps pointing to Jesus.

Exodus: An Introduction and Commentary

R. Alan Cole

A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.

Exodus

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Exodus: Saved for God's Glory

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Exodus 2:15 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।

निर्गमन 2:15 का क्या अर्थ है?
फ़िरौन के कानों तक बात पहुँच जाती है, और उसी क्षण मिस्र का राजकुमार एक शिकार बन जाता है: "जब फ़िरौन ने यह बात सुनी तब मूसा को घात करने की योजना की।" जो कल तक महल में पला था, आज अपनी जान बचाकर भाग रहा है। वह पूरब की ओर रेगिस्तान पार करके मिद्यान देश पहुँचता है, एक अनजान भूमि, जहाँ उसका नाम किसी के लिए कुछ नहीं। और वाक्य का अन्त अजीब सी शान्ति से होता है: "वह वहाँ एक कुएँ के पास बैठ गया।" न कोई योजना, न कोई शरण, न कोई परिचय। बस एक थका हुआ आदमी, धूल से भरा, रेगिस्तान के बीच पानी के एक गड्ढे के किनारे बैठा हुआ, यह भी नहीं जानता कि आगे क्या होगा।
निर्गमन 2:15 किस विषय में है?
मिस्र से भागा हुआ, रेगिस्तान पार करके, एक परदेशी के रूप में जीवित रहना: यह कहानी इस्राएल की अपनी कहानी का छोटा नमूना है। जो मूसा के साथ एक आदमी के रूप में हुआ, वही आगे पूरी जाति के साथ होगा, मिस्र से निकलना, जंगल, पानी की खोज। और परमेश्वर बार-बार इसी ढर्रे पर काम करते हैं: छुड़ानेवाला पहले स्वयं बाहर निकाला जाता है। यूसुफ़ कुएँ में डाला गया, फिर मिस्र में; दाऊद गुफ़ाओं में भागता फिरा, फिर राजा बना। और अन्त में वह एक जिसे हेरोदेस की तलवार से बचकर मिस्र भागना पड़ा, जो अपने ही लोगों के बीच "परदेशी" रहा, और जो एक कुएँ के किनारे बैठकर प्यासे होते हुए दूसरों को जीवन का जल देने लगा। मूसा का कुआँ उस कुएँ की ओर इशारा करता है।
निर्गमन 2:15 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
मूसा ने खून किया था। पाठ इसे छिपाता नहीं, न ही कहीं कहता है कि परमेश्वर ने उसे क्षमा किया, न कोई बलिदान, न कोई पश्चाताप का वाक्य। वह बस भाग जाता है, शादी करता है, बच्चा पैदा होता है, और फिर जलती झाड़ी में परमेश्वर उससे बात करते हैं जैसे कुछ हुआ ही न हो। यह हमें असहज करता है, और करना भी चाहिए। बाइबल यहाँ हमें एक साफ़-सुथरा नैतिक पाठ नहीं देती। वह केवल इतना दिखाती है कि परमेश्वर का चुनाव हमारी योग्यता पर नहीं टिका। यह राहत भी है और डर भी: राहत, क्योंकि मेरे अतीत का सबसे काला पन्ना मुझे अयोग्य नहीं ठहराता; डर, क्योंकि इसका अर्थ है कि परमेश्वर का हिसाब मेरे हिसाब जैसा नहीं चलता। इस खुलेपन को बंद करने की कोशिश मत कीजिए।
निर्गमन 2:15 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
मूसा यहाँ न राजकुमार है न भविष्यद्वक्ता। वह एक ऐसा आदमी है जिसकी दोनों पहचानें एक साथ टूट चुकी हैं: मिस्री उसे हत्यारा कहते हैं, इब्री उसे पूछते हैं, "किसने तुझे हम लोगों पर हाकिम और न्यायी ठहराया?" वह किसी का नहीं रहा। मिद्यान की बेटियाँ उसे "एक मिस्री पुरुष" कहेंगी, और वह अपने बेटे का नाम रखेगा गेर्शोम, क्योंकि "मैं अन्य देश में परदेशी हूँ।" यह आदमी भीतर से बेघर है। और फिर भी, कुएँ पर वह चुप नहीं बैठा रहता; चरवाहे जब लड़कियों को हटाने लगते हैं, वह उठकर उनकी सहायता करता है। न्याय की वही आग जो मिस्र में हिंसा बन गई थी, यहाँ सेवा बन जाती है। परमेश्वर उसका स्वभाव मिटाते नहीं, उसे साफ़ करते हैं।
निर्गमन 2:15 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
मूसा के भीतर की वही आग कहीं आपमें भी है; वह इस सप्ताह विनाश बनी या सेवा?
हमारे साझेदारों के सहयोग से संभव

Exodus 2 पर समुदाय क्या साझा करता है

इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 14

किसने तुझे हम पर हाकिम और न्यायी ठहराया?" यह सवाल मूसा को चुभ गया, क्योंकि सच यही था। अभी परमेश्वर ने उसे भेजा नहीं था। उसने इधर उधर देखकर, छिपकर, अपने हाथ से छुड़ाना चाहा। चालीस साल बाद वही मूसा जलती झाड़ी के सामने बुलाया गया। तेरे भीतर का जोश गलत नहीं है। पर पूछ ले, यह काम तू कर रहा है या परमेश्वर तुझसे करवा रहा है?

प्रार्थना संपादकीय पर पद 17

पिता, जब मुझे किनारे धकेला जाता है और कोई पक्ष नहीं लेता, तब भी तू देखता है। तू ऐसे लोग भेजता है जो उठकर मेरी मदद करते हैं। मुझे भी वैसा ही साहस दे कि जहाँ किसी के साथ अन्याय हो, मैं चुप न रहूँ, बल्कि आगे बढ़कर हाथ बढ़ाऊँ।

धन्यवाद संपादकीय पर पद 6

पिता, धन्यवाद कि आपने फ़िरौन की बेटी के मन में तरस डाल दिया, जब उसने रोते हुए बच्चे को देखा। धन्यवाद कि मूसा का वह छोटा सा रोना भी अनसुना न रहा, और आपने शत्रु के घर में ही उसके लिए सुरक्षा तैयार कर रखी थी। हमारे आँसुओं पर भी आपकी वही दयादृष्टि है।

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